Chhattisgarh Monsoon : छत्तीसगढ़ में मानसून अब पूरी तरह से सक्रिय होने की ओर अग्रसर है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) रायपुर केंद्र के अनुसार, 27 जून से राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियों में उल्लेखनीय तेजी आने की संभावना है। आने वाले सात दिनों तक प्रदेश के विभिन्न अंचलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ-साथ गरज-चमक और वज्रपात (बिजली गिरने) की स्थिति बनी रहेगी। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून के राज्य के शेष हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए अगले 3-4 दिनों में परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हो गई हैं, जिससे प्रदेशवासियों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी।

27 से 30 जून तक वज्रपात और भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने 27 जून से 30 जून के बीच राज्य के कई इलाकों के लिए विशेष अलर्ट जारी किया है। इस दौरान अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होगी, वहीं कुछ चुनिंदा क्षेत्रों में भारी बारिश के साथ तेज गरज-चमक की चेतावनी दी गई है। विभाग ने आम जनता को आगाह किया है कि खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें। किसानों और ग्रामीण अंचलों में रहने वाले नागरिकों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की गई है, ताकि किसी भी संभावित आपदा से बचा जा सके।

मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से बदल रहा है मौसम
प्रदेश में हो रही इन बारिशों के पीछे कई मौसमी सिस्टम जिम्मेदार हैं। मौसम विभाग के विश्लेषण के अनुसार, समुद्र तल पर राजस्थान से ओडिशा तक एक द्रोणिका (trough) बनी हुई है। इसके साथ ही, एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण भी सक्रिय है। वहीं, पूर्वी उत्तर प्रदेश से छत्तीसगढ़ होते हुए तेलंगाना तक बनी एक अन्य द्रोणिका ने नमी की मात्रा को बढ़ा दिया है। इन मौसमी प्रणालियों के सम्मिलित प्रभाव से छत्तीसगढ़ के वातावरण में नमी बनी हुई है, जिससे बारिश की गतिविधियों में निरंतर बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।
रायपुर और अन्य जिलों में मौसम का मिजाज
राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के अधिकांश शहरों में मौसम का स्वरूप बदलने वाला है। अगले 24 घंटों के दौरान रायपुर में आंशिक रूप से बादल छाए रहने और गरज-चमक के साथ बारिश होने की पूरी संभावना है। राज्य के अधिकांश जिलों में अधिकतम तापमान में अगले पांच दिनों तक कोई विशेष बड़ा बदलाव होने के संकेत नहीं हैं। गौरतलब है कि पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के केवल कुछ स्थानों पर ही छिटपुट बारिश हुई थी, जबकि बिलासपुर में अधिकतम तापमान 39.4 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया, जो गर्मी की तीव्रता को दर्शाता है।
सावधानी ही बचाव: मौसम विभाग की विशेष सलाह
मौसम विभाग ने नागरिकों से आपदा से बचाव हेतु विशेष सावधानियां बरतने की अपील की है। बिजली कड़कने की स्थिति में खुले स्थान पर मोबाइल या किसी भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण का उपयोग न करें। यदि आप घर से बाहर हैं, तो किसी पक्के मकान में शरण लें। इसके अतिरिक्त, किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी फसलों और खुले में रखी उपज को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित कर लें। चूँकि अगले कुछ दिनों तक मौसम के सक्रिय रहने का पूर्वानुमान है, इसलिए सभी को निरंतर मौसम संबंधी अपडेट्स पर नजर बनाए रखनी चाहिए ताकि समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें।
Weight Loss : सिर्फ 45 दिन में बदल जाएगा शरीर, 7 किलो वजन घटाने का आसान राज











