Trump on Russia : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने संकेत दिया कि अब उनका धैर्य जवाब देने लगा है और रूस के साथ सख्त रवैया अपनाना जरूरी हो गया है। ट्रंप ने कहा कि यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए रूस और यूक्रेन दोनों को एक साथ आना होगा, लेकिन यह सहयोग नहीं दिख रहा है।

पुतिन और जेलेंस्की एकसाथ क्यों नहीं आते?
फॉक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा “जब पुतिन शांति के लिए तैयार होते हैं, तब जेलेंस्की पीछे हट जाते हैं, और जब जेलेंस्की तैयार होते हैं, तब पुतिन पीछे हट जाते हैं। अब ये ‘धैर्य खोने’ जैसा ही हो रहा है।” उन्होंने दो टूक कहा कि यदि यह स्थिति यूं ही बनी रही, तो अमेरिका को अब कठोर निर्णय लेने होंगे।

पोलैंड में ड्रोन गिरने पर ट्रंप की नाराजगी
राष्ट्रपति ट्रंप ने हाल ही में पोलैंड की सीमा के पास रूसी ड्रोन गतिविधियों पर भी कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा “हमें बताया गया है कि ड्रोनों को मार गिराया गया है, लेकिन वे पोलैंड की सीमा तक पहुंचे ही क्यों? यह पूरी स्थिति अस्वीकार्य है।”
सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, यूक्रेन पर रूसी हमले के दौरान पोलैंड के हवाई क्षेत्र में 16 रूसी ड्रोन घुस आए थे, जिन्हें पोलिश सेना ने मार गिराया। यह पहली बार था जब नाटो ने यूक्रेन युद्ध के दौरान सीधी जवाबी कार्रवाई की।
यूरोपीय नेताओं की तीखी प्रतिक्रिया
इस घटना के बाद फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भी सख्त प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा:“यूरोप की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। रूस की धमकियों के आगे झुकना संभव नहीं। हमने नाटो महासचिव और ब्रिटिश प्रधानमंत्री से बात की है।”
‘द्वितीय विश्व युद्ध के बाद सबसे खतरनाक स्थिति’
पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने संसद को संबोधित करते हुए कहा“हम युद्ध में नहीं हैं, लेकिन यह स्थिति द्वितीय विश्व युद्ध के बाद सबसे अधिक खतरनाक है।”गृह मंत्री के अनुसार, देशभर में देखे गए सभी ड्रोन मार गिराए गए और उनका मलबा कई किलोमीटर तक बिखर गया।
डोनाल्ड ट्रंप का यह बयान दर्शाता है कि अमेरिका अब रूस के खिलाफ और अधिक आक्रामक नीति की ओर बढ़ सकता है। पुतिन और जेलेंस्की के बीच जारी संवादहीनता और पोलैंड में घुसे ड्रोन इस पूरे संघर्ष को और अधिक जटिल और खतरनाक बना रहे हैं। ऐसे में आने वाले हफ्तों में अमेरिका और नाटो की रणनीतिक प्रतिक्रिया पर सभी की निगाहें टिकी होंगी।










