Surguja Crime: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में 14 वर्षीय आदिवासी नाबालिग छात्रा के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में फरार चल रहे आरोपी तरुण कुमार जायसवाल को आखिरकार बिहार की राजधानी पटना से हिरासत में ले लिया गया है। आरोपी उप सरपंच का पति है और वह वहां अपनी एक महिला मित्र के साथ छिपा हुआ था। घटना के बाद से ही इलाके में काफी आक्रोश व्याप्त था। अब सरगुजा पुलिस की टीम आरोपी को अंबिकापुर लाने के लिए पटना रवाना हो चुकी है।
उप सरपंच के घर काम करती थी पीड़िता
जानकारी के मुताबिक, कोतवाली थाना क्षेत्र के एक गांव की कक्षा 7वीं में पढ़ने वाली नाबालिग छात्रा 20 जुलाई को उप सरपंच के घर काम करने गई थी। वह वहां सुबह और शाम के समय घरेलू कामकाज व खाना बनाने का कार्य करती थी। इसी दौरान आरोपी तरुण जायसवाल ने छात्रा को मोबाइल पर अश्लील वीडियो दिखाया और उसके साथ दो बार दुष्कर्म जैसी घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। जब पीड़िता ने इसका विरोध किया, तो आरोपी ने उसके मुंह में कपड़ा ठूंस दिया ताकि वह शोर न मचा सके।
पैसे का लालच और जान से मारने की धमकी
दरिंदगी की सीमा यहीं समाप्त नहीं हुई। पीड़िता के अनुसार, अगले दिन 21 जुलाई को आरोपी ने मामले को दबाने के लिए उसके पिता को 8 लाख रुपये देने का लालच दिया और इस संबंध में एक पंचनामा भी तैयार करवाया। इसके साथ ही आरोपी ने पीड़िता और उसके परिवार को घटना के बारे में किसी को बताने पर जान से मारने की गंभीर धमकी भी दी।
पुलिस कार्रवाई से पहले ही फरार हुआ आरोपी
घटना की भनक लगते ही 22 जुलाई को लगभग 100 ग्रामीणों ने कोतवाली थाने पहुंचकर आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई। उस समय आरोपी अंबिकापुर के चोपड़ापारा स्थित अपने फ्लैट में मौजूद था। हालांकि, पुलिस के दबिश देने से ठीक पहले वह चकमा देकर फरार होने में कामयाब हो गया। सरगुजा एसएसपी राजेश अग्रवाल ने उस पर 5 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था तथा उसकी 12 बोर की लाइसेंसी बंदूक भी जब्त कर ली थी।
सर्व आदिवासी समाज और राजनीतिक दलों का प्रदर्शन
आरोपी की गिरफ्तारी न होने से जनता का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा था। आरोप था कि आरोपी एक एसडीओपी (SDOP) और थाना प्रभारी (TI) का करीबी रिश्तेदार है, जिसकी वजह से पुलिस उसे संरक्षण दे रही थी। इसकी मांग को लेकर बुधवार को सर्व आदिवासी समाज ने एसपी कार्यालय का घेराव किया और आरोपी की जानकारी देने वाले को 1 लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की। साथ ही मामले में आरोपी को भगाने में सहयोग करने वालों के विरुद्ध भी अपराध दर्ज करने की मांग की। कल के विरोध प्रदर्शन में सर्व आदिवासी समाज के अलावा भाजपा, कांग्रेस और स्थानीय ग्रामीणों ने भी एसपी ऑफिस का घेराव कर उग्र प्रदर्शन किया था।
सर्विलांस की मदद से मिली सफलता
बिहार पुलिस ने बुधवार देर रात पटना में छापेमारी कर आरोपी को पकड़ा। पुलिस आरोपी की महिला मित्र पर लगातार नजर रख रही थी और उसका मोबाइल सर्विलांस पर लगाया गया था। बुधवार शाम जैसे ही महिला मित्र का फोन कुछ देर के लिए चालू हुआ, पुलिस को उनकी सटीक लोकेशन मिल गई। सूचना मिलते ही पटना पुलिस ने तुरंत कार्रवाई कर दोनों को धर दबोचा। अब सरगुजा पुलिस आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर लेकर अंबिकापुर ला रही है।











