CUET UG 2026
CUET UG 2026: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET) UG 2026 के लिए आवेदन की प्रक्रिया एक बार फिर से सक्रिय कर दी है। यह तीसरा अवसर है जब एजेंसी ने रजिस्ट्रेशन और करेक्शन विंडो को दोबारा खोला है। वे अभ्यर्थी जो किसी कारणवश अब तक आवेदन नहीं कर पाए थे या जिनके फॉर्म में त्रुटियां रह गई थीं, वे 26 फरवरी की रात 11:59 बजे तक इस प्रक्रिया को पूरा कर सकते हैं। हालांकि, बार-बार विंडो खुलने से जहां कुछ छात्रों को राहत मिली है, वहीं पंजीकरण की जटिल प्रक्रिया ने हजारों उम्मीदवारों की चिंता बढ़ा दी है।
रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया के दौरान सबसे बड़ी समस्या ‘फोटो वेरिफिकेशन’ को लेकर सामने आ रही है। एनटीए ने इस बार उम्मीदवारों को आधार कार्ड की फोटो अपडेट करने और फॉर्म भरते समय ‘लाइव फोटो’ कैप्चर करने के निर्देश दिए थे। गाजियाबाद के संचित तिवारी जैसे कई छात्रों का कहना है कि उनके आधार कार्ड में फोटो काफी पुरानी है, जबकि रजिस्ट्रेशन के समय कैमरे से ताजा फोटो ली गई है। छात्रों में यह डर बना हुआ है कि परीक्षा के दिन केंद्र पर आधार कार्ड और आवेदन फॉर्म की फोटो का मिलान न होने की स्थिति में उन्हें परीक्षा से वंचित किया जा सकता है।
सीयूईटी यूजी 2026 के पंजीकरण को लेकर छात्रों और अभिभावकों ने इसकी जटिलता पर सवाल उठाए हैं। जौनपुर के शैलेश कुमार सिंह बताते हैं कि बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी में जुटे छात्रों के लिए यह प्रक्रिया ‘समय की बर्बादी’ साबित हो रही है। उनके भतीजे को फॉर्म भरने में दो घंटे से अधिक का समय लगा और अंततः साइबर कैफे की मदद लेनी पड़ी। जानकारों का मानना है कि इतनी कठिन और लंबी प्रक्रिया छात्रों के मानसिक दबाव को बढ़ाती है। शिक्षाविदों ने मांग की है कि एनटीए को इस डिजिटल दौर में पंजीकरण के चरणों को सरल और सुगम बनाना चाहिए।
दिल्ली की इरम मंसूरी ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि मोबाइल फोन पर फॉर्म भरना लगभग असंभव सा हो गया है। जब छात्र करेक्शन विंडो में फॉर्म को स्क्रॉल करते हैं, तो पोर्टल अचानक रिफ्रेश होकर वापस शुरुआती चरण पर पहुंच जाता है। इस तकनीकी खामी के कारण सुधार करने में घंटों का समय लग रहा है। यही कारण है कि छात्र अपने घरों के बजाय साइबर कैफे पर निर्भर हैं, जहां उन्हें अतिरिक्त शुल्क और समय दोनों का नुकसान झेलना पड़ रहा है। वेबसाइट का रिस्पॉन्सिव न होना एक बड़ी चुनौती बनकर उभरा है।
वर्तमान स्थिति को देखते हुए छात्रों का एक बड़ा वर्ग पंजीकरण प्रणाली में सुधार की मांग कर रहा है। उम्मीदवारों का कहना है कि आधार वेरिफिकेशन को अधिक लचीला बनाया जाना चाहिए ताकि फोटो की भिन्नता के कारण किसी का साल खराब न हो। विकसित छत्तीसगढ़ और डिजिटल इंडिया के दौर में तकनीकी बाधाओं का आना निराशाजनक है। फिलहाल, 26 फरवरी की समयसीमा करीब है और एनटीए ने तकनीकी सुधारों पर अभी कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे अंतिम समय की भीड़ से बचने के लिए जल्द से जल्द अपने फॉर्म दुरुस्त कर लें।
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