Kishtwar encounter : जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में आतंकियों की मौजूदगी की पक्की जानकारी के बाद भारतीय सेना ने शनिवार को बड़ा एक्शन शुरू कर दिया है। जिले के दुल इलाके में दो से तीन आतंकियों के छिपे होने की सूचना के बाद सेना ने इलाके को घेर लिया, जिसके बाद मुठभेड़ शुरू हो गई है। दोनों ओर से गोलीबारी जारी है, और सेना का अभियान पूरी ताकत के साथ चल रहा है।

खुफिया इनपुट के बाद सेना का एक्शन
सेना की ओर से जारी बयान के अनुसार, 10 अगस्त 2025 की सुबह भारतीय सेना को खुफिया जानकारी मिली थी कि किश्तवाड़ के जंगलों में कुछ आतंकवादी छिपे हुए हैं। जानकारी मिलते ही व्हाइट नाइट कोर के जवानों ने कार्रवाई शुरू कर दी और संपर्क स्थापित होते ही मुठभेड़ शुरू हो गई।

ऑपरेशन अखल से जुड़ा मामला
इससे पहले, पिछले करीब 10 दिनों से कुलगाम के अखल क्षेत्र में सेना आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन अखल चला रही है। इसमें तीन आतंकी मारे जा चुके हैं, लेकिन इस दौरान भारतीय सेना के दो जवान – प्रितपाल सिंह और हरमिंदर सिंह – शहीद हो गए, जबकि 10 अन्य जवान घायल हुए हैं। सूत्रों के अनुसार, आतंकवादी घने जंगलों की गुफाओं में छिपे हुए हैं, और वे रुक-रुककर गोलीबारी कर रहे हैं जिससे ऑपरेशन लंबा खिंच रहा है।
स्वतंत्रता दिवस से पहले सतर्कता
देश 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस का 78वां समारोह मनाने जा रहा है। उससे पहले सुरक्षा एजेंसियां पूरे देश में सतर्क हैं। दिल्ली समेत कई संवेदनशील क्षेत्रों में भी छापेमारी और निगरानी तेज कर दी गई है। जम्मू-कश्मीर में भी संवेदनशील इलाकों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है।
किश्तवाड़ का बढ़ता आतंक नेटवर्क
किश्तवाड़ जिला, जो जम्मू क्षेत्र का हिस्सा है, हाल के वर्षों में फिर से आतंकियों के निशाने पर है। सुरक्षा बलों का कहना है कि आतंकवादी एलओसी पार कर घने जंगलों में शरण ले रहे हैं और वहां से हमलों की योजना बना रहे हैं। किश्तवाड़ में चल रहा यह अभियान स्वतंत्रता दिवस से पहले सुरक्षा बलों की तैयारी और सतर्कता को दर्शाता है। हालांकि ऑपरेशन अभी जारी है, सेना की कोशिश है कि आतंकियों को नुकसान पहुंचाकर इलाके को पूरी तरह सुरक्षित किया जाए।










