Arunachal LAC Tension: अरुणाचल प्रदेश में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के आसपास भारत और चीन के बीच सैन्य गतिविधियों को लेकर सामने आ रही खबरों के बीच बीजिंग ने स्थिति को ज्यादा गंभीर नहीं बताया है। चीन ने बुधवार को कहा कि फिलहाल दोनों देशों के बीच सीमा की स्थिति सामान्य और स्थिर बनी हुई है। चीन का यह बयान ऐसे समय आया है, जब अरुणाचल प्रदेश के कुछ इलाकों में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच कथित आमने-सामने की खबरें सामने आई हैं।

राजनयिक और सैन्य स्तर पर संपर्क जारी
‘द हिंदू’ की रिपोर्ट के मुताबिक, चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने कहा कि भारत और चीन सीमा क्षेत्रों में शांति एवं स्थिरता बनाए रखने के लिए राजनयिक और सैन्य माध्यमों के जरिए लगातार संपर्क में हैं। उनके मुताबिक, दोनों पक्ष सीमा से जुड़े मामलों को संभालने और किसी भी गलतफहमी या गलत आकलन से बचने के लिए संवाद के माध्यमों का इस्तेमाल कर रहे हैं।

भारतीय विदेश मंत्रालय के बयान के बाद आया चीन का जवाब
गुओ जियाकुन का यह बयान भारत के विदेश मंत्रालय की टिप्पणी के एक दिन बाद सामने आया। भारतीय पक्ष ने कहा था कि सीमा पर बनी स्थिति का सीधा असर भारत और चीन के व्यापक द्विपक्षीय संबंधों पर पड़ता है। भारत ने यह भी बताया था कि दोनों देश सीमा क्षेत्रों में किसी भी गलतफहमी या गलत आकलन से बचने के लिए राजनयिक और सैन्य माध्यमों से संवाद बनाए रखने पर सहमत हैं।
ऊपरी सुबनसिरी में जुलाई से सामने आई स्थिति
अरुणाचल प्रदेश में मौजूदा घटनाक्रम को लेकर भारत सरकार की ओर से फिलहाल विस्तृत आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। हालांकि, घटनाक्रम से परिचित लोगों ने नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर बताया कि जुलाई की शुरुआत में ऊपरी सुबनसिरी जिले के दूरदराज के तक्सिंग क्षेत्र में स्थिति को लेकर समस्या सामने आई थी। इसके बाद दोनों देशों के सैनिकों के बीच कई मौकों पर आमना-सामना होने की जानकारी सामने आई।
चीन ने सीमा पर स्थिति को बताया सामान्य
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने मीडिया ब्रीफिंग के दौरान कहा कि इस समय चीन-भारत सीमा की स्थिति सामान्य रूप से स्थिर है। उन्होंने सीमा पर किसी बड़े बदलाव का संकेत नहीं दिया। चीन की ओर से यह बयान ऐसे समय आया है, जब भारतीय सोशल मीडिया पर अरुणाचल प्रदेश के आसपास चीनी सैन्य गतिविधियों से जुड़े कुछ वीडियो और दावे चर्चा में हैं।

WMCC की बैठक का भी किया जिक्र
गुओ जियाकुन ने भारत और चीन के बीच सीमा मामलों से जुड़े संवाद का उल्लेख करते हुए बताया कि पिछले सप्ताह चीन-भारत सीमा मामलों पर परामर्श और समन्वय के लिए कार्य तंत्र यानी WMCC की 36वीं बैठक आयोजित हुई थी। हालांकि, उन्होंने बैठक में हुई चर्चा और उसमें लिए गए संभावित फैसलों के बारे में विस्तृत जानकारी साझा नहीं की।
सैन्य गतिविधियों के वीडियो पर चीन का जवाब
मीडिया ब्रीफिंग के दौरान गुओ से भारतीय सोशल मीडिया पर प्रसारित उन वीडियो के बारे में सवाल पूछा गया, जिनमें अरुणाचल प्रदेश के इलाके में चीन की सैन्य गतिविधियां बढ़ने का दावा किया जा रहा था। हालांकि, चीनी प्रवक्ता ने कथित सैन्य गतिरोध को सीधे तौर पर स्वीकार या खारिज नहीं किया। उन्होंने मुख्य रूप से सीमा की मौजूदा स्थिति को सामान्य और स्थिर बताया।
शांति बनाए रखने पर दोनों देशों की सहमति
अरुणाचल प्रदेश के पास हालिया सैन्य घटनाक्रम और क्षेत्र में चीनी सैन्य गतिविधियों को लेकर पूछे गए सवालों पर गुओ ने कहा कि भारत और चीन सीमा क्षेत्रों में शांति एवं स्थिरता बनाए रखने के लिए राजनयिक और सैन्य माध्यमों के जरिए संपर्क जारी रखने पर सहमत हैं। उनके बयान का मुख्य जोर संवाद और सीमा पर स्थिरता बनाए रखने पर रहा।
भारत के बयान से मिलती-जुलती रही चीन की बात
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता की टिप्पणी भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल के मंगलवार को नई दिल्ली में दिए गए बयान से काफी हद तक मेल खाती दिखाई दी। भारतीय पक्ष भी पहले स्पष्ट कर चुका है कि सीमा से जुड़े किसी भी गलत आकलन को रोकने के लिए दोनों देशों के बीच स्थापित राजनयिक और सैन्य संवाद तंत्र महत्वपूर्ण हैं।
2020 के बाद रिश्तों में बढ़ा था तनाव
भारत और चीन इस समय लंबे समय से चले आ रहे तनाव को कम करने और द्विपक्षीय संबंधों को धीरे-धीरे सामान्य बनाने की कोशिश कर रहे हैं। दोनों देशों के रिश्तों में सबसे बड़ा तनाव वर्ष 2020 में लद्दाख क्षेत्र में LAC पर सैन्य गतिरोध के बाद आया था। इसी वर्ष जून में गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प ने दोनों देशों के संबंधों को गंभीर रूप से प्रभावित किया था।
सीमा विवाद का असर व्यापक रिश्तों पर
गलवान की घटना के बाद भारत और चीन के बीच सैन्य एवं राजनयिक स्तर पर कई दौर की बातचीत हुई है। दोनों देशों ने सीमा पर तनाव कम करने के लिए विभिन्न स्तरों पर संवाद किया। इसके बावजूद LAC पर विश्वास बहाली की प्रक्रिया अभी भी संवेदनशील बनी हुई है। ऐसे में अरुणाचल प्रदेश से जुड़ी किसी भी सैन्य गतिविधि की खबर दोनों देशों के बीच व्यापक संबंधों के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है।
अरुणाचल पर भारत की सतर्क नजर
अरुणाचल प्रदेश भारत और चीन के बीच सीमा विवाद का एक संवेदनशील क्षेत्र है। भारत लगातार इस क्षेत्र में अपनी सुरक्षा और सैन्य तैयारियों पर जोर देता रहा है। दूसरी ओर, चीन अरुणाचल प्रदेश के कई इलाकों पर अपना दावा करता रहा है, जिसे भारत स्पष्ट रूप से खारिज करता है। ऐसे में सीमा पर किसी भी नई गतिविधि को लेकर दोनों देशों की सेनाएं सतर्क रहती हैं।
आगे संवाद पर रहेगी दोनों देशों की नजर
फिलहाल चीन ने सीमा की स्थिति को सामान्य और स्थिर बताया है, जबकि भारत ने सीमा की परिस्थितियों को द्विपक्षीय संबंधों से जोड़कर देखा है। ऐसे में आने वाले दिनों में दोनों देशों के सैन्य और राजनयिक संपर्क महत्वपूर्ण होंगे। यदि संवाद लगातार जारी रहता है और किसी भी गलतफहमी को समय रहते दूर किया जाता है, तो अरुणाचल प्रदेश में तनाव को बढ़ने से रोकने में मदद मिल सकती है। फिलहाल पूरे घटनाक्रम पर दोनों देशों की नजर बनी हुई है।
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