CG Rajyotsav 2026 : छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर नवा रायपुर का आसमान भारतीय वायु सेना के शौर्य, साहस और उड़ान कौशल का गवाह बना। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 1 नवंबर को सेंध लेक में आयोजित सारंग एयरोबेटिक डिस्प्ले टीम की फुल ड्रेस रिहर्सल में शामिल हुए। इस दौरान आकाशगंगा स्काईडाइविंग टीम, गरुड़ कमांडोज और सारंग हेलीकॉप्टर टीम के जवानों ने साहसिक करतबों और सटीक तालमेल से दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। आसमान में तिरंगे की आकृति और ‘वंदे मातरम्’ की गूंज ने कार्यक्रम को देशभक्ति के रंग में रंग दिया।
मुख्यमंत्री साय ने वायु सैनिकों के कौशल की सराहना की
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भारतीय वायु सेना के जवानों के प्रदर्शन की प्रशंसा करते हुए कहा कि राज्य स्थापना दिवस पर सारंग टीम की प्रस्तुति प्रदेश के लिए गौरव का अवसर है। उन्होंने कहा कि पायलटों ने जिस अनुशासन, आत्मविश्वास, साहस और समन्वय के साथ करतब दिखाए, वह युवाओं के लिए प्रेरणादायक है। उनके अनुसार, यह आयोजन केवल हवाई करतबों तक सीमित नहीं है, बल्कि वायु सेना के कठिन प्रशिक्षण, समर्पण और राष्ट्रसेवा की भावना को भी दर्शाता है।



छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं
मुख्यमंत्री ने राज्य स्थापना दिवस पर प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कामना की कि छत्तीसगढ़ विकास, प्रगति और समृद्धि के नए आयाम स्थापित करे। उन्होंने कहा कि राज्य स्थापना दिवस के उत्सव के बीच भारतीय वायु सेना के जवानों का यह प्रदर्शन लोगों के उत्साह और गौरव को और बढ़ा रहा है।
सारंग का मतलब मोर, टीम अनुशासन और समन्वय का प्रतीक
मुख्यमंत्री ने बताया कि सारंग का अर्थ मोर होता है, जो देश की पहचान और सुंदरता का प्रतीक है। इसी तरह सारंग टीम भारतीय वायु सेना की गरिमा, अनुशासन और उत्कृष्ट उड़ान कौशल का परिचय देती है। उन्होंने कहा कि हेलीकॉप्टरों की फॉर्मेशन देखने में भले ही सहज लगती हो, लेकिन इसके पीछे लंबी तैयारी, निरंतर अभ्यास, एकाग्रता और पायलटों के बीच गहरा विश्वास होता है। हर पायलट को अपनी भूमिका के साथ दूसरे साथियों की गतिविधियों पर भी लगातार ध्यान देना पड़ता है।


आकाशगंगा टीम ने पैराशूट से उतरकर दिखाया साहस
कार्यक्रम की शुरुआत भारतीय वायु सेना की आकाशगंगा स्काईडाइविंग टीम ने की। टीम के जवानों ने ऊंचाई से छलांग लगाकर पैराशूट के माध्यम से नीचे उतरने का प्रदर्शन किया। उन्होंने हवा में दिशा और गति को नियंत्रित करते हुए सेंध लेक के सामने निर्धारित स्थान पर लैंडिंग की। जवानों की सटीकता और संतुलन देखकर दर्शकों ने तालियों से उनका उत्साह बढ़ाया। इस प्रस्तुति में स्काईडाइवर्स के शारीरिक कौशल, मानसिक दृढ़ता और कठिन परिस्थितियों में नियंत्रण बनाए रखने की क्षमता दिखाई दी।
गरुड़ कमांडोज ने एमआई-17 से किया स्लिदरिंग प्रदर्शन
आकाशगंगा टीम के बाद भारतीय वायु सेना के गरुड़ कमांडोज ने एमआई-17 हेलीकॉप्टर से स्लिदरिंग का प्रदर्शन किया। हेलीकॉप्टर को हवा में स्थिर रखकर जवान रस्सियों के सहारे नीचे उतरे। इसके बाद उन्होंने सेंध लेक के सामने रेस्क्यू और कॉम्बैट ऑपरेशन का प्रदर्शन किया तथा मंच को सलामी दी। इस प्रस्तुति के जरिए विशेष बलों की त्वरित कार्रवाई, साहसिक प्रशिक्षण और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में मिशन पूरा करने की क्षमता की झलक देखने को मिली।

पांच हेलीकॉप्टरों की फॉर्मेशन ने दर्शकों को किया रोमांचित
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण सारंग एयरोबेटिक डिस्प्ले टीम की प्रस्तुति रही। ग्रुप कैप्टन अभिजीत कुमार के नेतृत्व में पांच हेलीकॉप्टरों ने आसमान में अलग-अलग फॉर्मेशन और रोमांचकारी करतब दिखाए। पायलटों ने बेहद सटीक नियंत्रण और आपसी तालमेल के साथ हेलीकॉप्टरों को उड़ाया। कभी पांचों हेलीकॉप्टर एक साथ आकर्षक आकृति बनाते दिखाई दिए, तो कभी अलग-अलग दिशाओं में जाकर फिर निर्धारित फॉर्मेशन में लौट आए।
क्रॉसओवर करतब ने थाम दीं दर्शकों की सांसें
प्रदर्शन के दौरान हेलीकॉप्टरों का एक-दूसरे के बेहद करीब से गुजरने वाला क्रॉसओवर करतब खास आकर्षण रहा। इस दौरान पायलटों की एकाग्रता, उड़ान पर नियंत्रण और आपसी समन्वय देखने को मिला। प्रत्येक नई फॉर्मेशन के साथ दर्शकों का उत्साह बढ़ता गया। मुख्यमंत्री साय ने भी पूरी प्रस्तुति देखी और वायु सैनिकों के कौशल की सराहना की।

कॉकपिट से गूंजा ‘छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया’
राज्य स्थापना दिवस के मौके पर सारंग टीम ने छत्तीसगढ़ के प्रति अपना विशेष अभिवादन भी प्रस्तुत किया। ग्रुप कैप्टन अभिजीत कुमार ने हेलीकॉप्टर के कॉकपिट से ‘छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया’ का उद्घोष किया। आसमान से गूंजे इस संदेश ने दर्शकों का उत्साह बढ़ा दिया और कार्यक्रम में स्थानीय पहचान का रंग भी जुड़ गया।
तिरंगे की फॉर्मेशन और वंदे मातरम् से हुआ समापन
हवाई प्रदर्शन के अंतिम चरण में सारंग टीम ने ‘वंदे मातरम्’ की धुन के बीच तिरंगे की मनमोहक फॉर्मेशन बनाई। आसमान में हेलीकॉप्टरों की इस प्रस्तुति ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। तिरंगे के रंगों और देशभक्ति गीत की गूंज के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

कई देशों में प्रदर्शन कर चुकी है सारंग टीम
भारतीय वायु सेना की सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम को पांच हेलीकॉप्टरों वाली एयरोबेटिक टीम के रूप में जाना जाता है। टीम जर्मनी, यूनाइटेड किंगडम, मॉरीशस, रूस और मिस्र सहित कई देशों में प्रदर्शन कर चुकी है। इसकी प्रस्तुतियां भारतीय वायु सेना के प्रशिक्षण, तकनीकी दक्षता और समन्वय का परिचय देती हैं।

2 नवंबर को सेंध लेक पर होगा मुख्य हवाई प्रदर्शन
फुल ड्रेस रिहर्सल के बाद 2 नवंबर को नवा रायपुर के सेंध लेक में सारंग टीम का मुख्य हवाई प्रदर्शन आयोजित होगा। राज्योत्सव के अवसर पर होने वाले इस कार्यक्रम में लोगों को भारतीय वायु सेना के हवाई करतब देखने का अवसर मिलेगा। रिहर्सल के दौरान खाद्य मंत्री दयालदास बघेल, कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायक धरमलाल कौशिक, कौशल्या साय, वायु सेना के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे।
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