Meerut Gas Leak : मेरठ के पल्लवपुरम फेस-2 इलाके में मंगलवार शाम सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) से क्लोरीन गैस के रिसाव की घटना सामने आई। आकांक्षा एंबिएंस कॉलोनी के आसपास अचानक गैस फैलने के बाद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। गैस की तेज गंध से आसपास रहने वाले कई लोगों को सांस लेने में परेशानी और आंखों में जलन की शिकायत हुई। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक करीब 10 से 12 लोगों की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
शाम करीब सवा सात बजे अचानक फैली गैस
बताया जा रहा है कि घटना मंगलवार शाम करीब सवा सात बजे हुई। STP के आसपास से गैस की तेज गंध आने के बाद लोगों को स्थिति का पता चला। देखते ही देखते गैस का असर आसपास के रिहायशी इलाके तक पहुंच गया। घरों के भीतर मौजूद लोगों को भी गंध और जलन महसूस होने लगी। इसके बाद स्थानीय लोगों में डर का माहौल बन गया और कई परिवार तुरंत सतर्क हो गए।
बच्चों और बुजुर्गों को लेकर सुरक्षित जगह पहुंचे लोग
गैस रिसाव की जानकारी मिलते ही कुछ परिवार अपने बच्चों और बुजुर्गों को लेकर सुरक्षित स्थानों की ओर निकल गए। वहीं, कई लोगों ने एहतियात के तौर पर घरों के दरवाजे और खिड़कियां बंद कर लीं। गैस के संपर्क में आने वाले कुछ लोगों ने चक्कर आने और उल्टी होने जैसी परेशानियों की भी शिकायत की। इलाके में काफी देर तक लोगों के बीच दहशत का माहौल बना रहा।
पुलिस और दमकल की टीमें मौके पर पहुंचीं
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने लाउडस्पीकर के माध्यम से आसपास के लोगों से सावधानी बरतने की अपील की। लोगों को घरों के अंदर रहने और जरूरत पड़ने पर मास्क या कपड़े से मुंह ढकने की सलाह दी गई। साथ ही, लोगों को गैस रिसाव वाले स्थान के नजदीक जाने से रोकने का प्रयास किया गया।
दमकलकर्मियों ने शुरू किया स्थिति नियंत्रित करने का काम
मौके पर पहुंची दमकल टीम ने रिसाव की स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कार्रवाई शुरू की। प्रभावित क्षेत्र में लोगों की आवाजाही को सीमित करने के साथ बचाव कार्य किया गया। प्रशासन और संबंधित विभागों की टीमें भी स्थिति पर नजर बनाए रहीं। गैस का असर कम करने और संभावित खतरे को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए।
बीमार लोगों को अलग-अलग अस्पतालों में कराया गया भर्ती
गैस रिसाव के बाद तबीयत खराब होने वाले लोगों को उपचार के लिए अलग-अलग अस्पतालों में पहुंचाया गया। इनमें आसपास रहने वाले लोगों के साथ कुछ बच्चे भी शामिल बताए जा रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार स्थानीय पार्षद विक्रांत ढाका की तबीयत भी बिगड़ी, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। उन्हें आईसीयू में रखे जाने की जानकारी सामने आई है। अस्पताल पहुंचे लोगों ने सांस लेने में परेशानी समेत अन्य स्वास्थ्य संबंधी शिकायतें बताईं।
STP के वॉल्व में लीकेज को माना जा रहा कारण
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक STP में क्लोरीन गैस के वॉल्व में लीकेज को रिसाव की संभावित वजह माना जा रहा है। हालांकि, अभी घटना के वास्तविक कारण की विस्तृत जांच की जा रही है। संबंधित अधिकारी यह भी जांच कर रहे हैं कि गैस रिसाव किस परिस्थिति में हुआ और प्लांट में सुरक्षा के लिए निर्धारित इंतजाम पर्याप्त थे या नहीं।
प्रभावित क्षेत्र में प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी
घटना के बाद प्रशासन और बचाव दल प्रभावित इलाके की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। स्थानीय लोगों को सावधानी बरतने और किसी भी तरह की परेशानी होने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लेने की सलाह दी गई है। अधिकारियों की जांच पूरी होने के बाद ही गैस रिसाव की वास्तविक वजह और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े अन्य पहलुओं की स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी।
गैस रिसाव के बाद लोगों में बना रहा डर
क्लोरीन गैस फैलने की घटना के बाद पल्लवपुरम फेस-2 और आसपास के इलाके में काफी देर तक भय का माहौल रहा। अचानक आई तेज गैस की गंध से लोग अपने घरों से बाहर निकलने और सुरक्षित स्थान तलाशने लगे। फिलहाल प्रशासन की टीमें स्थिति पर नजर रख रही हैं और प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
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