GST Politics : केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित “नेक्स्ट जेनरेशन GST” ढांचे की घोषणा के साथ ही एक बार फिर वस्तु एवं सेवा कर (GST) बहस के केंद्र में आ गया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को जीएसटी परिषद की बैठक के बाद 175 से अधिक वस्तुओं और सेवाओं पर टैक्स दरों में कटौती का ऐलान किया, जिससे आम आदमी को राहत मिलने की उम्मीद है। लेकिन कांग्रेस और विपक्षी खेमे ने इस फैसले पर राजनीतिक मंशा का आरोप लगाते हुए सरकार पर तंज कसा है।
सरकार ने मध्यम वर्ग को राहत देने के उद्देश्य से नए GST ढांचे में कई अहम बदलाव किए हैं:
खाद्य पदार्थों जैसे तेल, घी, पनीर, नूडल्स, नमकीन, पास्ता, सॉस आदि पर टैक्स दर 18% और 12% से घटाकर 5% कर दी गई है।
ब्रेड, दूध और पनीर पर जीएसटी पूरी तरह हटाया गया है।
33 जीवन रक्षक दवाओं को शून्य कर श्रेणी में रखा गया है।
स्वास्थ्य और जीवन बीमा पर भी अब कोई जीएसटी नहीं लगेगा।
कृषि उपकरण, कीटनाशक, और सिलाई मशीन, चश्मे, थर्मामीटर, ग्लूकोमीटर, जैसे स्वास्थ्य उपकरणों पर टैक्स 5% किया गया है।
हस्तशिल्प, चमड़ा उत्पाद और संगमरमर पर भी टैक्स में कटौती की गई है।
कांग्रेस का तंज: 8 साल बाद क्यों जागी सरकार?
GST लागू हुए 8 साल पूरे हो चुके हैं। इस मौके पर कांग्रेस ने सरकार के इस फैसले का स्वागत तो किया, लेकिन साथ ही तीखा कटाक्ष भी किया। पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने कहा,”हम नए GST ढांचे का स्वागत करते हैं, लेकिन यह बदलाव बहुत देर से आया है। हमने पहले दिन से ही इस जटिल कर ढांचे का विरोध किया था। सरकार ने इसे जल्दबाज़ी में लागू किया, और अब जाकर बदलाव की ज़रूरत समझी जा रही है।”
कांग्रेस का सबसे बड़ा सवाल यह है कि अब अचानक बदलाव की ज़रूरत क्यों महसूस हुई? चिदंबरम ने कटाक्ष करते हुए पूछा –”क्या यह ट्रंप के टैरिफ़ के डर से हो रहा है या बिहार के चुनावी वोटों के लिए?”विपक्ष का कहना है कि यह फैसला जनता की राहत से ज्यादा, चुनावी और वैश्विक दबावों का परिणाम हो सकता है। भारत में आने वाले महीनों में बिहार विधानसभा चुनाव हैं, और अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप की वापसी की चर्चा के बीच व्यापारिक टकराव का खतरा भी मंडरा रहा है।
सरकार के इस फैसले से आम उपभोक्ताओं और मध्यम वर्ग को सीधी राहत जरूर मिलेगी, लेकिन विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों ने राजनीतिक बहस को हवा दे दी है। क्या यह बदलाव वास्तव में आर्थिक सुधार का संकेत है या चुनावी रणनीति? इसका जवाब आने वाला वक्त देगा।
Read More : FIFA Punishment: फीफा ने नस्लवादी व्यवहार पर दिखाया सख्त रुख, अर्जेंटीना समेत छह देशों पर भारी जुर्माना
Sarguja School Teacher : छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले से शिक्षा जगत को शर्मसार करने वाली…
Trump Xi Meeting : चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग द्वारा अमेरिका को एक 'पतनशील राष्ट्र'…
Fuel Price Hike : देश में एक बार फिर महंगाई का जोर देखने को मिल…
Chhattisgarh Weather : छत्तीसगढ़ के मौसम में इन दिनों बड़े बदलाव देखने को मिल रहे…
CNG Price Delhi : देश की राजधानी दिल्ली और इसके आसपास के इलाकों में रहने…
Akshay Pratap Singh FIR : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ का हजरतगंज इलाका उस समय…
This website uses cookies.