Raipur Women Criminals: राजधानी रायपुर में अब अपराध की दुनिया में महिलाएं भी किसी से पीछे नहीं हैं। कभी सिर्फ बैकअप रोल में दिखने वाली महिलाएं अब ड्रग्स सिंडिकेट, वसूली गैंग और हत्या जैसे गंभीर अपराधों में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। रेलवे स्टेशन की अक्का बाई से लेकर इंटीरियर डिज़ाइनर के भेष में ड्रग्स तस्कर नव्या मालिक तक, रायपुर की अपराध जगत में कई महिला चेहरे आज पुलिस रिकॉर्ड में कुख्यात हिस्ट्रीशीटर बन चुके हैं।

अक्का बाई से शुरू हुआ सिलसिला, अब सोशल मीडिया तक पहुंचा
करीब 30 साल पहले रायपुर रेलवे स्टेशन इलाके में अक्का बाई की दहशत थी। वह लोहा चोरी, जुआ-सट्टा और अवैध वसूली जैसे अपराधों में संलिप्त थी। पुलिस भी उससे टकराने से बचती थी। हालांकि अब वह अपराध की दुनिया से दूरी बना चुकी है। लेकिन उसके बाद मुस्कान रात्रे, मोनिका-पूजा सचदेव, वृद्धि साहू और नव्या मालिक जैसे नाम सामने आए, जिन्होंने महिला अपराधियों की नई पीढ़ी को जन्म दिया।

ड्रग्स से लेकर वसूली तक, महिलाओं का संगठित अपराध
मुस्कान रात्रे, जो मौदहापारा इलाके की हिस्ट्रीशीटर है, का जिलाबदर हो चुका है। फिर भी वह अपने गैंग के साथ वसूली और मारपीट जैसे अपराधों में सक्रिय है। हाल ही में उसका चाकू लहराते हुए एक वीडियो भी वायरल हुआ था।
मोनिका और पूजा सचदेव, कोतवाली व सिविल लाइन में सक्रिय ये बहनें नशे और गुंडागर्दी के लिए बदनाम हैं। हत्या के केस में जेल जा चुकी मोनिका फिर से नशीली गोलियों के नेटवर्क में सक्रिय हो गई है।
वृद्धि साहू, दलदल सिवनी क्षेत्र की लेडी डॉन, ईरानी गैंग से जुड़ी रही है और अपहरण, आईटी एक्ट, मारपीट जैसे कई मामलों में जेल जा चुकी है। सोशल मीडिया पर हथियारों और हुक्का के साथ उसके कई वीडियो सामने आ चुके हैं।
झूठे केस और धमकियां बना धंधा
शबाना खान, टिकरापारा क्षेत्र की महिला अपराधी, युवतियों का गैंग चलाती है। ये युवतियां सूदखोरों के लिए वसूली करती हैं और दुष्कर्म के झूठे केस की धमकी देती हैं।”मिस बच्ची”, आजाद चौक की नाबालिग लड़की, हथियारबंद गैंग के साथ काम करती थी। स्कूटी से साइड न देने पर एक युवक की दिनदहाड़े हत्या कर दी थी।
पुलिस की सक्रियता बढ़ी
रायपुर एसएसपी लाल उम्मेद सिंह के अनुसार, महिला हो या पुरुष, अपराध में लिप्त किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। नशे के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है और हिस्ट्रीशीटर महिलाओं की निगरानी भी बढ़ा दी गई है।
रायपुर में महिला अपराधियों की बढ़ती सक्रियता चिंता का विषय बन चुकी है। ड्रग्स से लेकर हत्या तक, इनका नेटवर्क अब सिर्फ स्थानीय स्तर पर नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर भी फैल रहा है। पुलिस की चुनौती अब दोहरी हो गई है – अपराध की रोकथाम और समाज में बढ़ती इस नई मानसिकता का सामना करना।










