Chhattisgarh Holi Dry Day
Chhattisgarh Holi Dry Day: छत्तीसगढ़ में आगामी होली के त्यौहार को लेकर राज्य सरकार ने एक बड़ा और महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। पहले की गई घोषणा के विपरीत, अब होली के दिन पूरे प्रदेश में शराब की बिक्री नहीं होगी। राज्य सरकार ने कानून-व्यवस्था और सामाजिक मर्यादा को ध्यान में रखते हुए होली पर शराब दुकानें बंद रखने का फैसला किया है। आबकारी विभाग इस संबंध में जल्द ही आधिकारिक दिशा-निर्देश और आदेश जारी करने वाला है। इस फैसले ने उन अटकलों पर विराम लगा दिया है जिसमें कहा जा रहा था कि नई आबकारी नीति के तहत इस साल होली पर जाम छलकेंगे।
दरअसल, छत्तीसगढ़ सरकार ने अपनी नई आबकारी नीति में ‘ड्राई डे’ (शुष्क दिवस) की संख्या को सात से घटाकर केवल चार कर दिया था। इस बदलाव के तहत पहले से निर्धारित सात दिनों में से तीन प्रमुख दिन—होली, मुहर्रम और महात्मा गांधी निर्वाण दिवस (30 जनवरी)—को ड्राई डे की सूची से हटा दिया गया था। इस निर्णय का सीधा मतलब था कि इन तीन विशेष अवसरों पर भी शराब की दुकानें खुली रहनी थीं। नीति में इस बदलाव को लेकर प्रदेश भर में काफी चर्चा हुई थी और विपक्षी दलों के साथ-साथ कई सामाजिक संगठनों ने भी इस पर अपनी असहमति जताई थी।
सूत्रों के अनुसार, सरकार ने यह यू-टर्न सामाजिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए लिया है। होली एक ऐसा त्यौहार है जहाँ हुड़दंग और आपसी विवाद की संभावनाएं अधिक रहती हैं। ऐसे में शराब की दुकानों का खुला रहना ‘आग में घी’ का काम कर सकता था। पुलिस प्रशासन और खुफिया विभागों के फीडबैक के बाद, सरकार ने जनहित में यह निर्णय लिया है कि त्यौहार की शांति भंग न हो, इसलिए शराब की दुकानों पर ताला लटकाना ही श्रेयस्कर होगा। अब होली के दिन छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में शराब का व्यापार पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
नई नीति के लागू होने के बाद अब साल 2026-27 के कैलेंडर में आधिकारिक रूप से केवल चार दिन ही पूर्ण ड्राई डे के रूप में घोषित किए गए हैं। इन दिनों में किसी भी प्रकार की शराब बिक्री की अनुमति नहीं होगी:
26 जनवरी: गणतंत्र दिवस
15 अगस्त: स्वतंत्रता दिवस
2 अक्टूबर: गांधी जयंती
18 दिसंबर: गुरु घासीदास जयंती हैरानी की बात यह है कि इस सूची में अब महात्मा गांधी की पुण्यतिथि (30 जनवरी) शामिल नहीं है, जिसे लेकर प्रदेश में राजनीतिक पारा पहले से ही गर्म है।
हाल ही में 30 जनवरी को महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर प्रदेश में शराब दुकानें खुली रहीं, जिसका कांग्रेस ने पुरजोर विरोध किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रायपुर समेत कई शहरों में शराब दुकानों के बाहर जमकर नारेबाजी की और भाजपा सरकार पर बापू के अपमान का आरोप लगाया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि गांधी जी के सिद्धांतों को मानने वाले देश में उनकी पुण्यतिथि पर शराब की बिक्री होना जनभावनाओं और राष्ट्रपिता के आदर्शों के खिलाफ है। इसी विरोध प्रदर्शन और आगामी त्यौहारों पर संभावित विवादों को देखते हुए सरकार को होली के मामले में अपने कदम पीछे खींचने पड़े हैं।
हालांकि सरकार ने सैद्धांतिक रूप से होली पर शराब बंदी का निर्णय ले लिया है, लेकिन आबकारी विभाग के आधिकारिक आदेश का इंतजार अभी बाकी है। जैसे ही यह आदेश जारी होगा, स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी कि बंदी केवल दुकान स्तर पर होगी या बार और क्लबों पर भी यह नियम लागू होगा। फिलहाल, बाकी ड्राई डे पूर्व निर्धारित व्यवस्था के अनुसार ही लागू रहेंगे। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या सरकार 30 जनवरी और मुहर्रम जैसे दिनों पर भी भविष्य में पुनर्विचार करती है या नहीं।
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