Cristiano Ronaldo: पुर्तगाल के दिग्गज फुटबॉलर Cristiano Ronaldo को लेकर एक ऐसा दावा सामने आया है, जिसने फुटबॉल फैंस की कल्पनाओं को नई उड़ान दे दी है। मैनचेस्टर यूनाइटेड में रोनाल्डो के पूर्व साथी खिलाड़ी एरिक जेम्बा-जेम्बा का मानना है कि स्टार खिलाड़ी साल 2030 के फीफा विश्व कप में अपने बेटे क्रिस्टियानो रोनाल्डो जूनियर के साथ मैदान पर नजर आ सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो यह फुटबॉल इतिहास के सबसे यादगार पलों में से एक होगा।

44-45 की उम्र तक खेल सकते हैं रोनाल्डो
जेम्बा-जेम्बा का कहना है कि रोनाल्डो की फिटनेस, मेहनत और खुद को लगातार बेहतर बनाने की भूख को देखते हुए उनके लिए 44 या 45 साल की उम्र तक खेलना असंभव नहीं है। साल 2030 में रोनाल्डो 45 वर्ष के हो जाएंगे। इतनी उम्र में विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में खेलना निश्चित रूप से बड़ी चुनौती होगी, लेकिन उनके पूर्व साथी को उनकी क्षमता पर भरोसा है।

रोनाल्डो के जुनून ने साथी को किया प्रभावित
पूर्व मिडफील्डर जेम्बा-जेम्बा ने रोनाल्डो के साथ बिताए पुराने दिनों को याद करते हुए उनकी मेहनत का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि जब रोनाल्डो महज 17 साल के थे, तभी से वह उन्हें जानते हैं। ट्रेनिंग के दौरान भी रोनाल्डो हमेशा खुद को बेहतर करने की कोशिश करते थे। अभ्यास खत्म होने के बाद भी वह अतिरिक्त मेहनत करने से पीछे नहीं हटते थे। यही जुनून उन्हें दूसरे खिलाड़ियों से अलग बनाता था।
2026 विश्व कप को माना जा रहा था आखिरी मौका
रोनाल्डो की अंतरराष्ट्रीय यात्रा की बात करें तो 2026 का फीफा विश्व कप उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा था। पुर्तगाल की टीम इस टूर्नामेंट में खिताब हासिल नहीं कर सकी। इससे रोनाल्डो के विश्व चैंपियन बनने का सपना भी अधूरा रह गया। रोनाल्डो पहले संकेत दे चुके हैं कि 2026 विश्व कप उनका आखिरी विश्व कप हो सकता है, हालांकि उन्होंने अभी तक अपने भविष्य को लेकर कोई अंतिम आधिकारिक घोषणा नहीं की है।
विश्व कप में प्रदर्शन रहा उम्मीदों से कम
2026 के विश्व कप में रोनाल्डो का व्यक्तिगत प्रदर्शन भी उनकी प्रतिष्ठा के मुताबिक खास नहीं रहा। उन्होंने टूर्नामेंट में केवल तीन गोल किए। हालांकि, विश्व कप से पहले उनका क्लब स्तर का प्रदर्शन शानदार था। 2025-26 सीजन में उन्होंने अलग-अलग प्रतियोगिताओं में कुल 35 गोल दागे थे। इस प्रदर्शन को देखते हुए जेम्बा-जेम्बा का मानना है कि यदि रोनाल्डो 2030 तक सक्रिय रहते हैं, तो उन्हें पुर्तगाल की टीम में जरूर जगह मिलनी चाहिए।

पूर्व साथी ने टीम में चयन का किया समर्थन
जेम्बा-जेम्बा ने साफ तौर पर कहा कि यदि 2030 विश्व कप के समय रोनाल्डो फिट और सक्रिय हैं, तो उन्हें टीम में शामिल किया जाना चाहिए। उनके मुताबिक उम्र के बजाय खिलाड़ी की क्षमता और योगदान को महत्व मिलना चाहिए। रोनाल्डो ने अपने करियर में कई बार साबित किया है कि वह उम्र बढ़ने के बावजूद फिटनेस और प्रदर्शन के मामले में असाधारण स्तर बनाए रख सकते हैं।
2030 में पुर्तगाल में होगा बड़ा फुटबॉल आयोजन
साल 2030 का फीफा विश्व कप भी रोनाल्डो के लिए खास हो सकता है, क्योंकि इस टूर्नामेंट की मेजबानी पुर्तगाल, स्पेन और मोरक्को मिलकर करेंगे। अपने घरेलू देश में विश्व कप खेलना किसी भी खिलाड़ी के लिए बेहद खास अनुभव होता है। ऐसे में अगर रोनाल्डो उस समय तक खेलते रहते हैं, तो उनके लिए अपने देश में विश्व कप में उतरना करियर का भावुक और ऐतिहासिक क्षण बन सकता है।
बेटे के साथ मैदान साझा करने की उम्मीद
इस पूरी कहानी का सबसे दिलचस्प पहलू क्रिस्टियानो रोनाल्डो जूनियर हैं। रोनाल्डो के बेटे भी फुटबॉल में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं और फिलहाल अल-नस्र की अकादमी से जुड़े हैं। उनके प्रदर्शन पर लगातार नजर बनी हुई है। अगर वह आने वाले वर्षों में पेशेवर स्तर पर अपनी जगह मजबूत करते हैं, तो 2030 तक पुर्तगाल की राष्ट्रीय टीम के लिए संभावित दावेदार बन सकते हैं।
पिता-पुत्र साथ खेले तो बनेगा इतिहास
अगर रोनाल्डो और उनके बेटे को एक ही विश्व कप में पुर्तगाल के लिए खेलने का मौका मिलता है, तो यह खेल जगत की सबसे भावुक और यादगार कहानियों में शामिल हो सकता है। एक तरफ पांच दशक के करीब पहुंच चुके अनुभवी सुपरस्टार होंगे और दूसरी तरफ उनके बेटे के रूप में अगली पीढ़ी का खिलाड़ी। हालांकि, फिलहाल यह केवल एक संभावना और पूर्व साथी की कल्पना है। रोनाल्डो का 2030 विश्व कप खेलना या उनके बेटे का राष्ट्रीय टीम में जगह बनाना अभी भविष्य पर निर्भर है। मगर अगर यह सपना सच हुआ, तो फुटबॉल इतिहास में पिता-पुत्र की यह जोड़ी हमेशा के लिए याद रखी जाएगी।












