Monsoon Health Tips: मानसून के दौरान सड़कों पर जमा पानी अक्सर हमारी मजबूरी बन जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह पानी केवल बारिश की बूंदों का मिश्रण नहीं है? इस जलभराव में नालियों का दूषित पानी, सड़कों की गंदगी, कचरा, जानवरों का मल-मूत्र, हानिकारक केमिकल्स और घातक बैक्टीरिया घुले होते हैं। मैकक्योर हॉस्पिटल के कंसल्टेंट मेडिसिन, डॉक्टर प्रतीक कादियान के अनुसार, इस दूषित पानी के संपर्क में आने से स्वास्थ्य से जुड़ी कई गंभीर समस्याएं पैदा हो सकती हैं। बारिश के दौरान सड़कों पर चलने के लिए सिर्फ एक सुरक्षित रास्ता चुनना काफी नहीं है, बल्कि अपनी स्वच्छता और स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहना भी उतना ही आवश्यक है।

त्वचा और गंभीर संक्रमण का बढ़ता हुआ खतरा
यदि आपके पैरों में पहले से कोई कट, छाला या घाव है, तो बारिश के दूषित पानी में चलने से इंफेक्शन का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। यह संक्रमण सीधे घाव के जरिए शरीर में प्रवेश कर सकता है। इसके परिणामस्वरूप स्किन इंफेक्शन और फंगल इंफेक्शन जैसी समस्याएं आम हैं। मानसून में सबसे घातक बीमारी ‘लेप्टोस्पायरोसिस’ (Leptospirosis) है, जो संक्रमित जानवरों के यूरिन मिले पानी या मिट्टी के संपर्क में आने से फैलती है। इस गंभीर बीमारी के लक्षणों में तेज़ बुखार, बदन दर्द, आंखों में लालपन, सिरदर्द, उल्टी और पीलिया जैसी समस्याएं शामिल हैं। इसके अलावा, बारिश के पानी में छिपे कांच, लोहे के नुकीले टुकड़े, गहरे गड्ढे या खुले बिजली के तार शारीरिक चोट, गिरने या करंट लगने जैसी जानलेवा दुर्घटनाओं का कारण भी बन सकते हैं।

घर लौटने के बाद अपनाएं ये स्वच्छता के उपाय
बाहर से घर पहुंचने पर सबसे पहले अपने गीले कपड़े और जूतों को तुरंत उतार दें। बारिश के पानी के संपर्क में आए अंगों को साफ पानी और साबुन से अच्छी तरह धोना अनिवार्य है। विशेष रूप से अपने नाखूनों और एड़ियों की सफाई पर ध्यान दें, क्योंकि फंगल इंफेक्शन अक्सर इन्हीं नमी वाली जगहों से शुरू होता है। यदि त्वचा पर कोई खरोंच, कट या छाला दिखाई दे, तो उसे खुला न छोड़ें। घाव को साफ पानी से धोने के बाद उस पर एंटीसेप्टिक क्रीम का इस्तेमाल करें। यदि घाव में सूजन या लगातार दर्द महसूस हो, तो इसे नजरअंदाज न करें और तुरंत किसी विशेषज्ञ डॉक्टर से सलाह लें।
बचाव के लिए सही फुटवियर का चुनाव करें
मानसून के दौरान फुटवियर का चयन करना आपके स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए एक अहम कदम है। साधारण चप्पल या सैंडल पहनने के बजाय वाटरप्रूफ शूज (Waterproof Shoes) या गम्बूट्स (Gumboots) को प्राथमिकता दें। ये जूते आपके पैरों को सीधे गंदे पानी के संपर्क में आने से बचाते हैं। यदि आप इनका उपयोग नहीं कर सकते, तो ऐसी बरसाती चप्पलें पहनें जो रबर की हों और जिनमें पानी रुकने की संभावना कम हो। अपनी सेहत को प्राथमिकता देते हुए मानसून के मौसम में इन छोटी-छोटी सावधानियों को अपनाना आपको और आपके परिवार को कई गंभीर बीमारियों से बचा सकता है। स्वच्छता ही इस मौसम में संक्रमण से बचने का सबसे प्रभावी तरीका है।
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