Jammu Kashmir earthquake: रविवार देर रात (5 अक्टूबर) जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में भूकंप के झटकों ने लोगों को डरावने हालात में डाल दिया। भूकंप विज्ञान केंद्र (IMD) की रिपोर्ट के अनुसार, भूकंप की तीव्रता रात करीब 2:47 बजे महसूस की गई। यह झटका इतनी तीव्रता का था कि कई लोग सोते हुए अचानक जाग गए और घरों से बाहर भागने को मजबूर हो गए। हालांकि राहत की बात ये रही कि भूकंप की तीव्रता कम होने के कारण कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ।
नैशनल क्राइसिस मैनेजमेंट सेंटर (NCS) ने भी एक्सपोस्ट के जरिए जानकारी दी कि इस भूकंप का केंद्र जमीन से लगभग 5 किलोमीटर नीचे था। फिलहाल जान-माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली है, लेकिन स्थानीय प्रशासन सतर्क है और पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
डोडा जिले में इस भूकंप के बाद तनाव और डर का माहौल बन गया, क्योंकि रात के समय अचानक झटके महसूस होने से लोग भयभीत हो गए। भूकंप के कारण कई लोग बिना किसी तैयारी के घरों से बाहर निकल आए, लेकिन सौभाग्य से कोई गंभीर हादसा नहीं हुआ।
जमीन में भूकंप के झटके महसूस किए जा रहे हैं, वहीं जम्मू-कश्मीर में अगले दो दिनों तक भारी बारिश और खराब मौसम की भी चेतावनी जारी की गई है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के चलते सोमवार (6 अक्टूबर) और मंगलवार (7 अक्टूबर) को स्कूल बंद रखने का फैसला लिया गया है। मौसम विभाग ने मैदानी इलाकों में तेज बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना जताई है।
डोडा जिले के बाद महाराष्ट्र के सतारा जिले में भी रविवार दोपहर 1:26 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए। यहाँ भूकंप की तीव्रता 2.7 मापी गई, जिसका केंद्र भी जमीन से करीब 5 किलोमीटर नीचे था। हालांकि महाराष्ट्र में भी कोई नुकसान की खबर नहीं आई है।
इसी तरह, 4 अक्टूबर को मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में 3.1 तीव्रता का भूकंप महसूस किया गया था, जिसका केंद्र जमीन से लगभग 10 किलोमीटर नीचे था। इस झटके ने भी लोगों को थोड़ी घबराहट में डाल दिया था।
भूकंप के दौरान हमेशा धैर्य और सतर्कता बनाए रखना जरूरी होता है। भूकंप आने पर:
तुरंत घर से बाहर खुले स्थान पर जाएं।
इमारतों, बिजली के पोल और पेड़ों से दूर रहें।
भारी वस्तुओं और टूट-फूट वाली चीजों से बचें।
मोबाइल फोन पर अफवाहों से बचें और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें।
हालांकि जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में देर रात आए भूकंप के झटकों से कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ, लेकिन यह घटना क्षेत्र में भूकंप के खतरे की याद दिलाती है। साथ ही, खराब मौसम और भारी बारिश की चेतावनी ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। नागरिकों को सतर्क रहना और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करना आवश्यक है।
भूकंप और प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षित रहने के लिए समय-समय पर तैयारियों और जागरूकता अभियान भी जरूरी हैं ताकि जान-माल की हानि को रोका जा सके।
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