Indian event Australia : ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास के बाहर आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान खालिस्तानी समर्थकों ने विरोध कर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की। इस दौरान भारतीय समुदाय के लोग शांतिपूर्वक कार्यक्रम में भाग ले रहे थे, जब कुछ खालिस्तानी झंडे लहराते और नारेबाजी करते हुए वहां पहुंचे। पुलिस को तुरंत हस्तक्षेप करना पड़ा और स्थिति को नियंत्रण में लाना पड़ा।

तिरंगा फहराने से रोकने की कोशिश
ऑस्ट्रेलिया स्थित मीडिया संस्था The Australia Today की रिपोर्ट के अनुसार, जैसे ही भारतीय समुदाय के लोग तिरंगा फहराकर “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम्” के नारे लगाने लगे, वहां मौजूद खालिस्तानी समर्थकों ने विरोध करना शुरू कर दिया। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में देखा जा सकता है कि भारतीय समुदाय देशभक्ति गीत गा रहा है और तिरंगा झंडा लहरा रहा है, तभी कुछ लोगों ने उन्हें उकसाने की कोशिश की।

पुलिस ने रोकी झड़प, बढ़ती खालिस्तानी गतिविधियों पर चिंता
घटना के दौरान दोनों गुटों में तीखी नोकझोंक और झड़प देखी गई, जिसके बाद स्थानीय पुलिस ने सक्रिय भूमिका निभाकर दोनों पक्षों को अलग किया और हिंसक टकराव टाल दिया। यह घटना उस वक्त हुई जब हाल ही में मेलबर्न के एक हिंदू मंदिर पर भी वैंडलिज़्म और तोड़फोड़ की घटना सामने आई थी।
बीते कुछ महीनों में ऑस्ट्रेलिया के कई शहरों – जैसे सिडनी, मेलबर्न और एडिलेड – में खालिस्तानी गतिविधियों में तेजी देखी गई है। हाल ही में एडिलेड में एक 23 वर्षीय भारतीय युवक पर हमला हुआ, वहीं मेलबर्न में मंदिरों और रेस्तरां पर भारत विरोधी नारे लिखे गए।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर की चेतावनी
भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर पहले ही कनाडा, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों को आगाह कर चुके हैं कि वे खालिस्तानी उग्रवादियों को पनाह न दें। उन्होंने कहा था कि इस तरह की विचारधाराएं न तो भारत के लिए, न संबंधित देशों के लिए, और न ही आपसी संबंधों के लिए उचित हैं।
ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री ने दी स्वतंत्रता दिवस की बधाई
वहीं, इस अशांति के बीच ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने भारत को 79वें स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि भारत ने 78 वर्षों में जो प्रगति की है, उस पर हर भारतीय को गर्व होना चाहिए। उन्होंने भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों को मजबूत बताते हुए, दोनों देशों के बीच बढ़ते सहयोग की सराहना की। मेलबर्न की यह घटना भारत विरोधी गतिविधियों को लेकर प्रवासी भारतीय समुदाय की चिंता को उजागर करती है। वहीं, ऑस्ट्रेलिया सरकार और सुरक्षा एजेंसियों पर यह जिम्मेदारी है कि वह विदेशी सरजमीं पर ऐसी उग्र विचारधाराओं को नियंत्रित करें। भारत और ऑस्ट्रेलिया के मजबूत होते रणनीतिक संबंधों के बीच इस तरह की घटनाएं दोनों देशों की छवि और संबंधों को प्रभावित कर सकती हैं।










