Israel Gaza Attack: गाजा सिटी में इजराइली सेना ने मंगलवार को जमीनी हमले (ग्राउंड ऑपरेशन) शुरू कर दिए हैं। CNN ने दो इजराइली अधिकारियों के हवाले से इस हमले की पुष्टि की है। यह हमला गाजा सिटी के बाहरी इलाकों से शुरू हुआ है, जहां पहले से ही रात भर हवाई हमले जारी थे। इन हमलों में अब तक कम से कम 41 लोग मारे जा चुके हैं।

3 लाख से अधिक लोग गाजा छोड़ चुके हैं
इजराइली सेना के एक अधिकारी के मुताबिक, लगभग 3.2 लाख नागरिक अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर चुके हैं। इस भारी पलायन ने क्षेत्र में मानवीय संकट को और गहरा दिया है। कई परिवार बिना किसी सामान के शहर छोड़ने को मजबूर हुए हैं।

इजराइल के रक्षा मंत्री काट्ज का बयान
इजराइल के रक्षा मंत्री बेन्यामीन काट्ज ने कहा कि सेना बंदकों की रिहाई और हमास की हार के लिए पूरी बहादुरी से लड़ रही है। उन्होंने बताया, “गाजा जल रहा है, और हमारी सेना आतंकियों के ठिकानों पर पूरे बल से हमले कर रही है। हम तब तक पीछे नहीं हटेंगे और न ही रुकेंगे जब तक मिशन पूरा नहीं हो जाता।”
गाजा पर कब्जे की योजना पहले ही मंजूर हो चुकी है
इजराइल ने पिछले महीने अगस्त में गाजा सिटी पर कब्जे के लिए योजना को मंजूरी दी थी। इसके तहत करीब 60 हजार रिजर्व सैनिकों को तैनात करने का आदेश जारी किया गया था। इस योजना के अनुसार, कुल 1.30 लाख सैनिकों को ड्यूटी पर लगाया जाएगा।
पहली खेप में 2 सितंबर को लगभग 40-50 हजार सैनिकों को बुलाने का शेड्यूल तय किया गया है। इसके बाद नवंबर-दिसंबर और फिर फरवरी-मार्च 2026 में और सैनिकों की भर्ती की जाएगी।
ऑपरेशन ‘गिदोन’स चेरिएट्स-बी’
इजराइली सेना के इस ऑपरेशन का नाम ‘गिदोन’स चेरिएट्स-बी’ रखा गया है। ऑपरेशन में 5 आर्मी डिवीजन और 12 ब्रिगेड-लेवल टीमें शामिल होंगी। इनमें पैदल सेना, टैंक, तोपखाना, इंजीनियरिंग और सपोर्ट यूनिट्स प्रमुख हैं। साथ ही, गाजा डिवीजन की नॉर्थ और साउथ ब्रिगेड भी इस अभियान में भाग ले रही हैं।
मानवाधिकारों और अंतरराष्ट्रीय दबाव के बीच बढ़ती हिंसा
इस हमले और कब्जे के बीच गाजा में बढ़ती हिंसा और मानवीय संकट को लेकर विश्व समुदाय की चिंता भी बढ़ रही है। संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और मानवीय राहत पहुंचाने की अपील की है।
इजराइल का गाजा सिटी में शुरू किया गया जमीनी हमला क्षेत्र में स्थिति को अत्यंत गंभीर बना चुका है। हजारों की संख्या में लोग विस्थापित हुए हैं और हताहतों की संख्या लगातार बढ़ रही है। रक्षा मंत्री के कड़े तेवर और व्यापक सैन्य तैयारी से संकेत मिलता है कि यह संघर्ष और लंबा चलने वाला है।
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