Pratappur News : वन मंडल सूरजपुर में हाथियों के हमले में हो रही मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। वन परिक्षेत्र घुई में एक माह के भीतर हाथियों के हमले में हुई दो ग्रामीणों की मौत के बाद अब वन परिक्षेत्र प्रतापपुर में भी हाथियों के हमले में एक ग्रामीण महिला की मौत हो गई है। हमले के दौरान महिला के साथ उसका पुत्र भी था जिसने किसी तरह से भागकर अपनी जान बचाई।

बता दें कि वर्तमान में वन परिक्षेत्र प्रतापपुर में पच्चीस से तीस हाथियों का दल सक्रिय है। बुधवार को यह दल प्रतापपुर परिक्षेत्र के ही वन क्षेत्र धरमपुर के गौरा जंगल में विचरण कर रहा था। इसी दौरान रात करीब दो बजे यह दल जंगल से निकलकर गौरा चौक के पीछे मौजूद स्कूलपारा की बस्ती में प्रवेश कर गया। हाथियों के दल ने एक ग्रामीण महिला के घर पर हमला बोलते हुए घर को तोड़ना शुरू कर दिया। आवाज सुनकर घर के अंदर सो रहे महिला व उसके पुत्र की नींद खुल गई। नींद खुलते ही उन्हें सारा माजरा समझ में आ गया। वे अपनी जान बचाने के लिए घर से निकलकर भागने लगे। महिला के पुत्र ने तो किसी तरह से भागते हुए कुछ दूरी पर स्थित पेयजल के लिए लगी सोलर टंकी में चढ़कर अपनी जान बचा ली। पर महिला की किस्मत उतनी अच्छी नहीं थी। वह भागने के दौरान हाथियों की चपेट में आ गई। दल के एक हाथी ने उसे अपनी सूंड़ में लपेटा और जमीन पर पटककर पैरों से कुचल दिया। महिला के शरीर के टुकड़े टुकड़े हो गए।

घटना में ग्रामीण महिला सुबासो टेकाम पति बृजमोहन उम्र 53 की मौके पर ही मौत हो गई। इधर हाथियों के हमले से महिला का घर भी बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। घर में रखी खाद्य व अन्य सामग्री भी नष्ट हो गई। सूचना मिलते ही वनकर्मियों के साथ रात में ही मौके पर पहुंचे प्रतापपुर रेंजर उत्तम मिश्रा महिला के क्षतविक्षत शव को वन विभाग के वाहन से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रतापपुर लेकर पहुंचे जहां शव का पोस्टमार्टम किया गया। इसके पश्चात रेंजर उत्तम मिश्रा ने महिला के शव को स्वजनों को सौंपते हुए तात्कालिक सहायता राशि के रूप में पच्चीस हजार रुपए नकद प्रदान किए।


















