Lok Sabha Monsoon Session: संसद के मानसून सत्र 2026 में लोकसभा की कार्यवाही लगातार बाधित होने के बीच लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने गतिरोध खत्म करने की पहल की है। सोमवार को कार्य मंत्रणा समिति यानी बीएसी की बैठक में उन्होंने सभी दलों के सदन के नेताओं से सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद जनता की आवाज उठाने का सबसे महत्वपूर्ण मंच है और इसके लिए सभी राजनीतिक दलों को मिलकर ऐसा रास्ता निकालना चाहिए, जिससे सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चल सके।

सभी दलों के बीच सहमति बनाने पर जोर
बैठक के दौरान लोकसभा अध्यक्ष ने सदन में लगातार जारी हंगामे पर चिंता जताई। उन्होंने राजनीतिक दलों से अपील की कि संसद की कार्यवाही को व्यवस्थित तरीके से चलाने के लिए आपसी सहमति बनाना जरूरी है। उनके मुताबिक, गतिरोध को समाप्त करने के लिए सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों को मिलकर प्रयास करना होगा। इससे सदन में महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा का रास्ता साफ हो सकेगा और सांसदों को अपनी बात रखने का पर्याप्त अवसर मिलेगा।

महत्वपूर्ण विधेयकों पर पर्याप्त समय देने का भरोसा
सूत्रों के अनुसार, ओम बिरला ने बैठक में यह भी स्पष्ट किया कि महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा के लिए जितना समय मांगा जाएगा, उतना समय उपलब्ध कराने पर विचार किया जाएगा। उनका जोर इस बात पर था कि संसद की कार्यवाही केवल औपचारिकता तक सीमित न रहे, बल्कि विधेयकों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर गंभीर एवं विस्तृत चर्चा हो। उन्होंने सभी दलों से सकारात्मक माहौल बनाने में सहयोग की अपेक्षा की।
मानसून सत्र की शुरुआत से हंगामा जारी
लोकसभा में मानसून सत्र की शुरुआत से ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कई मुद्दों को लेकर टकराव देखने को मिल रहा है। अयोध्या के राम मंदिर से चढ़ावे की कथित चोरी के मुद्दे पर चर्चा की मांग और प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्ष लगातार सरकार से जवाब मांग रहा है। विपक्ष की ओर से गृह मंत्री अमित शाह से इस मामले में जवाब देने की मांग भी उठाई गई है। इन मुद्दों पर हुए हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही प्रभावित हुई है।
सार्थक चर्चा के लिए सदस्यों की भागीदारी जरूरी
लोकसभा अध्यक्ष ने बैठक में सदस्यों की प्रभावी भागीदारी पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि संसद में होने वाली चर्चा सार्थक, रचनात्मक और जनहित पर केंद्रित होनी चाहिए। देश की जनता संसद में होने वाली बहस और निर्णय प्रक्रिया को सुनना चाहती है। ऐसे में सांसदों की जिम्मेदारी है कि वे सदन के मंच का उपयोग महत्वपूर्ण मुद्दों को मजबूती से उठाने और उनके समाधान खोजने के लिए करें।

जनता के मुद्दों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता
ओम बिरला ने कहा कि देश और जनता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे संसद के बाहर इंतजार करते नहीं रह सकते। इन मुद्दों की आवाज सदन के भीतर उठनी चाहिए और उन पर गंभीरता से चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि संसद का उद्देश्य केवल राजनीतिक मतभेदों को व्यक्त करना नहीं, बल्कि जनसमस्याओं पर विचार-विमर्श कर समाधान की दिशा में आगे बढ़ना भी है।
सामूहिक प्रयास से चले सदन की कार्यवाही
लोकसभा अध्यक्ष ने सभी राजनीतिक दलों से सामूहिक प्रयास करने की अपील करते हुए कहा कि सदन की कार्यवाही व्यवस्थित, सुचारु और गरिमापूर्ण तरीके से चलना जरूरी है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए संवाद और सहमति का वातावरण बनाए रखना आवश्यक है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच मतभेद लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन इन मतभेदों के बावजूद सदन की कार्यवाही बाधित नहीं होनी चाहिए।
गतिरोध खत्म होने पर आगे बढ़ेगा कामकाज
बीएसी की बैठक के बाद अब उम्मीद की जा रही है कि मानसून सत्र में जारी गतिरोध को खत्म करने के लिए सभी दलों के बीच बातचीत आगे बढ़ेगी। लोकसभा अध्यक्ष की अपील के बाद महत्वपूर्ण विधेयकों और जनहित के मुद्दों पर चर्चा का रास्ता खुल सकता है। हालांकि, विपक्ष जिन मुद्दों पर सरकार से जवाब मांग रहा है, उन पर सहमति बनना अभी महत्वपूर्ण चुनौती बनी हुई है। संसद की कार्यवाही सुचारु होने से सांसदों को जनता से जुड़े मुद्दे उठाने और सरकार को जवाबदेह बनाने का अवसर मिलेगा।
Read More : Jharkhand Protest: JPSC के पूर्व चेयरमैन एल. खियांग्ते गिरफ्तार, छात्रों के बीच CID का बड़ा एक्शन












