Bilaspur Bridge Collapse: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में रविवार शाम एक बड़ा हादसा सामने आया, जहां बिलासपुर-रतनपुर-पेंड्रा रोड पर स्थित बांसाझाल पुल अचानक दो हिस्सों में टूट गया। पुल टूटने के समय वहां से गुजर रही एक यात्री बस भी फंस गई। बस में करीब 35 यात्री सवार थे। हालांकि राहत की बात यह रही कि सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और कोई जनहानि नहीं हुई।

बस का अगला हिस्सा स्लैब के किनारे अटका
जानकारी के मुताबिक, पुल का एक बड़ा हिस्सा टूटने के बाद बस का अगला भाग क्षतिग्रस्त स्लैब के किनारे फंस गया। इसके कारण बस सीधे नदी में गिरने से बच गई। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से बस में मौजूद सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

35 साल पुराने पुल पर पहले से था खतरा
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बांसाझाल में बना यह पुल करीब 35 साल पुराना है। यह पुल बिलासपुर-जबलपुर निर्माणाधीन नेशनल हाईवे-45 का हिस्सा है। स्थानीय लोगों के अनुसार पुल काफी समय से जर्जर स्थिति में था। लगातार हो रही बारिश के कारण पुल की संरचना कमजोर हो गई और अचानक इसका एक हिस्सा टूट गया।
बारिश बनी हादसे की बड़ी वजह
क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से लगातार बारिश हो रही थी। माना जा रहा है कि बारिश के पानी और पुराने निर्माण के कारण पुल पर दबाव बढ़ गया था। इसके चलते पुल का स्लैब कमजोर होकर टूट गया। प्रशासन अब पुल की स्थिति और हादसे के कारणों की जांच कर रहा है।
कई शहरों का सड़क संपर्क प्रभावित
पुल टूटने के बाद इस मार्ग पर पूरी तरह से यातायात बंद कर दिया गया है। इस घटना से बिलासपुर से पेंड्रा, गौरेला और अमरकंटक जाने वाले लोगों की परेशानी बढ़ गई है। इसके अलावा मध्य प्रदेश के जबलपुर, शहडोल और छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़ क्षेत्र का सीधा सड़क संपर्क भी प्रभावित हुआ है।

प्रशासन ने ट्रैफिक डायवर्ट किया
हादसे के बाद प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और सुरक्षा के लिहाज से पुल के दोनों ओर आवाजाही रोक दी गई। यात्रियों की सुविधा के लिए वैकल्पिक मार्गों से ट्रैफिक डायवर्ट किया गया है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे इस रूट पर जाने से पहले वैकल्पिक रास्तों की जानकारी जरूर लें।
निर्माणाधीन हाईवे पर उठे सुरक्षा सवाल
बिलासपुर-जबलपुर नेशनल हाईवे-45 का निर्माण कार्य चल रहा है। ऐसे में पुराने पुल की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल की हालत पहले से खराब थी और समय रहते मरम्मत या वैकल्पिक व्यवस्था की जाती तो इस तरह की स्थिति से बचा जा सकता था।
प्रशासन ने शुरू की जांच प्रक्रिया
घटना के बाद संबंधित विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचकर पुल का निरीक्षण कर रहे हैं। पुल की मजबूती, निर्माण गुणवत्ता और हादसे के कारणों की विस्तृत जांच की जाएगी। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता यातायात व्यवस्था को सामान्य करना और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।











