Pezeshkian Viral Video : नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। इसमें ईरानी राष्ट्रपति एक आध्यात्मिक कार्यक्रम के दौरान जगद्गुरु सतीशाचार्य से मुलाकात करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो ने भारत और ईरान के बीच सांस्कृतिक संवाद को लेकर भी लोगों का ध्यान आकर्षित किया है।
जगद्गुरु सतीशाचार्य से खास मुलाकात
पेजेश्कियान अपने भारत दौरे के दौरान धर्मगुरुओं, कारोबारियों और बुद्धिजीवियों से संवाद कर रहे हैं। इसी क्रम में उनकी जगद्गुरु सतीशाचार्य से भी मुलाकात हुई। वायरल वीडियो में दोनों के बीच बातचीत होती दिखाई देती है। इसके बाद ईरानी राष्ट्रपति कुछ क्षण के लिए नीचे की ओर झुकते नजर आते हैं। वीडियो के आधार पर सोशल मीडिया पर दावा किया गया कि उन्होंने जगद्गुरु के पैर छूकर आशीर्वाद लिया।
वायरल वीडियो को लेकर सामने आया दूसरा दावा
हालांकि, इसी वीडियो को लेकर एक अलग दावा भी सोशल मीडिया पर सामने आया है। कुछ लोगों का कहना है कि पेजेश्कियान जगद्गुरु के पैर छूने के लिए नहीं, बल्कि नीचे गिरे हुए पेन को उठाने के लिए झुके थे। इसलिए वीडियो को लेकर किए जा रहे दावों को उसके पूरे संदर्भ के साथ देखना जरूरी है। केवल वायरल क्लिप के आधार पर किसी एक दावे को अंतिम सत्य मानना उचित नहीं होगा।
कार्यक्रम में कई प्रमुख आध्यात्मिक हस्तियां मौजूद
इस विशेष संवाद कार्यक्रम में कई प्रमुख आध्यात्मिक हस्तियां भी मौजूद थीं। धर्म संसद के अध्यक्ष महामंडलेश्वर गोस्वामी सुशील जी महाराज और पतंजलि योग पीठ के आचार्य बालकृष्ण समेत अन्य लोग कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान धर्म, मानवता, आपसी सद्भाव और आध्यात्मिक मूल्यों से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। कार्यक्रम का उद्देश्य विभिन्न संस्कृतियों और धार्मिक परंपराओं के बीच संवाद को बढ़ावा देना भी रहा।
जगद्गुरु ने सनातन के संदेश पर रखी बात
जगद्गुरु सतीशाचार्य ने कार्यक्रम में सनातन परंपरा के मूल संदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि सनातन पूरी दुनिया को मानवता और सद्भाव का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि इसकी दृष्टि में पूरी मानवता एक परिवार के समान है। उनके अनुसार धर्म का उद्देश्य समाज में एकता और प्राणियों के बीच सद्भाव की भावना को मजबूत करना है।
पेजेश्कियान ने धर्म और मानवता पर दिया संदेश
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने भी कार्यक्रम में धर्म की भूमिका पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि धर्म और धार्मिक शिक्षाओं का उद्देश्य मानवता की रक्षा करना और न्याय व्यवस्था को स्थापित करने में योगदान देना है। उनके इस विचार को भारत यात्रा के दौरान धार्मिक और सांस्कृतिक संवाद की व्यापक तस्वीर से जोड़कर देखा जा रहा है।
सनातन को लेकर जगद्गुरु का संदेश
जगद्गुरु ने अपने संबोधन में कहा कि धर्म लोगों को एकजुट रहने और आपसी सद्भाव बनाए रखने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि सनातन की परंपरा किसी एक समुदाय की विजय की बात नहीं करती, बल्कि धर्म और सभी प्राणियों के कल्याण की भावना पर जोर देती है। कार्यक्रम में मानवता और विश्व शांति से जुड़े इन विचारों पर विशेष जोर दिया गया।
अबू धाबी के युवराज से भी मिले पेजेश्कियान
भारत दौरे के दौरान पेजेश्कियान ने अबू धाबी के युवराज खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ भी बैठक की। अमेरिकी हमलों के बाद दोनों नेताओं की यह पहली मुलाकात बताई जा रही है। बैठक में क्षेत्रीय घटनाक्रम और आपसी संबंधों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। इस बीच भारत में उनके धार्मिक और कूटनीतिक कार्यक्रमों से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बने हुए हैं।
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