Long Working Hours : आज की तेज रफ्तार जिंदगी में लंबे समय तक ऑफिस में काम करना, घंटों डेस्क पर बैठे रहना, कम सोना और लगातार तनाव झेलना आम हो गया है। शुरुआत में इसका असर केवल थकान, चिड़चिड़ापन या सिरदर्द के रूप में नजर आता है, लेकिन लंबे समय तक ऐसी दिनचर्या जारी रहने पर हृदय स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, काम और आराम के बीच संतुलन न होना हार्ट डिजीज के जोखिम को बढ़ाने वाले कई कारकों को जन्म दे सकता है।
55 घंटे से ज्यादा काम करने वालों में बढ़ सकता है जोखिम
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) की एक रिसर्च में सप्ताह में 55 घंटे या उससे अधिक काम करने को कम घंटे काम करने वालों की तुलना में स्ट्रोक और इस्कीमिक हार्ट डिजीज से मृत्यु के अधिक जोखिम से जोड़ा गया है। इसका अर्थ यह नहीं है कि 55 घंटे काम करते ही किसी व्यक्ति को हृदय रोग हो जाएगा, बल्कि लंबे समय तक ऐसा रूटीन अपनाने से जोखिम बढ़ सकता है।
काम का तनाव दिल की धड़कन और ब्लड प्रेशर बढ़ा सकता है
डेडलाइन, लगातार काम का दबाव और आराम के लिए पर्याप्त समय न मिलना शरीर में तनाव की स्थिति पैदा करता है। ऐसे समय में कोर्टिसोल और एड्रेनालाईन जैसे स्ट्रेस हार्मोन का स्तर बढ़ सकता है। इससे हृदय गति और ब्लड प्रेशर बढ़ने के साथ रक्त वाहिकाओं की कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है। लंबे समय तक तनाव रहने पर यह स्थिति हृदय के लिए ज्यादा चुनौतीपूर्ण बन सकती है।
घंटों बैठे रहना भी बन सकता है परेशानी की वजह
ऑफिस में 9 से 10 घंटे काम करने वाले लोग अक्सर लंबे समय तक कुर्सी पर बैठे रहते हैं। लगातार निष्क्रिय रहने से शरीर में कैलोरी खर्च कम हो सकती है और वजन बढ़ने की संभावना रहती है। इसके साथ इंसुलिन रेजिस्टेंस, डायबिटीज और कोलेस्ट्रॉल संबंधी समस्याओं का जोखिम भी बढ़ सकता है। नियमित एक्सरसाइज जरूरी है, लेकिन दिनभर लंबे समय तक बैठे रहने की आदत को बीच-बीच में उठकर तोड़ना भी महत्वपूर्ण है।
कम नींद से बढ़ सकता है हाई ब्लड प्रेशर का खतरा
देर रात तक काम करने और सुबह जल्दी उठने की वजह से यदि लगातार नींद पूरी नहीं हो रही है, तो इसका असर हृदय पर पड़ सकता है। नियमित रूप से सात घंटे से कम नींद लेने की स्थिति को हाई ब्लड प्रेशर, मोटापा, डायबिटीज और हृदय संबंधी समस्याओं के बढ़े हुए जोखिम से जोड़ा गया है। शरीर और दिमाग की रिकवरी के लिए पर्याप्त और नियमित नींद बेहद जरूरी है।
हार्ट को स्वस्थ रखने के लिए अपनाएं ये आदतें
हृदय की सेहत बनाए रखने के लिए हर 30 से 60 मिनट में कुछ मिनट के लिए कुर्सी से उठकर चलना उपयोगी हो सकता है। सप्ताह में कम से कम 150 मिनट मध्यम स्तर की एरोबिक एक्सरसाइज करने के साथ नियमित स्ट्रेंथ ट्रेनिंग भी की जा सकती है। इसके अलावा पर्याप्त नींद, संतुलित आहार और धूम्रपान से दूरी जरूरी है। ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल की समय-समय पर जांच भी करानी चाहिए।
पहले से बीमारी है तो अतिरिक्त सावधानी जरूरी
जिन लोगों को पहले से हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, मोटापा या हृदय संबंधी समस्या है, उन्हें लंबे कामकाजी घंटों और लगातार तनाव को लेकर विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। सीने में दर्द, सांस फूलना, अचानक पसीना आना या असामान्य कमजोरी जैसे गंभीर लक्षण दिखाई दें तो तुरंत चिकित्सकीय मदद लेनी चाहिए। लंबे समय तक काम करना अपने आप में बीमारी का कारण नहीं है, लेकिन खराब नींद, तनाव, निष्क्रियता और असंतुलित जीवनशैली के साथ मिलकर यह हृदय जोखिम को बढ़ा सकता है।
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