Monsoon Alert: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 23 जून 2026 के लिए देश भर में व्यापक स्तर पर मौसमी बदलाव की चेतावनी जारी की है। दिल्ली-एनसीआर से लेकर सुदूर पूर्वोत्तर के राज्यों तक, कुल 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट घोषित किया गया है। मौसम विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, इस साल मॉनसून के आगमन में पिछले वर्ष की तुलना में कुछ देरी देखी गई है, लेकिन अब इसके सक्रिय होने से पूरे देश में राहत की उम्मीद है। आईएमडी ने साफ किया है कि अगले कुछ दिनों तक 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जो फसलों और जनजीवन को प्रभावित कर सकती हैं।

दिल्ली-एनसीआर: भीषण गर्मी से मिलेगी राहत, बादलों की आवाजाही जारी
राजधानी दिल्ली और इसके आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए राहत भरी खबर है। पिछले कई दिनों से भीषण लू और गर्मी का सामना कर रहे निवासियों को अब राहत मिलने वाली है। IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, 23 से 26 जून के बीच दिल्ली-एनसीआर के मौसम में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। आज 23 जून को आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे, जबकि अधिकतम तापमान 38 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। कुछ स्थानों पर हल्की बारिश और तेज हवाओं के झोंके चलने से गर्मी का असर कम होगा। हालांकि, 26 जून के बाद तापमान में फिर से आंशिक बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है।

उत्तर प्रदेश और बिहार में आंधी-तूफान के साथ बारिश का अलर्ट
उत्तर प्रदेश के कई प्रमुख जिलों में मौसम विभाग ने आंधी-तूफान के साथ बारिश की चेतावनी दी है। मेरठ, गौतमबुद्ध नगर, अलीगढ़, आगरा, अयोध्या और वाराणसी सहित राज्य के कई हिस्सों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है। लखनऊ में आज अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। वहीं, बिहार में स्थिति थोड़ी अधिक गंभीर है। गया, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, पूर्णिया और भागलपुर जैसे जिलों में 50 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने और भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। पटना का तापमान 39 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जिससे उमस भरी गर्मी बनी रहेगी।
हिमाचल प्रदेश में येलो अलर्ट: भारी बारिश और बर्फबारी की आशंका
पहाड़ी राज्यों में मौसम का मिजाज काफी बदला हुआ है। हिमाचल प्रदेश के शिमला, कांगड़ा, कुल्लू और मंडी जैसे जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश का दौर शुरू हो चुका है। मौसम विज्ञान केंद्र ने अगले 4 दिनों के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है, जिसमें बिजली गिरने और तेज हवाओं के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी गई है। चंबा जिले में ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की भी आशंका जताई गई है। पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
राजस्थान और दक्षिण भारत: चक्रवाती परिसंचरण का असर
राजस्थान में भी मौसम विभाग ने भारी बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की है। चुरू, जयपुर, बीकानेर, जोधपुर और कोटा जैसे जिलों में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। वहीं, दक्षिण भारत में स्थिति कुछ अलग है। तमिलनाडु के पांच जिलों—कोयंबटूर, नीलगिरी, डिंडीगुल, थेनी और शिवगंगा—में चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) के कारण भारी बारिश का अलर्ट है। 27 जून तक तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में कई जगहों पर बारिश होने का अनुमान है, जिससे वहां के तापमान में गिरावट आएगी।
पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी (23-28 जून)
पूर्वोत्तर भारत, विशेष रूप से असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में बारिश का जोर सबसे अधिक रहने वाला है। 28 जून तक अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अत्यधिक वर्षा होने की संभावना है। पश्चिम कमेंग, पापुम पारे और लोहित सहित अरुणाचल के कई जिलों में गरज के साथ बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं। मॉनसून के इस व्यापक फैलाव से क्षेत्र में नदियों का जलस्तर बढ़ने की आशंका है, जिसके चलते आपदा प्रबंधन विभाग को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
प्रमुख शहरों का तापमान (23 जून, 2026)
यह मौसमी स्थिति स्पष्ट संकेत देती है कि आने वाले दिन पूरे देश के लिए वर्षा ऋतु के आगमन का प्रमाण हैं। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी फसलों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर आश्रय लें।











