High Blood Sugar : अक्सर मधुमेह (डायबिटीज) के रोगियों के साथ ऐसा होता है कि वे रात को हल्का भोजन करते हैं या देर रात कुछ भी नहीं खाते, फिर भी सुबह उठने पर उनका फास्टिंग ब्लड शुगर लेवल बढ़ा हुआ आता है। इस स्थिति को चिकित्सा विज्ञान में ‘डॉन फेनोमेनन’ (Dawn Phenomenon) कहा जाता है। सर्टिफाइड न्यूट्रिशनिस्ट और डाइटिशियन श्वेता पंचाल ने सोशल मीडिया पर इस प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी साझा की है। उनके अनुसार, यह केवल डाइट या दिनचर्या की गड़बड़ी नहीं, बल्कि शरीर में होने वाली एक प्राकृतिक हार्मोनल प्रक्रिया है। यह स्थिति विशेष रूप से रात 2 बजे से सुबह 8 बजे के बीच सक्रिय रहती है।

शरीर में हार्मोनल बदलाव और ग्लूकोज का बढ़ना
श्वेता पंचाल बताती हैं कि इस समय अवधि के दौरान मानव शरीर में कोर्टिसोल और ग्रोथ हार्मोन का स्तर तेजी से बढ़ता है। ये हार्मोन लिवर को शरीर में संचित (स्टोर) ग्लूकोज को रक्त में रिलीज करने का संकेत देते हैं। एक स्वस्थ व्यक्ति का शरीर इस अतिरिक्त ग्लूकोज को इंसुलिन के माध्यम से आसानी से नियंत्रित कर लेता है, लेकिन डायबिटीज के मरीजों में शरीर इस बढ़े हुए ग्लूकोज को सही ढंग से प्रोसेस नहीं कर पाता है। यही कारण है कि बिना कुछ खाए भी सुबह रक्त शर्करा का स्तर अधिक मापा जाता है।

सुबह के समय ब्लड शुगर नियंत्रित रखने के सरल तरीके
डॉन फेनोमेनन के प्रभाव को कम करने और सुबह के शुगर लेवल को संतुलित रखने के लिए डाइटिशियन ने कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं:
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रात का भोजन समय पर लें: पाचन को सुचारू रखने के लिए रात का खाना शाम 7 बजे तक समाप्त कर लेना चाहिए। देर रात का भारी भोजन रात भर में ग्लूकोज के स्तर को बिगड़ने का मुख्य कारण बनता है।
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सुबह की शुरुआत पानी से करें: उठते ही चाय या कॉफी के सेवन से बचें। इसके बजाय, एक से दो गिलास गुनगुना पानी पिएं, जो चयापचय (मेटाबॉलिज्म) को सुचारू बनाने में मदद करता है।
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प्रोटीन युक्त नाश्ता: सुबह उठने के 30 मिनट के भीतर प्रोटीन से भरपूर नाश्ता अवश्य करें। प्रोटीन ग्लूकोज के स्तर को तेजी से स्थिर करने में सहायक होता है।
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नियमित टहलना: सुबह उठने के बाद कम से कम 10 मिनट की सैर मांसपेशियों में संकुचन पैदा करती है, जिससे बिना अतिरिक्त इंसुलिन के ही खून से अतिरिक्त ग्लूकोज बाहर निकल जाता है।
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नाश्ता बिल्कुल न छोड़ें: डायबिटीज के मरीजों के लिए नाश्ता छोड़ना खतरनाक हो सकता है। यह कोर्टिसोल के स्तर को और बढ़ा देता है, जिससे शुगर लेवल अनियंत्रित हो जाता है।
अपनी जीवनशैली को समझें और अपनाएं सुधार
डाइटिशियन श्वेता पंचाल का मानना है कि सुबह के समय बढ़े हुए ब्लड शुगर का समाधान हमेशा दवाओं की डोज बढ़ाना ही नहीं होता। यह जरूरी है कि आप अपने शरीर के संकेतों को पहचानें। अक्सर केवल दवाइयों पर निर्भर रहने के बजाय जीवनशैली में छोटे-छोटे बदलाव करके आप सुबह होने वाली इस समस्या को काफी हद तक नियंत्रित कर सकते हैं। अनुशासन और सही आदतों के साथ डायबिटीज के मरीज एक स्वस्थ और सक्रिय जीवनशैली का आनंद ले सकते हैं।
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