SIR Controversy : भारत निर्वाचन आयोग की मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर सवाल उठाए जा रहे हैं। इसी बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर तीन सूत्रीय मांगें सामने रखी हैं। पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग के साथ चुनावी प्रक्रिया को तत्काल रोकने और SIR से जुड़े कामों को फ्रीज करने की मांग की है।
दिल्ली प्रेस वार्ता में CJP नेता ने रखीं तीन मांगें
गुरुवार, 24 सितंबर 2026 को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आयोजित प्रेस वार्ता के बाद CJP नेता सौरव दास ने पार्टी की तीन प्रमुख मांगों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पार्टी की मांगें चुनाव आयोग, मतदाता सूची के पुनरीक्षण और आगामी विधानसभा चुनावों से जुड़े विवादों के समाधान पर केंद्रित हैं। दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी इन मांगों को विस्तार से साझा किया।
पहली मांग में ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग
CJP की पहली मांग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़ी है। सौरव दास ने कहा कि ज्ञानेश कुमार को 48 घंटे के भीतर अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। इसके साथ ही उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू करने की मांग भी की गई है। दास ने यह भी सवाल उठाया कि कथित तौर पर वोट चोरी के आदेश किसने दिए। हालांकि, ये आरोप CJP की ओर से लगाए गए हैं और इनके संबंध में स्वतंत्र रूप से पुष्टि आवश्यक है।
दूसरी मांग में आगामी विधानसभा चुनाव रोकने की बात
CJP की दूसरी मांग आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर है। दास के मुताबिक पार्टी चाहती है कि सभी आगामी चुनावों को फिलहाल रोक दिया जाए। इसके साथ ही SIR की प्रक्रिया को तत्काल फ्रीज करने और जनवरी 2025 की मतदाता सूची को वैध आधार मानने की मांग की गई है। पार्टी का कहना है कि SIR से जुड़े सभी कार्यों की जांच के लिए एक अलग आयोग गठित किया जाना चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट से रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की मांग
CJP ने SIR से संबंधित दस्तावेजों और रिकॉर्ड को लेकर भी मांग रखी है। सौरव दास के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट को SIR से जुड़े रिकॉर्ड और फाइल्स को जब्त कर अदालत में पेश करने का आदेश देना चाहिए। पार्टी का तर्क है कि इससे पूरी प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेजों की जांच और कथित अनियमितताओं की पड़ताल की जा सकेगी।
यूपी समेत पांच राज्यों में प्रस्तावित हैं चुनाव
वर्ष 2027 की शुरुआत में उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। इन राज्यों में चुनावी तैयारियों के बीच मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण मुद्दा बनी हुई है। उत्तर प्रदेश में SIR की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 10 अप्रैल 2026 को अंतिम मतदाता सूची जारी किए जाने की बात सामने आई थी। हालांकि, इसके बाद भी दावे और आपत्तियों के आधार पर नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया जारी रहने की जानकारी है।
पंजाब में SIR जारी, उत्तराखंड में आपत्तियों का निस्तारण
पंजाब में SIR की प्रक्रिया जारी बताई गई है, जबकि उत्तराखंड में प्रक्रिया पूरी होने के बाद आपत्तियों के निस्तारण का काम चल रहा है। ऐसे में CJP की मांगें चुनावी कार्यक्रम और मतदाता सूची की प्रक्रिया को लेकर चल रही बहस को और सामने ला रही हैं। चुनाव कब और किस कार्यक्रम के तहत होंगे, इसका अंतिम निर्णय संबंधित संवैधानिक और चुनावी प्रक्रिया के तहत होना है।
तीसरी मांग में ECI नियुक्ति कानून बदलने की मांग
CJP की तीसरी मांग निर्वाचन आयोग में नियुक्तियों से संबंधित वर्ष 2023 के कानून को लेकर है। सौरव दास ने इस कानून को रद्द करने और नया कानून बनाने की मांग की। पार्टी का कहना है कि निर्वाचन आयोग की नियुक्ति के लिए ऐसी प्रक्रिया होनी चाहिए, जिस पर जनता का भरोसा कायम रहे।
48 घंटे का अल्टीमेटम, आंदोलन की चेतावनी
CJP नेता सौरव दास ने अपनी मांगों के अंत में 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने कहा कि यदि इस अवधि में ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा नहीं आता है तो पार्टी आंदोलन शुरू करेगी। दास के मुताबिक यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक पार्टी की मांगें पूरी नहीं हो जातीं। अब देखना होगा कि CJP के इस ऐलान पर चुनाव आयोग और अन्य संबंधित संस्थाओं की ओर से क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।
Read More : Gyanesh Kumar Controversy : ज्ञानेश कुमार सरकारी गवाह बनें, राहुल गांधी ने इस्तीफा मांगकर सरकार पर साधा निशाना