Iran-US War
Iran-US War: मिडिल ईस्ट में युद्ध की आहट और बारूद की गंध के बीच ईरान ने अपनी सुरक्षा रणनीति को लेकर दुनिया को एक चौंकाने वाला संकेत दिया है। फारसी नव वर्ष के अवसर पर ईरान की कैबिनेट मीटिंग किसी आलीशान सरकारी दफ्तर के बजाय कंक्रीट की अभेद्य दीवारों वाले एक गुप्त भूमिगत बंकर में आयोजित की गई। सरकारी मीडिया द्वारा जारी तस्वीरों में ईरानी मंत्री एक विशाल किलेबंद हॉल में चर्चा करते नजर आ रहे हैं। हालांकि, तेहरान ने इस स्थान की सटीक जानकारी साझा नहीं की है, लेकिन रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि संभावित हवाई हमलों और अमेरिकी खतरों को देखते हुए ईरान ने अपनी पूरी प्रशासनिक कमान को जमीन के नीचे सुरक्षित ठिकानों पर स्थानांतरित कर दिया है। यह कदम दर्शाता है कि ईरान अब किसी भी बड़े हमले के लिए खुद को पूरी तरह तैयार कर चुका है।
इस हाई-प्रोफाइल बंकर मीटिंग के बाद ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने स्पष्ट किया कि वाशिंगटन के साथ किसी भी प्रकार की ‘डायरेक्ट’ बातचीत नहीं हो रही है। सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बघाई ने उन तमाम अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया जिनमें अमेरिका और ईरान के बीच सीधी मेज पर चर्चा की बात कही जा रही थी। उन्होंने साफ किया कि हालांकि मध्यस्थों के जरिए अमेरिका के कुछ संदेश प्राप्त हुए हैं, लेकिन ईरान अब अमेरिकी दावों की साख पर भरोसा करने के मूड में नहीं है। तेहरान का मानना है कि अमेरिकी प्रशासन बार-बार अपने बयानों और फैसलों को बदलकर कूटनीतिक विरोधाभास पैदा कर रहा है, जिससे बातचीत का माहौल खत्म हो गया है।
कूटनीतिक गलियारों से छनकर आ रही खबरों के मुताबिक, मध्यस्थों के जरिए ईरान तक एक 15 सूत्रीय शांति योजना पहुंचाई गई थी। हालांकि, ईरान के विदेश मंत्रालय ने इस प्रस्ताव को पूरी तरह से ‘तर्कहीन’ और एकतरफा करार दिया है। प्रवक्ता बघाई के अनुसार, इन प्रस्तावों में ऐसी शर्तें शामिल की गई हैं जो ईरान की राष्ट्रीय संप्रभुता के खिलाफ हैं और जिन्हें पूरा करना किसी भी सूरत में मुमकिन नहीं है। ईरान ने साफ संदेश दिया है कि वह किसी भी बाहरी दबाव या धमकी के आगे नहीं झुकेगा। बंकर से संचालित हो रही सरकार की तस्वीरें यह बताने के लिए काफी हैं कि तेहरान अब झुकने के बजाय टकराने की रणनीति पर काम कर रहा है।
हाल ही में पाकिस्तान के इस्लामाबाद में सऊदी अरब, तुर्किये और मिस्र के विदेश मंत्रियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई थी, जिससे ईरान ने दूरी बनाए रखी। इस पर स्पष्टीकरण देते हुए बघाई ने कहा कि ईरान पड़ोसी देशों द्वारा शांति की कोशिशों का सम्मान करता है, लेकिन किसी भी शांति चर्चा से पहले यह तय होना चाहिए कि इस संघर्ष की शुरुआत किसने की थी। ईरान वर्तमान में अपनी आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने में जुटा है। बंकर मीटिंग इसी रक्षात्मक और आक्रामक रणनीति का हिस्सा है। आने वाले समय में यदि तनाव और बढ़ता है, तो ईरान अपनी पूरी सैन्य और राजनीतिक कमान को इन्हीं सुरक्षित पाताल लोक जैसे ठिकानों से संचालित करने की योजना बना रहा है।
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