Crude Oil Price Today : ईरान को लेकर जारी युद्ध और सैन्य तनाव के बीच कूटनीतिक बातचीत से कुछ राहत मिलने के संकेत दिखाई दे रहे हैं। ईरान और कतर के अधिकारियों के बीच लगातार तीसरे दिन हुई बातचीत के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। सोमवार, 2 नवंबर को वैश्विक बाजार में क्रूड ऑयल के दाम 1 प्रतिशत से ज्यादा नीचे आ गए। बाजार के जानकार इस गिरावट को क्षेत्र में तनाव कम होने और बातचीत के जरिए समाधान निकलने की संभावनाओं से जोड़कर देख रहे हैं।
पिछले सप्ताह तेजी के बाद कीमतों में सुधार
केसीएम ट्रेड के मुख्य बाजार विश्लेषक टिम वॉटरर के मुताबिक, पिछले सप्ताह कच्चे तेल की कीमतों में उल्लेखनीय तेजी देखने को मिली थी। इसके बाद अब बाजार में कुछ सुधार यानी करेक्शन दिखाई दे रहा है। उनका कहना है कि ईरान से जुड़े विवाद को बातचीत के जरिए सुलझाने की संभावनाओं ने निवेशकों की चिंता कुछ कम की है। इसके अलावा, हाल के घटनाक्रम में किसी नई बड़ी सैन्य कार्रवाई या तनाव बढ़ने के संकेत नहीं मिलने से तेल की कीमतों पर दबाव कम हुआ है।

ब्रेंट क्रूड के 120 डॉलर तक पहुंचने की आशंका
हालांकि, बाजार विश्लेषक टिम वॉटरर ने मौजूदा गिरावट को स्थायी राहत मानने से आगाह किया है। उनके अनुसार, ईरान से जुड़े राजनीतिक और सैन्य बयान अगर आने वाले दिनों में ज्यादा आक्रामक होते हैं, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें फिर तेजी से बढ़ सकती हैं। उन्होंने आशंका जताई है कि आगामी मध्यावधि चुनाव के बाद ब्रेंट क्रूड का भाव 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकता है। यानी फिलहाल कीमतों में गिरावट के बावजूद बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है।

ईरान ने बातचीत जारी रखने पर दिया जोर
इस बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने रविवार को कहा कि कतर के मध्यस्थों के साथ बातचीत और विचार-विमर्श जारी रखना उनके देश की प्राथमिकता है। उन्होंने संकेत दिया कि दोनों पक्षों के बीच संवाद आगे बढ़ रहा है। ईरान का रुख यह है कि वह कूटनीतिक रास्ते से समाधान तलाशने के लिए तैयार है, लेकिन अपनी सुरक्षा और रक्षा से जुड़े विकल्पों को भी नजरअंदाज नहीं कर रहा है।
कूटनीति के साथ रक्षा के लिए भी तैयार ईरान
ईरानी विदेश मंत्री के बयान से स्पष्ट है कि उनका देश बातचीत के जरिए तनाव कम करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन किसी संभावित सैन्य स्थिति के लिए भी तैयार रहना चाहता है। ईरान ने कूटनीति और रक्षा दोनों मोर्चों पर तैयारी बनाए रखने की बात कही है। ऐसे में आने वाले दिनों में कतर की मध्यस्थता और दोनों पक्षों के बीच होने वाली बातचीत पर अंतरराष्ट्रीय बाजार की नजर बनी रहेगी।

होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमलों से बढ़ी चिंता
दूसरी ओर, होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले तेल टैंकरों पर हमलों की घटनाओं ने वैश्विक बाजार की चिंता बढ़ा दी है। यह समुद्री मार्ग दुनिया के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि यहां से बड़ी मात्रा में कच्चे तेल और अन्य ऊर्जा उत्पादों का परिवहन होता है। इस रास्ते पर सुरक्षा संबंधी खतरे बढ़ने से जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने और परिवहन लागत बढ़ने की आशंका है।
वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है असर
होर्मुज जलडमरूमध्य में असुरक्षा का असर केवल तेल की कीमतों तक सीमित नहीं रह सकता। यदि इस मार्ग से जहाजों की आवाजाही बाधित होती है, तो ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार दोनों प्रभावित हो सकते हैं। इससे माल ढुलाई, बीमा और परिवहन का खर्च बढ़ सकता है। इसका असर कई देशों की अर्थव्यवस्थाओं और उपभोक्ताओं तक पहुंचने की आशंका है।
बातचीत की सफलता पर टिकी बाजार की नजर
फिलहाल ईरान और कतर के बीच जारी बातचीत ने अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार को कुछ राहत जरूर दी है, लेकिन क्षेत्रीय सुरक्षा की स्थिति अब भी संवेदनशील बनी हुई है। एक तरफ कूटनीतिक समाधान की उम्मीद है, तो दूसरी तरफ होर्मुज जलडमरूमध्य में हमलों और संभावित सैन्य तनाव का खतरा मौजूद है। ऐसे में आने वाले दिनों में तेल की कीमतों की दिशा काफी हद तक कूटनीतिक प्रयासों और क्षेत्रीय घटनाक्रम पर निर्भर करेगी।


