Ayodhya Deepotsav 2026 : उत्तर प्रदेश की रामनगरी अयोध्या एक बार फिर ऐतिहासिक दीपोत्सव के लिए पूरी तरह तैयार है। दसवें दीपोत्सव-2026 की शुरुआत शनिवार को भव्य धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ होगी। एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन संतों और धर्माचार्यों की उपस्थिति में इस आयोजन का शुभारंभ करेंगे। इस खास अवसर पर उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहेंगे। दीपोत्सव को लेकर पूरी अयोध्या नगरी को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। शहर के मंदिरों में धार्मिक अनुष्ठान, भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।
सरयू के 56 घाटों पर जगमगाएंगे असंख्य दीप
इस वर्ष दीपोत्सव का सबसे बड़ा आकर्षण सरयू नदी के किनारे स्थित 56 घाट होंगे। यहां असंख्य दीप जलाकर पूरी रामनगरी को रोशनी से सजाया जाएगा। दीपों की जगमगाहट के बीच सरयू तट का नजारा बेहद भव्य और आकर्षक दिखाई देगा। वहीं, श्रीराम जन्मभूमि मंदिर को भी रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया है। मंदिर परिसर और आसपास के प्रमुख स्थलों पर विशेष सजावट की गई है। दीपोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं और पर्यटकों को अयोध्या में धार्मिक आस्था के साथ आधुनिक रोशनी का अनूठा संगम देखने को मिलेगा।

13 राज्यों की झांकियां बनेंगी दीपोत्सव का मुख्य आकर्षण
दीपोत्सव के दौरान भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण के अयोध्या आगमन को प्रतीकात्मक रूप से दर्शाती भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। इस शोभायात्रा में देश के 13 राज्यों के सांस्कृतिक दल हिस्सा लेंगे। इसके अलावा रामायण के अलग-अलग प्रसंगों पर आधारित आकर्षक झांकियां भी तैयार की गई हैं। इन झांकियों के माध्यम से भगवान श्रीराम के जीवन, आदर्शों और रामायण की महत्वपूर्ण घटनाओं को दर्शाया जाएगा। धर्मपथ सहित शहर के अन्य प्रमुख मार्गों को विशेष थीम वाली आधुनिक लाइटिंग और एलईडी पैनलों से सजाया गया है।

राम की पैड़ी पर होगा 3-डी प्रोजेक्शन और लेजर शो
इस बार दीपोत्सव में आधुनिक तकनीक के जरिए भी दर्शकों को आकर्षित करने की तैयारी है। राम की पैड़ी पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ 3-डी प्रोजेक्शन मैपिंग और भव्य लेजर शो आयोजित किया जाएगा। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से रामायण के महत्वपूर्ण प्रसंगों को आकर्षक अंदाज में दिखाया जाएगा। इसके अलावा रामायण की कथाओं पर आधारित विशेष ड्रोन शो भी आयोजित होगा। नया घाट पर संगीत के साथ आतिशबाजी की विशेष व्यवस्था की गई है। रोशनी, संगीत और आधुनिक तकनीक का यह संगम दीपोत्सव की भव्यता को और बढ़ाएगा।
देश-विदेश के रामलीला दल करेंगे भगवान राम की लीलाओं का मंचन
दीपोत्सव के दौरान भारत और विदेशों से आए रामलीला दल भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़ी घटनाओं का मंचन करेंगे। इन प्रस्तुतियों में रामायण के प्रमुख प्रसंगों को नाटकीय और सांस्कृतिक रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। आयोजन को यादगार बनाने के लिए देश और प्रदेश के करीब 2,000 कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे। लोकनृत्य, पारंपरिक संगीत, रामलीला और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए अयोध्या का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बनाया जाएगा। अलग-अलग राज्यों की सांस्कृतिक झलक भी इस आयोजन में देखने को मिलेगी।

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और सीएम योगी भी होंगे शामिल
दसवें दीपोत्सव के शुभारंभ कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन के साथ राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मौजूद रहेंगे। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक भी कार्यक्रम में शामिल होंगे। मंत्री सूर्य प्रताप शाही और जयवीर सिंह समेत कई अन्य जनप्रतिनिधियों और गणमान्य लोगों की उपस्थिति भी प्रस्तावित है। संतों और धर्माचार्यों की मौजूदगी में होने वाला यह आयोजन धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है।
दीपोत्सव से दुनिया देखेगी अयोध्या की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान
दसवें दीपोत्सव के जरिए अयोध्या को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धार्मिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में प्रस्तुत करने की तैयारी है। 56 घाटों की रोशनी, राम मंदिर की भव्य सजावट, 13 राज्यों की झांकियां, लेजर शो और हजारों कलाकारों की प्रस्तुतियां इस आयोजन को खास बनाएंगी। श्रद्धालुओं के लिए यह अवसर भगवान श्रीराम की नगरी में आस्था और उत्सव का अनुभव करने का होगा। पूरे आयोजन के दौरान अयोध्या में रामायण की संस्कृति, भारतीय परंपरा और आधुनिक तकनीक का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा।
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