Paras Portal : छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि शासन की प्रत्येक जनकल्याणकारी योजना का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्ध कार्यप्रणाली को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार की मंशा है कि योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के पात्र हितग्राहियों तक पहुंचे और प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह जवाबदेह बने।

पारस पोर्टल से होगी हर महीने योजनाओं की समीक्षा
मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने Project Assessment, Review and Analysis System (PARAS) Portal की उपयोगिता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से राज्य सरकार की प्रमुख योजनाओं की हर महीने विस्तृत समीक्षा की जाएगी। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अब प्रत्येक माह के अंतिम मंगलवार को पारस पोर्टल के जरिए योजनाओं की प्रगति की समीक्षा होगी, जिससे कार्यों में तेजी आएगी और समय पर समस्याओं का समाधान संभव हो सकेगा।

सीमांकन मामलों में देरी पर जताई नाराजगी
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने राजस्व विभाग में लंबित सीमांकन मामलों को लेकर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सक्षम अधिकारियों के आदेश जारी होने के बाद भी कई मामलों में समय पर सीमांकन नहीं हो रहा है, जिससे आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी उठानी पड़ रही है। मुख्यमंत्री ने सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए कि वे नियमित समीक्षा करें और लंबित प्रकरणों का निर्धारित समय सीमा के भीतर निपटारा सुनिश्चित करें। उन्होंने चेतावनी दी कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
एग्रीस्टैक पंजीयन को लेकर दिए सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री ने कहा कि एग्रीस्टैक केवल धान खरीदी तक सीमित व्यवस्था नहीं है, बल्कि यह किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का आधार बनेगा। उन्होंने सभी जिला कलेक्टरों को अभियान चलाकर प्रत्येक पात्र किसान का शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यदि किसी अधिकारी की लापरवाही के कारण कोई पात्र किसान योजना के लाभ से वंचित रहता है, तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।
सीएम हेल्पलाइन 1076 को और प्रभावी बनाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन 1076 का उद्देश्य लोगों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने से बचाना है। उन्होंने बताया कि हेल्पलाइन को नागरिकों का अच्छा सहयोग मिल रहा है। अब तक इस प्लेटफॉर्म पर 1 लाख 10 हजार से अधिक शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं, जिनमें से 65 हजार से ज्यादा शिकायतों का समाधान किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि करीब 55.29 प्रतिशत शिकायतकर्ताओं ने समाधान पर संतुष्टि भी व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने ऊर्जा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा राजस्व विभाग से जुड़ी शिकायतों की विशेष समीक्षा कर सुधारात्मक कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए।

सेवा सेतु पोर्टल की सेवाओं का होगा विस्तार
मुख्यमंत्री ने समीक्षा के दौरान बताया कि सेवा सेतु पोर्टल पर वर्तमान में 27 विभागों की 721 सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शेष सेवाओं को भी जल्द से जल्द इस प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाए। साथ ही पंचायतों, कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) और अटल सेवा केंद्रों के माध्यम से सेवा सेतु का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिक भी अपने घर के पास ऑनलाइन सरकारी सेवाओं का लाभ आसानी से प्राप्त कर सकें।
ग्रामीण विकास और आधारभूत सुविधाओं पर विशेष फोकस
मुख्यमंत्री ने विकसित भारत जी-रामजी योजना के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत में आधारभूत विकास कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन विकास कार्यों की स्वीकृति अभी तक नहीं मिली है, उन्हें शीघ्र मंजूरी देकर समय पर शुरू किया जाए। इसके साथ ही डीबीएन वित्तपोषित 476 मोबाइल टॉवरों की स्थापना की प्रगति की समीक्षा करते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।
स्कूलों में पोषण और हरियाली बढ़ाने के निर्देश
बैठक में मुख्यमंत्री ने स्कूल शिक्षा विभाग की विभिन्न योजनाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने निःशुल्क पाठ्यपुस्तक, गणवेश, सरस्वती साइकिल योजना और पीएम पोषण शक्ति निर्माण योजना की प्रगति की जानकारी ली। इसके साथ ही उन्होंने स्कूल परिसरों में किचन गार्डन, सहजन और कटहल जैसे पौधे लगाने के अभियान को तेज करने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों को पौष्टिक भोजन और संतुलित आहार के महत्व के बारे में जागरूक करना भी आवश्यक है।
डिजिटल निगरानी से बढ़ेगी योजनाओं की गति
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि पारस पोर्टल के माध्यम से नियमित डिजिटल मॉनिटरिंग से योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रत्येक माह होने वाली समीक्षा से विकास कार्यों की रफ्तार तेज होगी, विभागों की कार्यक्षमता में सुधार आएगा और राज्य के नागरिकों तक सरकारी सेवाएं अधिक प्रभावी एवं समयबद्ध तरीके से पहुंच सकेंगी।











