Israel Airstrike Yemen : रविवार दोपहर यमन की राजधानी सना जोरदार धमाकों से गूंज उठी। सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, यह विस्फोट इजराइली हवाई हमलों के कारण हुए। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि इजराइल ने राष्ट्रपति भवन और मिसाइल ठिकानों के पास स्थित स्थानों को निशाना बनाया। राजधानी के अलावा बंदरगाह शहर होदेइदाह में भी इसी तरह के हमले दर्ज किए गए। यह हमला ऐसे समय हुआ है जब पश्चिम एशिया में तनाव अपने चरम पर है। पहले गाजा, फिर लेबनान, सीरिया और अब यमन इजराइल का सैन्य अभियान तेजी से क्षेत्रीय स्तर पर फैलता दिख रहा है।

हूती विद्रोहियों के मिसाइल हमले का जवाब
बताया जा रहा है कि यह हमला हूती विद्रोहियों द्वारा शुक्रवार को इजराइल पर दागी गई मिसाइल के जवाब में किया गया है। इजराइली रक्षा सूत्रों के अनुसार, इस मिसाइल में क्लस्टर वारहेड था—यह पहली बार है जब हूतियों ने इस तरह के घातक हथियार का प्रयोग किया। इस हमले को फिलिस्तीन के समर्थन में अंजाम दिया गया था। 7 अक्टूबर 2023 को शुरू हुए इजराइल-हमास युद्ध के बाद से, हूतियों ने इजराइली क्षेत्रों की ओर कई बार ड्रोन और मिसाइल हमले किए हैं। इजराइली सेना ने अधिकतर हमलों को नाकाम किया है, लेकिन इसके बदले में यमन में हूती ठिकानों पर लगातार एयरस्ट्राइक हो रही हैं।

बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव: क्या अगला निशाना ईरान?
इस घटना के बाद सवाल उठ रहे हैं क्या अगला निशाना ईरान हो सकता है?दरअसल, सितंबर में कई पश्चिमी देश फिलिस्तीन को मान्यता देने की तैयारी कर रहे हैं, जिसे इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू रोकना चाहते हैं। विश्लेषकों का मानना है कि नेतन्याहू इस क्षेत्रीय तनाव का उपयोग ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के लिए कर सकते हैं, ताकि वैश्विक ध्यान फिलिस्तीन की मान्यता से हटाया जा सके।
लाल सागर में भी असर, वैश्विक नौवहन प्रभावित
हूती विद्रोही पिछले दो वर्षों से लाल सागर में नौवहन को निशाना बना रहे हैं। नवंबर 2023 से दिसंबर 2024 के बीच, उन्होंने 100 से अधिक जहाजों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए हैं। ये हमले 1 ट्रिलियन डॉलर मूल्य के माल परिवहन को प्रभावित करते हैं। हालांकि मई में अमेरिका और हूतियों के बीच एक समझौता हुआ था, जिसमें जहाजों पर हमले रोकने के बदले अमेरिकी हवाई हमले बंद करने की बात थी। बावजूद इसके, हूतियों ने इजराइल से जुड़े लक्ष्यों पर हमले जारी रखे।
इजराइल का यमन पर यह हमला न सिर्फ पश्चिम एशिया में संकट को और गहरा करता है, बल्कि यह वैश्विक सुरक्षा और व्यापार मार्गों के लिए भी गंभीर चिंता का विषय है। आने वाले दिनों में यह देखा जाना महत्वपूर्ण होगा कि क्या यह संघर्ष सीमित रहेगा या यह और अधिक देशों को अपनी चपेट में ले लेगा।










