Mohammed Shami Retirement : भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है। शुक्रवार, 6 नवंबर की देर रात उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए अपने फैसले की जानकारी दी। शमी के इस ऐलान से भारतीय क्रिकेट प्रेमियों को बड़ा झटका लगा है। पिछले कई महीनों से फैंस उनकी टेस्ट टीम में वापसी का इंतजार कर रहे थे, लेकिन अब सफेद जर्सी में उनका सफर समाप्त हो गया है। हालांकि, उन्होंने वनडे और टी20 क्रिकेट से संन्यास नहीं लिया है।
‘सफेद जर्सी से विदा ले रहा हूं, यादें हमेशा रहेंगी’
संन्यास की घोषणा के साथ शमी ने सोशल मीडिया पर एक भावुक संदेश भी लिखा। उन्होंने कहा, ”सफेद जर्सी से विदा ले रहा हूं, लेकिन उससे जुड़ी यादों से कभी नहीं।” शमी के मुताबिक, टेस्ट क्रिकेट उनके लिए महज एक खेल का प्रारूप नहीं, बल्कि जिंदगी का बेहद खास हिस्सा रहा है। जब उन्होंने पहली बार भारतीय टेस्ट टीम की जर्सी पहनी थी, तब उनका सपना देश के लिए शानदार प्रदर्शन करने का था। उन्होंने अपने सफर में मिले हर विकेट, संघर्ष, चोट और वापसी को सीखने का महत्वपूर्ण अनुभव बताया।

टीम इंडिया, BCCI और बंगाल क्रिकेट का जताया आभार
36 वर्षीय तेज गेंदबाज ने अपने भावुक संदेश में भारतीय टीम के साथियों, कोच, परिवार और प्रशंसकों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि मुश्किल और अच्छे दोनों समय में करोड़ों भारतीयों ने उन पर भरोसा बनाए रखा। इसके लिए वह हमेशा आभारी रहेंगे। शमी ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) और क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल (CAB) का भी विशेष रूप से शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा कि इन संस्थाओं ने उनकी प्रतिभा पर विश्वास किया और क्रिकेट करियर को आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण अवसर दिए।

टेस्ट डेब्यू में ही वेस्टइंडीज के खिलाफ मचाया था धमाल
उत्तर प्रदेश के अमरोहा में जन्मे मोहम्मद शमी ने बंगाल क्रिकेट के जरिए अपनी पहचान बनाई थी। घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के बाद उन्हें 2013 में भारतीय टेस्ट टीम में जगह मिली। उनका टेस्ट डेब्यू कोलकाता के ऐतिहासिक ईडन गार्डन्स मैदान पर वेस्टइंडीज के खिलाफ हुआ था। इसी मुकाबले में रोहित शर्मा ने भी टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया था और शानदार शतक लगाया था। जहां रोहित को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया, वहीं शमी ने पहली पारी में चार और दूसरी पारी में पांच विकेट लेकर भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई।
बुमराह के साथ मिलकर बनाया दुनिया का खतरनाक पेस अटैक
टेस्ट क्रिकेट में शमी ने धीरे-धीरे अपनी अलग पहचान बना ली। जसप्रीत बुमराह, इशांत शर्मा, उमेश यादव और भुवनेश्वर कुमार जैसे तेज गेंदबाजों के साथ मिलकर उन्होंने भारतीय गेंदबाजी आक्रमण को बेहद मजबूत बनाया। पिछले दशक में भारतीय टीम ने विदेशी मैदानों पर भी शानदार प्रदर्शन किया। ऑस्ट्रेलिया में ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज जीतने के अलावा इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका में भी भारत को कई यादगार सफलताएं मिलीं। इन उपलब्धियों में शमी की गेंदबाजी का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

64 टेस्ट मैचों में 229 विकेट लेकर खत्म किया सफर
मोहम्मद शमी ने अपने टेस्ट करियर में कुल 64 मुकाबले खेले और 229 विकेट हासिल किए। इस दौरान उन्होंने छह बार एक पारी में पांच या उससे अधिक विकेट लेने का कारनामा किया। उनका गेंदबाजी औसत 27.71 और स्ट्राइक रेट 50 रहा। टेस्ट क्रिकेट में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2018 के पर्थ मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आया था। उस मैच की दूसरी पारी में उन्होंने 56 रन देकर छह विकेट झटके थे। ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका और भारत में उन्होंने दो-दो बार पांच विकेट लेने का कारनामा किया।
वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2023 में खेला आखिरी टेस्ट
शमी ने भारत के लिए अपना आखिरी टेस्ट मुकाबला 2023 वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में खेला था। इसके बाद से वह टेस्ट टीम में वापसी नहीं कर सके। लंबे समय तक उनकी वापसी को लेकर चर्चाएं होती रहीं, लेकिन अब उनके संन्यास के फैसले से टेस्ट क्रिकेट में उनका अध्याय समाप्त हो गया है। भारतीय क्रिकेट में उनके योगदान को लंबे समय तक याद किया जाएगा।
वनडे वर्ल्ड कप 2027 में वापसी की उम्मीद बरकरार
टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के बावजूद मोहम्मद शमी सीमित ओवरों के क्रिकेट में खेलना जारी रखेंगे। उन्होंने वनडे और टी20 फॉर्मेट को अलविदा नहीं कहा है। ऐसे में 2027 में दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में होने वाले वनडे वर्ल्ड कप के लिए उनकी वापसी की उम्मीद बनी हुई है। शमी ने भारत के लिए अपना आखिरी वनडे मुकाबला चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में खेला था। इसके बाद से वह टीम से बाहर चल रहे हैं। अब फैंस की नजर इस बात पर रहेगी कि क्या शमी एक बार फिर भारतीय जर्सी में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी कर पाएंगे।

