Priyanka Gandhi on Women Safety : कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने महिलाओं के खिलाफ अपराधों को लेकर चिंता जताते हुए केंद्र और राज्य सरकारों से सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है। वायनाड दौरे के दौरान उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराध गंभीर रूप लेते जा रहे हैं। उनका कहना था कि यदि महिलाएं सड़कों पर सुरक्षित महसूस नहीं कर सकतीं, तो विकास और बड़ी योजनाओं की चर्चा अधूरी रह जाती है।
सड़कों पर महिलाओं की सुरक्षा को बताया जरूरी
प्रियंका गांधी ने कहा कि सरकारों को यह गंभीरता से देखना चाहिए कि महिलाएं घर से बाहर निकलते समय खुद को सुरक्षित महसूस करें। उन्होंने केंद्र के साथ-साथ राज्य सरकारों की जिम्मेदारी पर भी जोर दिया। उनके मुताबिक, कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर ठोस कार्रवाई की जरूरत है, ताकि सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं के लिए सुरक्षित माहौल बनाया जा सके।
वायनाड दौरे पर लोगों से मिलने की योजना
वायनाड में अपने कार्यक्रमों को लेकर प्रियंका गांधी ने कहा कि यह एक लंबी यात्रा है और वह अधिक से अधिक लोगों से मिलना चाहती हैं। उन्होंने बताया कि लोगों की समस्याओं को नजदीक से समझना जरूरी है, ताकि उनकी जरूरतों के अनुसार उचित कदम उठाए जा सकें। उनका महिला सुरक्षा संबंधी बयान ऐसे समय आया है, जब बिहार और दिल्ली में नाबालिगों से जुड़ी गंभीर घटनाएं सामने आई हैं।
जमुई में नाबालिग छात्र-छात्रा से बदसलूकी
बिहार के जमुई में 19 सितंबर को कोचिंग से लौट रहे कक्षा 10 के एक नाबालिग छात्र और छात्रा को लोगों के एक समूह ने कथित तौर पर रोक लिया था। सामने आए वीडियो में दोनों के साथ मारपीट और छात्रा से बदसलूकी के दृश्य दिखाई दिए। वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद पुलिस ने मामले में कार्रवाई शुरू की। पुलिस के मुताबिक, इस मामले में करीब सात लोगों की पहचान हुई है और जांच जारी है।
POCSO के तहत केस, SIT ने शुरू की जांच
जमुई मामले में पुलिस ने POCSO एक्ट के तहत केस दर्ज किया और आरोपियों की पहचान के लिए विशेष जांच दल यानी SIT का गठन किया। पुलिस ने पहले तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। बाद में मुख्य आरोपी बताए जा रहे नंदन यादव को भी पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, कार्रवाई के दौरान नंदन यादव के पैर में गोली लगी और उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।
दिल्ली के कालकाजी में नाबालिग से कथित गैंगरेप
दिल्ली के कालकाजी इलाके में भी 17 वर्षीय लड़की के साथ कथित गैंगरेप का मामला सामने आया। पुलिस के अनुसार, घटना 21 सितंबर की शाम आस्था कुंज पार्क में हुई। आरोप है कि तीन लोगों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर लड़की और उसके दोस्त को रोका। इसके बाद लड़की को उसके दोस्त से अलग कर एक सुनसान स्थान पर ले जाया गया, जहां उसके साथ कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म किया गया।
एक आरोपी मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस के अनुसार, मामले में आरोपी आसिफ को अमर कॉलोनी इलाके के पास पकड़ने की कोशिश की गई। पुलिस का दावा है कि आरोपी ने फायरिंग की, जिसके बाद मुठभेड़ हुई और वह घायल हो गया। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच कर रही है। घटना के बाद राजधानी में नाबालिगों और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चर्चा फिर तेज हुई है।
महिला सुरक्षा को लेकर राजनीतिक बहस तेज
जमुई और दिल्ली की घटनाओं के बाद महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। विपक्षी नेताओं ने सरकारों से जवाबदेही और प्रभावी कार्रवाई की मांग की है। वहीं, संबंधित पुलिस एजेंसियां दोनों मामलों की जांच कर रही हैं। प्रियंका गांधी का बयान भी इसी व्यापक बहस के बीच आया है, जिसमें उन्होंने सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं की सुरक्षा को सरकारों की प्राथमिक जिम्मेदारी के रूप में उठाया।
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