Kathua Cloudburst : जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में रविवार सुबह बादल फटने की घटना ने तबाही मचा दी। अचानक आई बाढ़ से जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया। कई घर पानी में डूब गए, पुलिस स्टेशन तक जलमग्न हो गया और रेल सेवाएं ठप हो गईं। साथ ही जम्मू-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग का बड़ा हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो गया। अब तक इस आपदा में 4 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।

रेल पटरियां डूबीं, सेवाएं रुकीं
कठुआ में तेज बारिश और बाढ़ का असर रेलवे पर भी पड़ा। पानी भरने से रेल पटरियां डूब गईं और कई ट्रेनों का संचालन रोकना पड़ा। रेल अधिकारियों के अनुसार, हालात सामान्य होने और ट्रैक से पानी हटने के बाद ही सेवाएं बहाल की जा सकेंगी। यात्रियों को स्टेशनों पर इंतजार करना पड़ रहा है।

जम्मू-पठानकोट राजमार्ग क्षतिग्रस्त
बाढ़ का सबसे बड़ा असर जम्मू-पठानकोट राजमार्ग पर देखा गया। राजमार्ग के कई हिस्सों में पानी भर जाने और कटाव से सड़क क्षतिग्रस्त हो गई। इससे जम्मू क्षेत्र का यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। प्रशासन ने वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था करने की कोशिशें शुरू कर दी हैं।
घाटी और जंगलोट में भारी बारिश
कठुआ के घाटी और जंगलोट क्षेत्रों में सुबह से ही भारी बारिश हो रही थी। बारिश का पानी घरों और दुकानों में घुस गया। पुलिस ने बताया कि कठुआ पुलिस स्टेशन समेत कई सरकारी इमारतें पूरी तरह जलमग्न हो गईं। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए बचाव कार्य जारी है।
उझ और सहार खड्ड खतरे के निशान से ऊपर
स्थानीय रिपोर्ट्स के अनुसार, उझ नदी और सहार खड्ड इस समय खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। इससे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा और बढ़ गया है। जिला प्रशासन ने लोगों को नदी किनारे और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की चेतावनी दी है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें राहत कार्यों में जुटी हैं।
चार लोगों की मौत, कई प्रभावित
अब तक इस आपदा में 4 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई अन्य प्रभावित हुए हैं। मृतकों की पहचान की जा रही है। प्रशासन ने बताया कि प्रभावित परिवारों को अस्थायी आश्रय शिविरों में स्थानांतरित किया जा रहा है और उन्हें भोजन व चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
आपदा प्रबंधन दल सक्रिय
जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने आपदा प्रबंधन दलों को सक्रिय कर दिया है। सेना और अर्धसैनिक बल भी राहत कार्यों में सहयोग कर रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय ने स्थिति पर लगातार नज़र बनाए रखी है और आवश्यक संसाधनों की आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
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