Iran US Ceasefire
Iran US Ceasefire : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के साथ दो सप्ताह के युद्ध-विराम (सीजफायर) की घोषणा ने वैश्विक वित्तीय बाजारों में जबरदस्त हलचल पैदा कर दी है। मंगलवार को ट्रंप के ‘ट्रुथ सोशल’ पोस्ट के बाद, जिसमें उन्होंने ईरान के 10-सूत्रीय शांति प्रस्ताव को स्वीकार करने और हमलों को रोकने की बात कही, निवेशकों के बीच अनिश्चितता और उम्मीद का मिला-जुला माहौल बन गया है। इस घोषणा का सबसे तात्कालिक और बड़ा असर कीमती धातुओं और ऊर्जा बाजार पर देखने को मिला है। जहाँ एक ओर सोने की कीमतों में रॉकेट जैसी तेजी आई है, वहीं दूसरी ओर कच्चे तेल के दाम धड़ाम से नीचे गिर गए हैं।
सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग में बुधवार को भारी इजाफा देखा गया। शुरुआती कारोबार के दौरान ही स्पॉट गोल्ड की कीमतों में की शानदार बढ़त दर्ज की गई, जिससे यह प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गया। गौरतलब है कि मंगलवार को भी सोने के दाम चढ़े थे, लेकिन सीजफायर की खबर ने इसे नई ऊंचाइयों पर पहुँचा दिया। बाजार विश्लेषकों का कहना है कि हालांकि युद्ध रुकने की खबर सुखद है, लेकिन अगले दो हफ्तों की बातचीत के नतीजे को लेकर निवेशकों में अभी भी डर बना हुआ है, जिसके कारण वे भारी मात्रा में सोना खरीद रहे हैं।
बाजार विशेषज्ञों और कमोडिटी एक्सपर्ट्स की नजरें अब सोने के अगले बड़े पड़ाव पर टिकी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मध्य पूर्व में राजनीतिक स्थिरता को लेकर संशय बना रहता है, तो सोना बहुत जल्द के प्रतिरोध स्तर (Resistance Level) को पार कर जाएगा। यदि तेजी का यह दौर जारी रहा, तो सोना के उस जादुई और ऐतिहासिक आंकड़े को छू सकता है, जिसकी कल्पना कुछ समय पहले तक असंभव लग रही थी। दिलचस्प तथ्य यह है कि फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद से सोने में की गिरावट आई थी, लेकिन मौजूदा अनिश्चितता ने इसे फिर से निवेशकों का सबसे भरोसेमंद साथी बना दिया है।
एक तरफ जहाँ सोने ने निवेशकों को मालामाल किया है, वहीं सीजफायर की खबर तेल बाजार के लिए बड़ी राहत लेकर आई है। कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें, जो युद्ध के कारण आसमान छू रही थीं, कुछ ही घंटों के भीतर डॉलर से गिरकर डॉलर प्रति बैरल पर आ गईं। कीमतों में की यह गिरावट कोरोना काल के बाद की सबसे बड़ी एकदिनी गिरावट मानी जा रही है। विशेषज्ञों का तर्क है कि युद्ध के भय के कारण तेल की कीमतों में जो कृत्रिम उछाल (War Premium) आया था, वह सीजफायर और होर्मुज जलडमरूमध्य खुलने की खबर के साथ ही पूरी तरह से गायब हो गया है।
सोने के साथ-साथ अन्य कीमती धातुओं ने भी बाजार में अपनी चमक बिखेरी है। प्लेटिनम की कीमतों में की वृद्धि देखी गई और यह डॉलर के स्तर पर पहुँच गया। वहीं, पैलेडियम भी की बढ़त के साथ डॉलर के स्तर को छूने में कामयाब रहा। बाजार के जानकारों का मानना है कि आने वाले दो हफ्ते वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होंगे। यदि पाकिस्तान की मध्यस्थता में होने वाली इस्लामाबाद वार्ता सफल रहती है, तो शेयर बाजारों में रिकवरी और कमोडिटी मार्केट में स्थिरता देखने को मिल सकती है। फिलहाल, पूरी दुनिया की नजरें ईरान और अमेरिका के बीच होने वाली अगली कूटनीतिक चालों पर टिकी हैं।
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