Navi Mumbai Crime : नवी मुंबई के रबाले एमआईडीसी थाना क्षेत्र से एक ऐसी खौफनाक घटना सामने आई है जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। दिल्ली के चर्चित श्रद्धा वाकर हत्याकांड की यादें ताजा करते हुए, एक पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति की बेरहमी से हत्या कर दी और शव के तीन टुकड़े कर उसे जंगल में ठिकाने लगा दिया। यह सनसनीखेज मामला करीब 11 महीने तक राज बना रहा, लेकिन पुलिस की तत्परता और वैज्ञानिक जांच ने आखिरकार इस घिनौने अपराध का पर्दाफाश कर ही दिया।

अवैध प्रेम और हत्या की साजिश
पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, आरोपी पत्नी सुनीता कुशवाहा (40) का अपने घर के पास रहने वाले ऑटो रिक्शा चालक राहुल दशरथ प्रजापति (30) के साथ अवैध प्रेम संबंध था। सुनीता के 50 वर्षीय पति बलिराम सूर्यनाथ कुशवाहा को इस रिश्ते की भनक लग गई थी और वे इसका लगातार विरोध कर रहे थे। पति का विरोध सुनीता के लिए बाधा बन गया था, जिसे दूर करने के लिए उसने और राहुल ने बलिराम को रास्ते से हटाने का खौफनाक खाका तैयार किया।

बच्चों को दूर भेजकर दिया वारदात को अंजाम
साजिश को अंजाम देने के लिए 9 अगस्त 2025 की रात को बेहद शातिराना तरीका अपनाया गया। सुनीता ने अपने दोनों बच्चों को उनकी मौसी के घर भेज दिया ताकि घर में कोई गवाह न रहे। उसी रात जब बलिराम गहरी नींद में सो रहे थे, सुनीता और राहुल ने गला घोंटकर उनकी हत्या कर दी। इसके बाद, सबूत मिटाने के लिए उन्होंने तेज धारदार हथियार से बलिराम के शव के तीन टुकड़े कर दिए। राहुल ने अपने ऑटो रिक्शा का उपयोग कर इन टुकड़ों को गावली देव पहाड़ी के घने जंगलों में अलग-अलग स्थानों पर फेंक दिया। इसके बाद सुनीता अपने प्रेमी के साथ रहने लगी और परिजनों को बताया कि बलिराम घर छोड़कर कहीं चले गए हैं।
भाई की शिकायत और कॉल डिटेल्स से खुला राज
करीब 11 महीने तक यह राज छिपा रहा, लेकिन बलिराम के भाई द्वारा अप्रैल 2026 में दर्ज कराई गई गुमशुदगी की रिपोर्ट ने आरोपियों की मुश्किलें बढ़ा दीं। रबाले एमआईडीसी पुलिस ने मामले की तहकीकात शुरू की और सबसे पहले सुनीता व राहुल की कॉल डिटेल रिपोर्ट (CDR) खंगाली। पुलिस ने पाया कि हत्याकांड के तुरंत बाद दोनों ने अपने मोबाइल नंबर बदल लिए थे, जो कि बेहद संदिग्ध था। पूछताछ के दौरान पुलिस के मनोवैज्ञानिक दबाव के आगे दोनों टूट गए और अपना गुनाह कबूल कर लिया।
पुलिस कस्टडी और सर्च ऑपरेशन जारी
वर्तमान में दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर 7 दिनों की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। पुलिस की एक विशेष टीम आरोपियों की निशानदेही पर गावली देव के जंगलों में बलिराम के कंकाल, हड्डियों के अवशेष और हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियारों को खोजने के लिए व्यापक सर्च ऑपरेशन चला रही है। इस घटना ने समाज के सामने फिर से अवैध संबंधों के घातक परिणामों और अपराध की भयावहता को उजागर किया है। फिलहाल पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
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