Kanker NIA Court Verdict : छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में सुरक्षा बलों के जवानों को विस्फोट के जरिए निशाना बनाने की साजिश से जुड़े मामले में भानुप्रतापपुर की एनआईए विशेष अदालत ने फैसला सुनाया है। अदालत ने प्रतिबंधित माओवादी संगठन की जनमिलिशिया से जुड़े आरोपी सानू कोमरा और अर्जुन साहू को दोषी ठहराते हुए 10-10 साल के सश्रम कारावास की सजा दी है। इसके साथ ही दोनों आरोपियों पर 2-2 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
अक्टूबर 2023 में हुई थी गिरफ्तारी
पुलिस के मुताबिक, यह मामला 28 अक्टूबर 2023 का है। उस दिन कांकेर जिले के कोयलीबेड़ा थाना क्षेत्र में चिलपरस-नयापारा पहाड़ी के पास सीमा सुरक्षा बल (BSF) और पुलिस की संयुक्त टीम गश्त कर रही थी। इसी दौरान जंगल के नजदीक कुछ संदिग्ध लोग दिखाई दिए। सुरक्षा बलों को देखकर संदिग्ध भागने लगे, जिसके बाद जवानों ने घेराबंदी कर दो लोगों को पकड़ लिया।
दोनों आरोपियों की हुई पहचान
पकड़े गए व्यक्तियों की पहचान सानू कोमरा (23) और अर्जुन साहू (22) के रूप में हुई। दोनों बेड़ापारा आलपरस, थाना कोयलीबेड़ा क्षेत्र के निवासी बताए गए। पुलिस के अनुसार, दोनों प्रतिबंधित माओवादी संगठन की जनमिलिशिया से जुड़े थे और सुरक्षा बलों को विस्फोट के माध्यम से निशाना बनाने की साजिश में शामिल थे। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और बरामद सामग्री को जांच का हिस्सा बनाया।
आरोपियों के पास से विस्फोटक सामग्री बरामद
कार्रवाई के दौरान सुरक्षा बलों ने आरोपियों के कब्जे से विस्फोटक तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री बरामद करने का दावा किया था। इसमें नौ डेटोनेटर, तार का एक बंडल, एक स्विच, प्लास्टिक रस्सी के तीन बंडल, छर्रों के दो पैकेट, लगभग एक किलोग्राम लोहे के टुकड़े, दो पाइप और एक मोबाइल फोन शामिल थे। पुलिस ने बरामदगी के आधार पर प्रकरण दर्ज किया और जांच पूरी होने के बाद आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में मामला पेश किया।
विशेष अदालत ने सुनाए दस-दस साल के कारावास
मामले की सुनवाई भानुप्रतापपुर स्थित एनआईए विशेष अदालत में हुई। विशेष न्यायाधीश दीपक के गुप्ता की अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और अभियोजन पक्ष की दलीलों पर विचार करने के बाद दोनों आरोपियों को दोषी ठहराया। अदालत ने सानू कोमरा और अर्जुन साहू को 10-10 साल के सश्रम कारावास के साथ प्रत्येक पर 2,000 रुपये का अर्थदंड लगाया। इस फैसले को कांकेर में नक्सल अपराधों से जुड़े मामलों की न्यायिक प्रक्रिया के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कांकेर में अब 33 नक्सल मामले लंबित
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कांकेर जिले में नक्सल अपराधों से जुड़े कुल 36 मामले लंबित थे। इनमें से तीन मामलों में फैसला आने के बाद अब 33 प्रकरण लंबित बताए गए हैं। इनमें दो मामलों का निपटारा भानुप्रतापपुर न्यायालय और एक का कांकेर न्यायालय से संबंधित बताया गया है।
सितंबर में भी सुनाए गए थे अहम फैसले
इससे पहले सितंबर 2026 में कांकेर न्यायालय ने एसजेडसीएम प्रभाकर राव और उनकी पत्नी डीवीएम राजे कांगे से जुड़े मामले में फैसला सुनाया था। वहीं, 16 सितंबर 2026 को भानुप्रतापपुर की विशेष अदालत ने नक्सली पोलूराम आंचला को 10 साल के कारावास की सजा दी थी। शेष मामलों में सुनवाई और न्यायिक प्रक्रिया जारी है।
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