CWG 2026: स्कॉटलैंड के सबसे बड़े शहर ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया। भारतीय दल ने एक ही दिन में आठ स्वर्ण पदकों सहित कुल 15 पदक जीतकर 2018 गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। इस बेहतरीन प्रदर्शन के बाद भारत की पदक तालिका में स्थिति भी मजबूत हुई और टीम ने शीर्ष देशों के बीच अपनी जगह बनाई। खिलाड़ियों की उपलब्धियों ने देशभर के खेल प्रेमियों को गर्व महसूस कराया।

रेस्टोरेंट में गलत भारतीय नक्शे पर उठा विवाद
भारत की शानदार सफलता के बीच ग्लासगो में एक विवाद भी सामने आया। भारतीय खिलाड़ियों के सम्मान में आयोजित एक डिनर के दौरान बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन ने रेस्टोरेंट में इस्तेमाल किए जा रहे पेपर नैपकिन पर छपे भारत के नक्शे में गंभीर त्रुटि देखी। नक्शे में उत्तर-पूर्व भारत का हिस्सा नहीं दिखाया गया था, जबकि जम्मू-कश्मीर का चित्रण भी अधूरा और गलत नजर आया। इस पर लवलीना ने तुरंत अपनी आपत्ति दर्ज कराई और इसे गंभीर विषय बताया।

लवलीना ने उठाई पूरे भारत के सम्मान की बात
असम की रहने वाली ओलंपिक कांस्य पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत का हर राज्य और हर क्षेत्र देश का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने कहा कि किसी भी नक्शे में उत्तर-पूर्व को नजरअंदाज करना स्वीकार्य नहीं है। उनके अनुसार भारत की भौगोलिक अखंडता का सही प्रतिनिधित्व होना बेहद जरूरी है। उन्होंने रेस्टोरेंट प्रबंधन से आग्रह किया कि इस गलती को जल्द से जल्द सुधारा जाए ताकि भविष्य में ऐसी त्रुटि दोबारा न हो।
भारतीय दल और बीएफआई अध्यक्ष ने किया समर्थन
लवलीना की आपत्ति का भारतीय दल के अधिकारियों ने भी समर्थन किया। बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (BFI) के अध्यक्ष अजय सिंह ने भी रेस्टोरेंट प्रबंधन से बातचीत करते हुए कहा कि नक्शे में केवल उत्तर-पूर्व ही नहीं, बल्कि जम्मू-कश्मीर का भी सही चित्रण होना चाहिए। उन्होंने इसे अस्वीकार्य बताते हुए सभी गलत नैपकिन तत्काल हटाने और उनकी जगह सही भारतीय नक्शे वाले नैपकिन रखने की मांग की। भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय पहचान से जुड़े ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती।
रेस्टोरेंट प्रबंधन ने सुधार का दिया भरोसा
यह घटना ग्लासगो के प्रसिद्ध भारतीय रेस्टोरेंट ‘मिस्टर सिंह्स इंडिया – द होम ऑफ करी’ में हुई थी, जहां भारतीय खिलाड़ियों के लिए विशेष रात्रिभोज का आयोजन किया गया था। लवलीना की आपत्ति के बाद रेस्टोरेंट प्रबंधन ने मामले को गंभीरता से लिया और भरोसा दिलाया कि जल्द ही सभी गलत नैपकिन हटाकर सही नक्शे वाले नए नैपकिन इस्तेमाल किए जाएंगे। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिस पर लोगों ने अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दीं।

फाइनल में हारकर रजत पदक से संतोष
खेल प्रतियोगिता की बात करें तो महिलाओं के 75 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में लवलीना बोरगोहेन को ऑस्ट्रेलिया की एमा-सू ग्रीनट्री के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। पहले राउंड में ऑस्ट्रेलियाई मुक्केबाज ने 4-1 की बढ़त बनाई। दूसरे और तीसरे राउंड में लवलीना ने वापसी की पूरी कोशिश की, लेकिन वह मुकाबला अपने नाम नहीं कर सकीं। अंततः एमा-सू ग्रीनट्री ने 4-1 के अंतर से जीत दर्ज करते हुए स्वर्ण पदक हासिल किया, जबकि लवलीना को रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
भारतीय मुक्केबाजों का रहा स्वर्णिम प्रदर्शन
लवलीना भले ही स्वर्ण पदक नहीं जीत सकीं, लेकिन भारतीय मुक्केबाजों ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया। शनिवार को भारत के छह मुक्केबाजों ने स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। इनमें प्रीती पवार, जैस्मीन लैंबोरिया, साक्षी चौधरी, प्रिया घंघास, अरुंधति चौधरी और सचिन सिवाच शामिल रहे। इन खिलाड़ियों की सफलता ने भारतीय मुक्केबाजी की ताकत को एक बार फिर दुनिया के सामने साबित किया।
पदक तालिका में चौथे स्थान पर पहुंचा भारत
भारतीय खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन का असर पदक तालिका पर भी साफ दिखाई दिया। एक दिन में कई स्वर्ण पदक जीतने के बाद भारत दसवें स्थान से छलांग लगाकर चौथे स्थान पर पहुंच गया। भारत के खाते में अब कुल 36 पदक हैं, जिनमें 12 स्वर्ण, 16 रजत और 8 कांस्य पदक शामिल हैं। पदक तालिका में ऑस्ट्रेलिया 61 स्वर्ण और कुल 147 पदकों के साथ पहले स्थान पर बना हुआ है। इंग्लैंड दूसरे और कनाडा तीसरे स्थान पर हैं। भारतीय दल के लगातार शानदार प्रदर्शन से उम्मीद है कि आगामी मुकाबलों में पदकों की संख्या और बढ़ेगी।












