Flydubai Accident : फ्लाईदुबई की दुबई से तेल अवीव जा रही उड़ान में हुए कथित कॉकपिट हमले को लेकर जांच में नई जानकारी सामने आई है। इटली के समाचार पत्र Corriere della Sera की जांच और Ynet News की रिपोर्ट के अनुसार, ओमानी को-पायलट हमाम अल-हमामी ने कथित तौर पर विमान पर नियंत्रण हासिल करने की कोशिश की। रिपोर्ट में यह संभावना भी जताई गई है कि यात्रियों द्वारा उसके प्रयास को नाकाम किए जाने के बाद उसने विमान को सऊदी अरब के रेगिस्तानी इलाके में गिराने का प्रयास किया हो सकता है।
कॉकपिट में कैप्टन पर किया गया हमला
रिपोर्टों के मुताबिक, हमाम अल-हमामी ने कॉकपिट के भीतर भारतीय मूल के कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला किया। आरोप है कि उसने कॉकपिट में मौजूद क्रैश एक्स यानी आपातकालीन कुल्हाड़ी का इस्तेमाल करते हुए कैप्टन पर कई बार वार किए। हमले में गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन ने विमान को सुरक्षित रखने की कोशिश जारी रखी और आपातकालीन व्यवस्था का इस्तेमाल किया।
घायल होने के बावजूद कैप्टन ने खोला दरवाजा
कथित हमले के बाद कैप्टन स्मित मच्छार ने इमरजेंसी स्विच दबाकर कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। इससे विमान में मौजूद यात्रियों और अन्य क्रू सदस्यों को कॉकपिट के भीतर पहुंचने का अवसर मिला। इसके बाद सह-पायलट के विमान पर कथित नियंत्रण हासिल करने की कोशिश को रोकने में मदद मिली। घटना के दौरान विमान में सवार लोगों के बीच अफरा-तफरी की स्थिति पैदा हो गई थी।
ऑटोपायलट हटाने का भी दावा
रिपोर्ट के अनुसार, जब हमलावर को लगा कि विमान पर नियंत्रण हासिल करने की उसकी कोशिश सफल नहीं हो रही है, तब उसने कथित तौर पर ऑटोपायलट सिस्टम को डिस्कनेक्ट कर दिया। इसके बाद बोइंग 737 के कंट्रोल्स को तेजी से नीचे की दिशा में धकेलने की बात सामने आई है। दावा है कि इसके परिणामस्वरूप विमान बहुत कम समय में करीब 16,000 फीट नीचे आ गया।
विमान के इंजन को लेकर भी जांच
इस घटना में एक अन्य गंभीर संभावना भी जांच के दायरे में है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सह-पायलट ने विमान के इंजन तक ईंधन की आपूर्ति रोकने का प्रयास किया हो सकता है। विमान के भीतर रिकॉर्ड हुए वीडियो की समीक्षा करने वाले दो बोइंग 737 कैप्टनों ने कथित तौर पर पाया कि उड़ान के दौरान यात्री केबिन की इमरजेंसी लाइटें अचानक सक्रिय हो गई थीं। उनके अनुसार, ऐसी स्थिति कभी-कभी इंजन की पावर में कमी से जुड़ी हो सकती है।
फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर से खुलेगा राज
जांच एजेंसियां अब फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर और विमान के भीतर बनाए गए वीडियो फुटेज की मदद से पूरे घटनाक्रम की पुष्टि करने में जुटी हैं। जांच का एक प्रमुख सवाल यह है कि क्या सह-पायलट ने वास्तव में इंजन की ईंधन आपूर्ति बाधित करने की कोशिश की थी या इमरजेंसी लाइटों का सक्रिय होना किसी तकनीकी समस्या का परिणाम था। आधिकारिक जांच पूरी होने के बाद ही इस संबंध में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की चर्चा
घटना के बाद कैप्टन स्मित मच्छार की भूमिका को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा हुई है। रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने गंभीर चोट के बावजूद विमान की सुरक्षा बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कॉकपिट का दरवाजा खोलने की उनकी कार्रवाई से यात्रियों और क्रू सदस्यों को कथित हमलावर को रोकने में मदद मिली। विमान में कुल 174 यात्रियों के सवार होने की बात सामने आई है।
प्रधानमंत्री मोदी ने भी की सराहना
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कैप्टन स्मित मच्छार की सूझबूझ और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की है। रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री ने कैप्टन के परिवार से बातचीत भी की। इस घटना को लेकर उनके साहस और संकट के दौरान लिए गए फैसलों की चर्चा की गई है। विमान को सुरक्षित रूप से लैंड कराने की कोशिश को घटना का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।
नेतन्याहू और ट्रंप ने भी की तारीफ
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित को बहादुरी के लिए सराहा और कहा कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने स्थिति संभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कैप्टन की हिम्मत की प्रशंसा की। हालांकि, विमान में हुई घटना, कथित हमलावर की मंशा और विमान को गिराने की कोशिश से जुड़े दावों की अंतिम पुष्टि अभी आधिकारिक जांच के परिणामों पर निर्भर करेगी।
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