CG Weather Update
CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है और आने वाले दिनों में स्थिति और भी गंभीर होने वाली है। मौसम विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के तापमान में कोई विशेष परिवर्तन नहीं देखा गया, लेकिन यह राहत केवल कुछ समय के लिए है। आगामी 24 घंटों के भीतर राज्य के अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने का अनुमान है। इस वृद्धि के बाद अगले तीन दिनों तक गर्मी का यह स्तर स्थिर रहने की संभावना है, जिससे लोगों को झुलसाने वाली तपिश का सामना करना पड़ेगा।
गर्मी की गंभीरता को देखते हुए मौसम विज्ञान केंद्र ने कल यानी 24 अप्रैल से मध्य छत्तीसगढ़ के मैदानी इलाकों के लिए ‘हीट वेव’ (लू) की चेतावनी जारी की है। विभाग का कहना है कि यह गर्म हवाओं का दौर अगले तीन दिनों तक सक्रिय रह सकता है। इस दौरान दोपहर के समय लू के थपेड़े जनजीवन को प्रभावित करेंगे। विशेष रूप से रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर जैसे संभागों में तापमान रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच सकता है। प्रशासन ने आम जनता को धूप में निकलने से बचने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी है।
प्रदेश में मौसम के दो अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। जहां एक तरफ मैदानी इलाके गर्मी से तप रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ बस्तर संभाग में हल्की बारिश और ओलावृष्टि की खबरें आई हैं। जगदलपुर में बुधवार दोपहर अचानक मौसम बदला और तेज बारिश के साथ ओले गिरे, जिससे वहां तापमान में गिरावट आई। तापमान के आंकड़ों पर नजर डालें तो प्रदेश में सर्वाधिक गर्मी दुर्ग जिले में दर्ज की गई, जहां पारा 43.2°C तक पहुंच गया। इसके विपरीत, बारिश के असर के कारण जगदलपुर में न्यूनतम तापमान 20.5°C दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा।
लगातार बढ़ती गर्मी और लू के खतरे को देखते हुए बिलासपुर जिले में व्यापम द्वारा आयोजित होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं के समय में महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। दोपहर की कड़ी धूप से छात्रों को बचाने के लिए जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग ने परीक्षाओं को सुबह की पाली में शिफ्ट कर दिया है। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जो परीक्षाएं दोपहर 12 बजे से होनी थीं, वे अब सुबह 10 बजे से शुरू होंगी। 26 अप्रैल को होने वाली मंडी बोर्ड उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा, 14 मई की एसएससी नर्सिंग व पीईटी और 21 मई की पीपीएचटी परीक्षा अब सुबह 10 बजे से आयोजित की जाएंगी।
मौसम वैज्ञानिकों ने इस अप्रत्याशित गर्मी और स्थानीय स्तर पर हो रहे बदलावों के पीछे एक प्रमुख भौगोलिक कारण बताया है। वर्तमान में वायुमंडल के ऊपरी हिस्से में तेज हवाओं का एक प्रवाह सक्रिय है, जिसे ‘सबट्रॉपिकल वेस्टर्ली जेट स्ट्रीम’ (Subtropical Westerly Jet Stream) कहा जाता है। यह हवा का प्रवाह जमीन से लगभग 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर 90 से 110 नॉट की तीव्र गति से चल रहा है। इस जेट स्ट्रीम का सीधा असर मध्य और पूर्वोत्तर भारत के मौसम चक्र पर पड़ रहा है, जिससे मैदानी क्षेत्रों में शुष्क गर्मी बढ़ रही है और कहीं-कहीं बादलों की आवाजाही बनी हुई है।
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