Friendship Day Post : फ्रेंडशिप डे के अवसर पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने देशवासियों, विशेषकर युवाओं के लिए एक भावनात्मक संदेश साझा किया। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से सभी को मित्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि दोस्ती केवल एक रिश्ता नहीं, बल्कि जीवनभर सीखने और आगे बढ़ने का सबसे सुंदर माध्यम है। राहुल गांधी ने अपने संदेश में प्रेम, विश्वास और एक-दूसरे के प्रति सम्मान को दोस्ती की सबसे बड़ी पहचान बताया। उनका यह संदेश सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा का विषय बन गया और बड़ी संख्या में लोगों ने इसे साझा किया।

खुद को आज भी विद्यार्थी मानते हैं राहुल गांधी
राहुल गांधी ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर लिखा कि वह आज भी स्वयं को एक विद्यार्थी मानते हैं और हर दिन कुछ नया सीखने की कोशिश करते हैं। उन्होंने लिखा, “अभी भी एक विद्यार्थी हूं, हर दिन कुछ नया सीख रहा हूं। आज का सबक—आज मित्रता दिवस है और यह एक दिल है। सभी को मित्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। ढेर सारा प्यार।” इस संदेश के जरिए उन्होंने यह बताने का प्रयास किया कि सीखने की प्रक्रिया कभी समाप्त नहीं होती और हर व्यक्ति को जीवनभर नई चीजें सीखते रहना चाहिए।

दोस्ती को बताया जीवन की सबसे बड़ी ताकत
अपने संदेश में राहुल गांधी ने दोस्ती के महत्व पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सच्ची मित्रता केवल खुशियों में साथ निभाने तक सीमित नहीं होती, बल्कि कठिन परिस्थितियों में भी एक-दूसरे का सहारा बनने का नाम है। उनके अनुसार दोस्ती विश्वास, सहयोग, अपनापन और निरंतर सीखने की भावना पर आधारित होती है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे ऐसे रिश्ते बनाएं जो उन्हें सकारात्मक सोच, बेहतर व्यक्तित्व और समाज के प्रति जिम्मेदारी का एहसास कराएं।
युवाओं और छात्रों के मुद्दों पर लगातार सक्रिय
राहुल गांधी पिछले कई महीनों से छात्रों और युवाओं से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लगातार उठाते रहे हैं। विशेष रूप से नीट पेपर लीक मामले को लेकर उन्होंने केंद्र सरकार को कई बार घेरा है। इस मुद्दे पर उन्होंने प्रभावित छात्रों और उनके परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और निष्पक्ष जांच की मांग भी की। उनका कहना रहा है कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में सरकार को पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ काम करना चाहिए।
पीएम मोदी और अमित शाह पर साधा था निशाना
फ्रेंडशिप डे के संदेश से पहले राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी तीखा हमला बोला था। उन्होंने आरोप लगाया था कि देश की नई पीढ़ी यानी ‘जेन-जी’ के साथ सरकार का रवैया उचित नहीं है। राहुल गांधी ने कहा था कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री भारत के अतीत का प्रतिनिधित्व करते हैं, जबकि देश का भविष्य युवाओं के हाथों में है। इसलिए सरकार को यह समझना चाहिए कि युवाओं के साथ संवाद, सम्मान और संवेदनशीलता सबसे अधिक जरूरी है।

सोशल मीडिया अकाउंट बंद होने पर सरकार को घेरा
राहुल गांधी ने यह भी आरोप लगाया कि देशभर में बड़ी संख्या में युवाओं के सोशल मीडिया अकाउंट बंद किए जाने के पीछे सरकार की भूमिका है। उन्होंने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़ा गंभीर विषय बताया और कहा कि लोकतंत्र में युवाओं की आवाज को दबाने के बजाय उन्हें अपनी बात रखने का पूरा अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि युवाओं के विचारों को सुनना और उनके सुझावों का सम्मान करना किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती का आधार होता है।
विपक्षी दलों ने भी छात्रों के समर्थन में उठाई आवाज
छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर केवल कांग्रेस ही नहीं, बल्कि कई अन्य विपक्षी दलों ने भी सरकार के कदमों का विरोध किया है। तृणमूल कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल (राजद), समाजवादी पार्टी सहित कई दलों ने छात्रों के खिलाफ दर्ज एफआईआर और अन्य कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। विपक्ष का कहना है कि छात्रों की समस्याओं का समाधान संवाद और संवेदनशीलता के माध्यम से किया जाना चाहिए। वहीं, फ्रेंडशिप डे पर राहुल गांधी का संदेश युवाओं के बीच दोस्ती, सीखने की भावना और सकारात्मक रिश्तों को मजबूत करने का संदेश देने वाला माना जा रहा है।
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