Ram Temple Donation : अयोध्या स्थित भगवान श्री राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। इस संवेदनशील प्रकरण पर समाजवादी पार्टी के अयोध्या सांसद अवधेश प्रसाद ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में निष्पक्ष जांच की मांग की है। सांसद का कहना है कि यह केवल एक साधारण चोरी नहीं, बल्कि एक बड़े घोटाले और डकैती जैसा मामला है। चूंकि यह मुद्दा देशभर के करोड़ों आस्थावानों से जुड़ा है, इसलिए इसकी गंभीरता को देखते हुए सर्वोच्च न्यायालय को स्वयं संज्ञान लेना चाहिए और एक विशेष टीम गठित कर पूरे घटनाक्रम की न्यायिक जांच करानी चाहिए।

चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे पर सपा का रुख
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे पर टिप्पणी करते हुए सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि यह कदम बहुत पहले ही उठा लिया जाना चाहिए था। उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार की परतें सामने आने के बाद नैतिक आधार पर इन पदाधिकारियों को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए था। समाजवादी पार्टी इस पूरे मामले को एक ‘महाघोटाला’ करार दे रही है और निष्पक्ष जांच के लिए निरंतर दबाव बनाए हुए है। सपा का स्पष्ट मानना है कि जब तक शीर्ष स्तर पर जवाबदेही तय नहीं होती, तब तक जनता का विश्वास बहाल करना मुश्किल है।

अखिलेश यादव का बीजेपी पर तीखा हमला
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से भारतीय जनता पार्टी पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने ‘लंकाकांड’ का जिक्र करते हुए लिखा कि प्रभु की अलौकिक शक्ति ने चमत्कार दिखाया है और अब अहंकार के साम्राज्य का अंत निश्चित है। अखिलेश ने तंज कसते हुए कहा, “जिनकी आंखों का पानी लालच ने मार दिया है, वे दूध का दूध और पानी का पानी कैसे करेंगे?” उन्होंने मंदिर में सोने-चांदी की घटतौली और गहनों की चोरी को लेकर बीजेपी सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं और इसे भ्रष्टाचार का घोर अंधकार बताया है।
8 आरोपी गिरफ्तार, सीसीटीवी फुटेज में खुला बड़ा राज
इस मामले में पुलिस और एसआईटी (SIT) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अब तक कुल आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। जांच के दौरान पुलिस ने न्यायालय को सूचित किया कि आरोपियों के पास से लगभग 79 लाख 84 हजार रुपये बरामद किए जा चुके हैं। एसआईटी ने जब 27 अप्रैल से 5 जून तक की 45 दिनों की सीसीटीवी फुटेज खंगाली, तो चौंकाने वाले खुलासे हुए। इन फुटेज में आरोपी 70 बार चोरी की घटनाओं को अंजाम देते हुए पाए गए हैं। इस पूरे प्रकरण की अगली सुनवाई अब सोमवार को होगी, जिस पर पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं। यह मामला न केवल प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है, बल्कि ट्रस्ट की सुरक्षा व्यवस्था पर भी बड़े सवाल खड़े करता है।











