EVM Internet Connection: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन यानी EVM को लेकर उठने वाले सवालों पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि भारत में इस्तेमाल होने वाली EVM सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों द्वारा तैयार की जाती हैं। इन मशीनों को इंटरनेट, ब्लूटूथ या वाई-फाई से कनेक्ट नहीं किया जाता। उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि चुनाव प्रक्रिया में इस्तेमाल होने वाली तकनीक को लेकर फैलाई जाने वाली किसी भी जानकारी को तथ्यों के आधार पर परखना जरूरी है।
सोशल मीडिया की खबरों पर तुरंत भरोसा न करें
विद्यार्थियों के साथ संवाद के दौरान ज्ञानेश कुमार ने सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव का भी जिक्र किया। उन्होंने युवाओं से कहा कि इंटरनेट पर सामने आने वाली हर सूचना को सच मान लेना उचित नहीं है। किसी खबर या दावे पर विश्वास करने से पहले उसके स्रोत, प्रमाण और विश्वसनीयता की जांच करनी चाहिए। उन्होंने खास तौर पर फेक न्यूज और भ्रामक सूचनाओं से सतर्क रहने की सलाह दी।
18 साल की उम्र पूरी होते ही वोटर रजिस्ट्रेशन जरूरी
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने संविधान के अनुच्छेद 326 का उल्लेख करते हुए युवाओं को लोकतांत्रिक व्यवस्था में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले प्रत्येक युवा को मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि मतदान केवल अधिकार नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाने में नागरिक की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी है।
अपने छात्र जीवन की यादें भी साझा कीं
संवाद कार्यक्रम के दौरान ज्ञानेश कुमार ने अपने छात्र जीवन से जुड़ी पुरानी यादों को भी विद्यार्थियों के साथ साझा किया। उन्होंने वर्ष 1979 के अपने छात्र जीवन, शिक्षकों और विद्यालय से जुड़े अनुभवों का उल्लेख किया। मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि उनके जीवन में विद्यालय और शिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ अनुशासन और जिम्मेदारी के महत्व को भी समझाया।
जागरूक युवा लोकतंत्र को बनाएंगे मजबूत
ज्ञानेश कुमार ने कहा कि भारत में लगभग 100 करोड़ मतदाता हैं और इतनी बड़ी आबादी के लिए चुनाव कराना अपने आप में बेहद व्यापक प्रक्रिया है। उन्होंने युवाओं से लोकतांत्रिक गतिविधियों के प्रति जागरूक रहने और जिम्मेदारी के साथ मतदान करने की अपील की। उनका कहना था कि जब युवा मतदाता अपने अधिकारों और जिम्मेदारियों को समझेंगे, तभी लोकतांत्रिक व्यवस्था और मजबूत होगी।
यूपी चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश पहुंचे मुख्य चुनाव आयुक्त
आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार उत्तर प्रदेश पहुंचे हैं। उनके साथ निर्वाचन आयोग का प्रतिनिधिमंडल भी लखनऊ पहुंचा। इस दौरे के दौरान वह प्रदेश के 20 जिलों के अधिकारियों के साथ संवाद करेंगे। इसके अलावा स्कूली छात्रों और प्रधानाचार्यों से भी बातचीत कर चुनावी जागरूकता तथा लोकतांत्रिक भागीदारी को लेकर चर्चा की जाएगी।
अधिकारियों और चुनावी कर्मचारियों से भी होगी बातचीत
मुख्य चुनाव आयुक्त के उत्तर प्रदेश दौरे के दौरान चुनावी तैयारियों से जुड़े अधिकारियों के साथ कई महत्वपूर्ण बैठकें प्रस्तावित हैं। मंगलवार को वह आईजीपी में बूथ लेवल अधिकारियों यानी BLO के साथ संवाद करेंगे। इस दौरान चुनावी प्रक्रिया से जुड़े जमीनी स्तर के कर्मचारियों की भूमिका, मतदाता सूची और चुनाव संचालन से जुड़े विषयों पर चर्चा होने की संभावना है।
2022 में सात चरणों में हुआ था विधानसभा चुनाव
उत्तर प्रदेश में पिछला विधानसभा चुनाव वर्ष 2022 में फरवरी से मार्च के बीच सात चरणों में आयोजित किया गया था। चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद मार्च में राज्य में नई सरकार का गठन हुआ था। आगामी चुनाव से पहले निर्वाचन आयोग तैयारियों को मजबूत करने और चुनावी प्रक्रिया को व्यवस्थित करने पर जोर दे रहा है।
जनगणना और चुनाव के बीच कर्मचारियों की भूमिका अहम
इस बार फरवरी में जनगणना प्रस्तावित होने की वजह से सरकारी मशीनरी पर अतिरिक्त जिम्मेदारी भी रहेगी। जनगणना और चुनाव दोनों ही बड़े प्रशासनिक अभियानों में शिक्षकों तथा सरकारी कर्मचारियों की सेवाएं ली जाती हैं। ऐसे में निर्वाचन आयोग के लिए चुनावी तैयारियों और अन्य सरकारी जिम्मेदारियों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखना महत्वपूर्ण होगा। ज्ञानेश कुमार का दौरा इसी व्यापक तैयारी का हिस्सा माना जा रहा है।
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