Jhiram Kand : छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित झीरम घाटी मामले को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और घटना से प्रभावित परिवारों के सदस्यों से मुलाकात की। बैठक में झीरम घटना से जुड़े मामलों की मौजूदा स्थिति, हालिया अदालत के फैसले और आगे की कानूनी प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा हुई। प्रतिनिधिमंडल ने मामले में न्याय की अपनी मांग और आगे उठाए जाने वाले कदमों को लेकर राहुल गांधी के सामने अपना पक्ष रखा।
न्याय मिलने तक जारी रहेगी लड़ाई
मुलाकात के दौरान झीरम कांड से प्रभावित परिवारों की ओर से न्याय और मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया को लेकर चर्चा की गई। बैठक के बाद सामने आई जानकारी के अनुसार, राहुल गांधी ने पीड़ित परिवारों के साथ खड़े रहने और न्याय की मांग को लेकर आगे भी प्रयास जारी रखने की बात कही। परिवारों की ओर से मामले के विभिन्न पहलुओं और अदालत के हालिया निर्णय के बाद की स्थिति पर भी चर्चा की गई।
छत्तीसगढ़ कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता रहे मौजूद
नई दिल्ली में हुई इस बैठक में छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रभारी सुखदेव भगत, राष्ट्रीय महासचिव और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत, पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज मौजूद रहे। कांग्रेस नेताओं ने झीरम मामले की जांच, न्यायिक प्रक्रिया और पीड़ित परिवारों की मांगों से जुड़े मुद्दों पर राहुल गांधी के साथ विचार-विमर्श किया।
पीड़ित परिवारों के प्रतिनिधि भी बैठक में शामिल
बैठक में झीरम पीड़ित परिवारों की ओर से उमेश पटेल, अनिता योगेंद्र शर्मा, जितेंद्र मुदलियार, शिव सिंह ठाकुर, छविंद्र कर्मा और मलकीत सिंह गैन्दू समेत अन्य प्रतिनिधि शामिल हुए। इन परिवारों ने मामले से जुड़े घटनाक्रम और आगे की कानूनी कार्रवाई को लेकर अपनी अपेक्षाएं सामने रखीं। बैठक को पीड़ित परिवारों और कांग्रेस नेतृत्व के बीच समन्वय के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
NIA अदालत के फैसले के बाद बढ़ी कानूनी हलचल
झीरम घाटी मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी NIA की विशेष अदालत ने 16 सितंबर को 10 दोषियों को मृत्युदंड की सजा सुनाई थी। इसके बाद पीड़ित परिवारों और कांग्रेस नेताओं की ओर से आगे की कानूनी प्रक्रिया पर चर्चा शुरू हुई। दिल्ली में राहुल गांधी के साथ हुई बैठक में भी अदालत के इस फैसले और आगे उपलब्ध कानूनी विकल्पों पर विचार किया गया।
आगे की कानूनी रणनीति पर हुआ मंथन
मुलाकात के दौरान झीरम मामले में आगे की कानूनी लड़ाई को लेकर रणनीति पर भी विचार किया गया। रिपोर्टों के अनुसार, कांग्रेस की ओर से वरिष्ठ वकीलों से कानूनी सलाह लेने और उसके बाद आगे की प्रक्रिया तय करने की बात कही गई है। पीड़ित परिवारों के लिए अदालत के फैसले के बाद उपलब्ध कानूनी विकल्पों को समझना बैठक का अहम हिस्सा रहा।
25 मई 2013 को हुआ था झीरम घाटी हमला
झीरम घाटी हमला 25 मई 2013 को छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में हुआ था। माओवादी हमले में कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा के कई नेताओं और अन्य लोगों की मौत हुई थी। इस घटना ने पूरे छत्तीसगढ़ को झकझोर दिया था और इसके बाद मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी को सौंपी गई थी।
बैठक के बाद आगे की दिशा पर नजर
झीरम मामले को लेकर राहुल गांधी और पीड़ित परिवारों की मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब अदालत के हालिया फैसले के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया पर चर्चा तेज है। अब संबंधित पक्ष अदालत के निर्णय के बाद उपलब्ध विकल्पों पर आगे बढ़ने की तैयारी कर रहे हैं। दिल्ली में हुई बैठक के बाद मामले की कानूनी दिशा और पीड़ित परिवारों की मांगों को लेकर आने वाले कदमों पर नजर रहेगी।
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