Pakistan Floods 2025: पाकिस्तान इस समय भीषण बाढ़ की चपेट में है। पंजाब और खैबर पख्तूनख्वा प्रांतों में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDMA) के मुताबिक, 26 जून से 31 अगस्त तक बाढ़ से 854 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 1,100 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। हालात इतने भयावह हैं कि अब तक 5 लाख से ज्यादा लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ा है।

इतिहास की सबसे बड़ी बाढ़
पंजाब प्रांत की मंत्री मरियम औरंगजेब ने कहा है कि यह पंजाब के इतिहास की सबसे भीषण बाढ़ है। प्रदेश में अब तक 20 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। सतलुज, चिनाब और रावी नदियों का जलस्तर रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया है, जिससे 2,300 से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में हैं।

चिनाब, रावी और सतलुज: तीनों नदियां उफान पर
भारत की सीमा से लगते क्षेत्रों में स्थित ये तीनों अंतरराष्ट्रीय नदियां पहली बार एक साथ उफान पर हैं। इन नदियों के जलस्तर में अचानक तेजी से बढ़ोतरी हुई, जिससे लाहौर, मुल्तान और हाफिजाबाद जैसे बड़े शहरों में जलभराव की स्थिति बन गई है। लाहौर alone में 15 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हैं।
बाढ़ से मौतें और नुकसान
NDMA की रिपोर्ट के अनुसार, दो-तिहाई मौतें मकान ढहने और अचानक आई बाढ़ के कारण हुईं। जबकि डूबने से हुई मौतें कुल मौतों का केवल 10% हिस्सा हैं। पिछले 24 घंटों में 15 लोगों की जान गई है, जिनमें से 10 पंजाब और 5 खैबर पख्तूनख्वा से हैं।
जलवायु परिवर्तन और ग्लेशियर पिघलना है बड़ी वजह
विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार की बाढ़ के पीछे जलवायु परिवर्तन और असामान्य मानसून पैटर्न बड़ी वजह हैं। गिलगित-बाल्टिस्तान जैसे पहाड़ी क्षेत्रों में तापमान 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे ग्लेशियर तेजी से पिघले और नदियों में जलस्तर बढ़ा।
2022 की विनाशकारी बाढ़ के बाद यह दूसरी बड़ी आपदा है, जिसने पाकिस्तान को झकझोर कर रख दिया है। उस समय 1,700 से ज्यादा लोग मारे गए थे और देश को करीब 30 अरब डॉलर का नुकसान हुआ था।
सरकार की लचर नीतियां भी जिम्मेदार
UN-हैबिटेट 2023 रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान की अव्यवस्थित शहरी प्लानिंग और अवैध निर्माण भी इस संकट को बढ़ाने के पीछे बड़ी वजह हैं। 50% से ज्यादा शहरी आबादी झुग्गियों में रहती है, जिनमें कई नदियों के किनारे बने हुए हैं। बाढ़ की मार इन कमजोर बस्तियों पर सबसे ज्यादा पड़ी है।
रेस्क्यू और राहत कार्य जारी
पंजाब सरकार के मुताबिक, अब तक 7.60 लाख लोगों और 5 लाख से अधिक मवेशियों को बचाया गया है। PDMA के अनुसार, कई इलाकों में 120 मिमी से ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई है। सरकार लगातार राहत और बचाव कार्य चला रही है।
पाकिस्तान एक बार फिर भीषण प्राकृतिक आपदा से जूझ रहा है। जलवायु परिवर्तन, कमजोर इंफ्रास्ट्रक्चर और सरकारी नीतियों की खामियों ने बाढ़ को और विकराल बना दिया है। आने वाले दिनों में और बारिश की संभावना जताई गई है, ऐसे में प्रशासन और जनता दोनों को सतर्क रहना बेहद जरूरी है।
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