CG School Toilets : छत्तीसगढ़ सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में बालिकाओं की शिक्षा, स्वच्छता और सम्मान को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की घोषणा की है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ‘मेरी बेटी-मेरा अभिमान’ अभियान की शुरुआत करते हुए बताया कि राज्य के हजारों सरकारी स्कूलों में छात्राओं के लिए नए शौचालयों का निर्माण कराया जाएगा। यह विशेष अभियान 15 अगस्त 2026 से 26 जनवरी 2027 तक संचालित होगा। सरकार का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में छात्राओं को सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराना, उनकी पढ़ाई में आने वाली सुविधाजनक बाधाओं को दूर करना और आधारभूत ढांचे को मजबूत बनाना है।

6,671 सरकारी स्कूलों में बनेंगे बालिका शौचालय
राज्य सरकार के अनुसार प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में स्थित 6,671 शासकीय विद्यालयों में छात्राओं के लिए आधुनिक सुविधाओं से युक्त शौचालयों का निर्माण कराया जाएगा। इस परियोजना पर करीब 286.85 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। प्रत्येक शौचालय की अनुमानित लागत लगभग 4.30 लाख रुपये निर्धारित की गई है। सरकार का मानना है कि बेहतर स्वच्छता सुविधाएं उपलब्ध होने से छात्राओं की विद्यालयों में उपस्थिति बढ़ेगी और उन्हें सुरक्षित एवं सम्मानजनक वातावरण मिलेगा।

ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ेंगी आधारभूत सुविधाएं
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान केवल स्कूलों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। योजनाओं का उद्देश्य गांवों में आवश्यक सार्वजनिक सुविधाओं का विस्तार करना, स्वच्छता को बढ़ावा देना और लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाना है। इससे ग्रामीण विकास की गति तेज होने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर बेहतर नागरिक सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी।
हजारों गांवों में बनेंगे मुक्तिधाम और प्रतीक्षालय
अभियान के तहत प्रदेश के 6,524 गांवों में प्रतीक्षालय सहित आधुनिक मुक्तिधाम विकसित किए जाएंगे। इस परियोजना पर लगभग 391.44 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे और प्रत्येक इकाई पर करीब 6 लाख रुपये की लागत आएगी। इसके अतिरिक्त 549 नए मुक्तिधामों के निर्माण के लिए भी 18.22 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सरकार का कहना है कि इन सुविधाओं से ग्रामीण क्षेत्रों में अंतिम संस्कार से जुड़ी व्यवस्थाएं अधिक व्यवस्थित और सम्मानजनक बन सकेंगी।
जल संरक्षण के लिए बंद बोरवेल होंगे रिचार्ज
राज्य सरकार ने जल संरक्षण को भी इस अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया है। प्रदेश के 10,027 बंद या अनुपयोगी बोरवेलों में सैंड फिल्टर और रिचार्ज संरचनाएं विकसित की जाएंगी। इस कार्य पर लगभग 52.14 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इन संरचनाओं के माध्यम से वर्षा जल का संरक्षण किया जाएगा, जिससे भू-जल स्तर बढ़ाने और भविष्य में जल संकट को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

वीबी-जी राम जी योजना से मिलेगा रोजगार
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि 1 जुलाई 2026 से लागू वीबी-जी राम जी योजना के माध्यम से ग्राम सभा की स्वीकृति से विभिन्न विकास कार्य कराए जाएंगे। इस योजना के अंतर्गत मजदूरी बढ़ाकर 300 रुपये प्रतिदिन कर दी गई है। सरकार का अनुमान है कि चालू वित्तीय वर्ष में इस योजना और मनरेगा के संयुक्त माध्यम से राज्य को लगभग 6,855 करोड़ रुपये प्राप्त होंगे, जिससे ग्रामीण रोजगार को नई मजबूती मिलेगी।
318 प्रकार के विकास कार्यों को मिली मंजूरी
नई योजना के तहत कुल 318 प्रकार के विकास कार्यों को शामिल किया गया है। इनमें जल संरक्षण, ग्रामीण अधोसंरचना, आजीविका संवर्धन और जलवायु अनुकूल परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा तालाब, चेकडैम, सड़क, पुलिया, पंचायत भवन, आंगनबाड़ी केंद्र, अतिरिक्त स्कूल कक्ष, पुस्तकालय, किचन शेड, डेयरी, मत्स्य पालन और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं के निर्माण पर भी विशेष जोर रहेगा।
पारदर्शिता और गुणवत्ता पर रहेगा विशेष फोकस
सरकार ने कहा है कि सभी विकास कार्य ग्राम सभा की स्वीकृति के बाद ही शुरू किए जाएंगे। योजनाओं के प्रभावी संचालन के लिए डिजिटल मॉनिटरिंग, समय पर मजदूरी भुगतान, गुणवत्ता नियंत्रण और सामाजिक अंकेक्षण जैसी व्यवस्थाएं लागू की जाएंगी। सरकार का दावा है कि इससे विकास कार्य पारदर्शी, समयबद्ध और जवाबदेह तरीके से पूरे किए जा सकेंगे।
ग्रामीण विकास और महिला सशक्तिकरण को मिलेगी नई दिशा
राज्य सरकार का मानना है कि इन योजनाओं से ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, स्वच्छता, जल संरक्षण और रोजगार के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव आएगा। विशेष रूप से छात्राओं के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होने से उनकी शिक्षा को प्रोत्साहन मिलेगा, जबकि गांवों में विकसित होने वाली नई आधारभूत संरचनाएं ग्रामीण जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।











