CG JD Suspended : छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई है। दुर्ग शिक्षा संभाग के संयुक्त संचालक (JD) हेमंत उपध्याय को निलंबित कर दिया गया है। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के निर्देश पर यह सख्त कदम उठाया गया। हाल ही में जारी आदेश में बताया गया है कि उपध्याय के खिलाफ सरगुजा में पदस्थापना के दौरान गंभीर अनियमितताओं की पुष्टि हुई है।

क्या है आरोप?
आधिकारिक आदेश के अनुसार, हेमंत उपध्याय पर स्वेच्छाचारिता और अनुशासनहीनता का आरोप है। उनके कृत्य को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 का उल्लंघन माना गया है। विभागीय जांच में साफ हुआ कि उपध्याय ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए कई कार्यों में नियमों को नजरअंदाज किया।

DPI में किया गया अटैच
निलंबन के साथ ही हेमंत उपध्याय को लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) में अटैच कर दिया गया है। यह पहला मौका नहीं है जब उपध्याय को निलंबन झेलना पड़ा हो। इससे पहले भी सहायक शिक्षकों के प्रमोशन और ट्रांसफर मामलों में उन पर कार्रवाई हो चुकी है और वह लंबे समय तक DPI में अटैच रहे थे। सरकार बदलने के बाद उन्हें पुनः संयुक्त संचालक की जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन अब एक बार फिर वह कार्रवाई की जद में आ गए हैं।
अतिरिक्त प्रभार की व्यवस्था
हेमंत उपध्याय के निलंबन के बाद दुर्ग शिक्षा संभाग में संयुक्त संचालक का प्रभार वरिष्ठ अधिकारी रेखा वर्मा को सौंपा गया है। रेखा वर्मा वर्तमान में बिलासपुर संभाग में कार्यरत हैं और उन्हें अस्थायी रूप से अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
शिक्षा मंत्री की सख्त टिप्पणी
शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा,”शिक्षा विभाग में अनुशासन और पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता है। कोई भी अधिकारी नियमों का उल्लंघन करेगा तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी, चाहे वह कितना भी वरिष्ठ क्यों न हो।”
हेमंत उपध्याय का निलंबन यह स्पष्ट संकेत देता है कि छत्तीसगढ़ सरकार शिक्षा विभाग में जवाबदेही और अनुशासन को लेकर बेहद गंभीर है। यह कार्रवाई अन्य अधिकारियों के लिए भी चेतावनी है कि कानून और नियमों से ऊपर कोई नहीं।










