◆ विश्व बंधुत्व दिवस पर दादी प्रकाशमणि को दी गई श्रद्धांजलि, ब्रह्माकुमारीज का लक्ष्य एक लाख यूनिट रक्तदान
Ambikapur News : “रक्तदान सबसे बड़ा दान है, क्योंकि यह जीवन बचाता है”—इसी भावना को साकार करते हुए ब्रह्माकुमारीज अंबिकापुर सेवा केंद्र में रविवार, 24 अगस्त को विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक चले इस शिविर में 115 लोगों ने पंजीकरण कराया और 80 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया।

यह आयोजन ब्रह्माकुमारीज संस्थान की पूर्व मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी प्रकाशमणि की 18वीं पुण्यतिथि एवं विश्व बंधुत्व दिवस (25 अगस्त) के उपलक्ष्य में किया गया। इसी क्रम में संस्थान द्वारा भारत और नेपाल के 6000 सेवा केंद्रों पर रक्तदान शिविर आयोजित कर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का अभियान चलाया जा रहा है। इस महाअभियान की शुरुआत 17 अगस्त को नई दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने की थी।


दीप प्रज्वलन से हुआ शुभारंभ
अंबिकापुर सेवा केंद्र के नव विश्व भवन, चोपड़ापारा में आयोजित इस शिविर का शुभारंभ छत्तीसगढ़ के पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंह देव, जिला पंचायत सरगुजा के सीईओ विनय कुमार अग्रवाल, मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर के डॉ. राजेश श्रीवास्तव, लायंस क्लब अध्यक्ष डॉ. यशवर्धन सिंह, भाजपा नेता एवं पार्षद आलोक दुबे, इंश्योरेंस कंपनी डायरेक्टर अंबिकेश केसरी, इंजीनियरिंग कॉलेज प्राचार्य डॉ. आरएन खरे, डाइट प्राचार्य केसी गुप्ता, आर्ट ऑफ लिविंग के अजय तिवारी, नवा बिहान के अनिल मिश्रा और ब्रह्माकुमारी विद्या बहन ने दीप प्रज्वलन कर किया।
रक्तदान का महत्व
ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. जगरानी लकड़ा ने रक्तदान के लाभ बताते हुए कहा कि 18 से 45 वर्ष का कोई भी स्वस्थ व्यक्ति रक्तदान कर सकता है। रक्तदान से शरीर में नया रक्त बनने की प्रक्रिया तेज होती है, आयरन लेवल संतुलित रहता है और हृदय रोग का खतरा घटता है। उन्होंने कहा, “एक यूनिट रक्त से तीन से चार लोगों की जान बचाई जा सकती है।”
पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंह देव ने दादी प्रकाशमणि को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा—“आप सबको शायद अंदाजा भी नहीं है कि आपने कितना महत्वपूर्ण कार्य किया है। कई बार रक्त की कमी के कारण लोगों की जान चली जाती है, लेकिन इस तरह का सहयोग किसी के जीवन को बचाने में अमूल्य योगदान है।” उन्होंने इस आयोजन के लिए ब्रह्माकुमारीज को धन्यवाद दिया।
सेवा केंद्र की संचालिका ब्रह्माकुमारी विद्या दीदी ने बताया कि इस महाअभियान के अंतर्गत एक लाख यूनिट रक्त संग्रहित करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसे गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराया जाएगा। उन्होंने कहा—“रक्तदान जीवनदान है और यह अनगिनत लोगों की दुआ कमाने का सबसे पुण्य कार्य है।”
मुख्य कार्यपालन अधिकारी विनय कुमार अग्रवाल ने कहा कि रक्तदान से किसी को नया जीवन देना स्वयं के लिए भी संतोष और आनंद का कारण बनता है। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक संख्या में रक्तदान करने की अपील की।
इस शिविर में पशुधन विभाग के अतिरिक्त उपसंचालक डॉ. सीके मिश्रा, वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. बीडी साहू, डॉ. ज्योति साहू, व्याख्याता एलपी तिवारी, पशु चिकित्सा अधिकारी उमेश कुशवाहा, ब्रह्माकुमारी बहनें—विभा, संजू, नीलमणि, ममता, लक्ष्मी सहित बड़ी संख्या में भाई-बहनों और समाजसेवियों ने रक्तदान किया। वरिष्ठ ठेकेदार प्रकाश राय एवं कांग्रेसी नेता शैलेश सिंह ने भी अपने संपर्कों से लोगों को प्रेरित कर रक्तदान करवाया।
रक्तदान करने वाले सभी दाताओं को ब्रह्माकुमारीज संस्थान की ओर से प्रमाण पत्र एवं ईश्वरीय सौगात और मेडिकल कॉलेज की ओर से प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए।










