Portugal vs Congo FIFA : फीफा वर्ल्ड कप 2026 के रोमांचक मुकाबले में एक चौंकाने वाला परिणाम देखने को मिला, जब दिग्गज खिलाड़ी क्रिस्टियानो रोनाल्डो की अगुवाई वाली पुर्तगाल की टीम को अपने से कहीं कमजोर मानी जाने वाली डीआर कांगो की टीम ने 1-1 की बराबरी पर रोक दिया। फुटबॉल प्रशंसकों के लिए यह मुकाबला किसी बड़े उलटफेर से कम नहीं था। पुर्तगाल जैसे ‘हैवीवेट’ दावेदार को अपने वर्ल्ड कप कैंपेन की शुरुआत में ही अफ्रीकी टीम कांगो की मजबूत रक्षापंक्ति के आगे संघर्ष करना पड़ा। मैच के दौरान पुर्तगाल की टीम गेंद पर नियंत्रण रखने में तो सफल रही, लेकिन वे मैच को निर्णायक दिशा में ले जाने में नाकाम रहे।

जोआओ नेवेस का शुरुआती गोल और पुर्तगाल का धमाकेदार आगाज़
मैच के पहले मिनट से ही क्रिस्टियानो रोनाल्डो के नेतृत्व में पुर्तगाली टीम ने आक्रामक रुख अपनाया। वर्ल्ड कप में सबसे उम्रदराज फुटबॉलर के तौर पर अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे रोनाल्डो मैदान पर बेहद ऊर्जावान नजर आए। पुर्तगाल को सफलता बहुत जल्द मिल गई, जब मैच के महज 6वें मिनट में जोआओ नेवेस ने एक शानदार हेडर के जरिए गोल दागकर टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी। इस गोल के बाद लग रहा था कि पुर्तगाल आसानी से मैच अपने नाम कर लेगा और कांगो की टीम दबाव में बिखर जाएगी। लाल जर्सी में खेल रही पुर्तगाली टीम का दबदबा देखते ही बन रहा था, जबकि कांगो की टीम रक्षात्मक खेल खेलती दिखाई दी।

कांगो का संघर्ष: 52 साल बाद वापसी और ऐतिहासिक गोल
डीआर कांगो की कहानी इस मैच में किसी प्रेरणा से कम नहीं रही। 52 साल बाद वर्ल्ड कप के मंच पर लौटी कांगो की टीम के लिए परिस्थितियां बिल्कुल भी आसान नहीं थीं। देश में इबोला वायरस के प्रकोप के कारण खिलाड़ियों को 21 दिनों तक क्वारंटाइन रहना पड़ा था, जिससे उनकी पूरी तैयारी प्रभावित हुई थी। इसके बावजूद, कोच सैमुअल मुथुस्वामी की टीम ने मैदान पर अद्भुत साहस का परिचय दिया। पहले हाफ के अंतिम क्षणों में कांगो को वह जादुई पल मिला, जिसका उन्हें इंतजार था। इयोन ओइजा ने एक बेहतरीन कॉर्नर किक को हेडर में बदलकर वर्ल्ड कप में कांगो के लिए पहला गोल दाग दिया। यह कांगो के फुटबॉल इतिहास के लिए एक यादगार लम्हा था।
रोनाल्डो की कोशिशें नाकाम, कांगो ने रचा नया इतिहास
मैच के दूसरे हाफ में पुर्तगाल ने जीत दर्ज करने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी। रोनाल्डो ने गोल करने की भरसक कोशिश की, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। एक मौके पर रोनाल्डो का बाइसिकल किक से किया गया शानदार गोल ‘ऑफसाइड’ करार दिए जाने के कारण रद्द कर दिया गया, जिसने पुर्तगाल की निराशा और बढ़ा दी। खेल के 65वें मिनट के बाद रोनाल्डो ने और भी आक्रामक तेवर अपनाए, लेकिन कांगो के मजबूत डिफेंस ने उनके हर हमले को नाकाम कर दिया। अंततः, जैसे ही अंतिम सीटी बजी, कांगो की टीम ने इतिहास रच दिया। यह वर्ल्ड कप में उनका पहला पॉइंट था, जिसने यह साबित कर दिया कि फुटबॉल के खेल में जज्बा और मेहनत किसी भी बड़ी टीम के दबदबे को चुनौती दे सकती है।











