Israel Hezbollah War
Israel Hezbollah War : पश्चिम एशिया में शांति की उम्मीदों को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा इजरायल और लेबनान के बीच संघर्षविराम (सीजफायर) को तीन सप्ताह के लिए बढ़ाने की औपचारिक घोषणा के कुछ ही घंटों बाद जमीनी हालात बेहद विस्फोटक हो गए। व्हाइट हाउस से शांति का संदेश जारी होने के तुरंत बाद ही सीमा के दोनों ओर से भीषण हमले शुरू हो गए। इजरायली डिफेंस फोर्स (IDF) ने जानकारी दी कि लेबनान की तरफ से उत्तरी इजरायल के शतुला क्षेत्र को निशाना बनाकर कई रॉकेट दागे गए। इस अचानक हुए हमले ने न केवल सीजफायर की प्रासंगिकता पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि क्षेत्र में एक बार फिर पूर्ण युद्ध का खतरा पैदा कर दिया है।
लेबनान की ओर से हुए हमले के जवाब में इजरायली वायुसेना ने दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर ताबड़तोड़ बमबारी की। आईडीएफ ने दावा किया है कि उनके आयरन डोम सिस्टम ने दुश्मन के रॉकेटों को हवा में ही सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट कर लिया। जवाबी कार्रवाई में इजरायल ने उस रॉकेट लॉन्चर को पूरी तरह तबाह कर दिया जिससे शतुला पर हमला किया गया था। इसके अतिरिक्त, एक अन्य तैयार खड़े लॉन्चर को भी मलबे में तब्दील कर दिया गया। इजरायली सैन्य प्रवक्ता के अनुसार, इस सर्जिकल स्ट्राइक में हिजबुल्लाह के कम से कम तीन लड़ाके मारे गए हैं। इजरायल ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अपनी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा।
जमीनी हमलों के साथ-साथ अब हवा में भी संघर्ष तेज हो गया है। हिजबुल्लाह ने अपनी सैन्य शक्ति का प्रदर्शन करते हुए इजरायली वायुसेना के एक लड़ाकू विमान पर सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल (SAM) दागी। हालांकि, इजरायली तकनीकी श्रेष्ठता के कारण यह मिसाइल अपने लक्ष्य को भेदने में नाकाम रही। इसके अलावा, दक्षिणी लेबनान में तैनात इजरायली जमीनी सैनिकों को भी निशाना बनाने की कोशिश की गई। हिजबुल्लाह के लड़ाकों ने इजरायली टुकड़ियों पर आत्मघाती विस्फोटक ड्रोन और रॉकेटों से हमला किया। इन घटनाओं ने यह स्पष्ट कर दिया है कि हिजबुल्लाह कूटनीतिक वार्ताओं के बावजूद पीछे हटने को तैयार नहीं है।
इजरायल ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने इन हमलों को संघर्षविराम समझौते का सीधा और गंभीर उल्लंघन बताया है। इजरायली नेतृत्व का कहना है कि वे शांति के पक्षधर हैं, लेकिन यदि हिजबुल्लाह की ओर से उकसावे की कार्रवाई जारी रही, तो वे और अधिक घातक हमले करने के लिए मजबूर होंगे। जवाब में इजरायल ने दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह के कमांड सेंटर, हथियारों के गोदाम और सैन्य चौकियों पर अपने हमले और तेज कर दिए हैं। इजरायल का मानना है कि हिजबुल्लाह सीजफायर की आड़ में अपनी सैन्य ताकत को दोबारा संगठित करने का प्रयास कर रहा है, जिसे वे किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने देंगे।
इससे पहले, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ओवल ऑफिस में एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद दुनिया को आश्वस्त किया था कि दोनों पक्ष तीन सप्ताह तक गोलीबारी रोकने पर सहमत हैं। ट्रंप ने इसे एक “ऐतिहासिक कदम” बताते हुए संकेत दिया था कि वे इजरायल और लेबनान के शीर्ष नेताओं को स्थायी शांति वार्ता के लिए वाशिंगटन बुला सकते हैं। ट्रंप की योजना थी कि इन तीन हफ्तों के दौरान कूटनीतिक प्रयासों को तेज कर तनाव को हमेशा के लिए खत्म किया जाए। लेकिन वर्तमान गोलाबारी ने यह साबित कर दिया है कि वाशिंगटन में मेज पर किए गए वादे और सीमा पर चल रही खूनी जंग के बीच एक गहरी खाई है।
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