PoK News : पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoK) में स्थानीय नागरिकों पर वहां के सुरक्षा बलों और फौज का जुल्म लगातार बढ़ता ही जा रहा है। आज तड़के पाकिस्तानी फौजियों ने शांतिप्रिय स्थानीय नागरिकों के खिलाफ अचानक बेहद हिंसक और दमनकारी कार्रवाई शुरू कर दी। इस अमानवीय कृत्य में कम से कम 6 बेगुनाह नागरिकों की मौत होने की दर्दनाक खबर सामने आई है। सेना की इस चरम बर्बरता और क्रूरता के बाद पूरे इलाके में भयंकर आक्रोश फैल गया है। स्थानीय जनता का गुस्सा इस समय सातवें आसमान पर है, जिसके कारण क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह बेकाबू हो चुकी है और तनाव चरम पर है।

सुबह-सुबह निहत्थे नागरिकों पर बिना किसी उकसावे के हमला
क्षेत्र से प्राप्त विश्वसनीय जानकारी के मुताबिक, आज सुबह-सुबह जब लोग अपनी दिनचर्या में व्यस्त थे, तभी पाकिस्तानी सेना और स्थानीय सुरक्षा बलों ने बिना किसी उकसावे या चेतावनी के आम नागरिकों के खिलाफ एक बड़ी सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी। देखते ही देखते क्रूर सुरक्षा बलों ने शांतिपूर्ण ढंग से रह रहे निहत्थे लोगों पर भारी बल प्रयोग करना शुरू कर दिया और उन पर सीधे गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। सुरक्षा बलों द्वारा अचानक किए गए इस अप्रत्याशित और खूनी हमले से पूरे इलाके में भयंकर भगदड़ मच गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे और कई बेकसूर नागरिक इस अंधाधुंध गोलीबारी की चपेट में आ गए।

विभिन्न जिलों में हुई मौतें और मारे गए नागरिकों की पहचान
पाकिस्तानी सुरक्षा बलों द्वारा की गई इस बेहद हिंसक और दमनकारी कार्रवाई में अब तक कुल 6 बेगुनाह नागरिकों के मारे जाने की आधिकारिक पुष्टि हो चुकी है। इस खूनी खेल में जान गंवाने वाले कुछ मृतकों की पहचान भी धीरे-धीरे सामने आने लगी है, जिससे स्थानीय लोगों का दुख और गुस्सा और ज्यादा बढ़ गया है।
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रावलकोट में पहली शहादत: मटियाल मीरा बस टर्मिनल (रावलकोट) के पास हुई हिंसक सैन्य कार्रवाई में वाजिद हयात नाम के एक स्थानीय नागरिक की गोली लगने से जान चली गई।
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सुधनोती में भारी खून-खराबा: बलोच (सुधनोती) इलाके में सुरक्षा बलों द्वारा की गई भीषण गोलीबारी में जाहिद मुगल, जफर मुगल और अर्सलान अकबर सहित कई अन्य नागरिकों को मौत के घाट उतार दिया गया।
स्थानीय जनता का फूटा गुस्सा और चश्मदीदों के भयानक बयान
इस वीभत्स और दुखद घटना के बाद से ही पूरे पीओके (PoJK) क्षेत्र में माहौल बेहद संवेदनशील और तनावपूर्ण बना हुआ है। बिना किसी ठोस कारण के आम और शांतिप्रिय नागरिकों पर की गई इस एकतरफा हिंसक कार्रवाई को लेकर स्थानीय जनता में पाकिस्तानी हुकूमत और वहां की दमनकारी सेना के खिलाफ भारी गुस्सा और जनविद्रोह देखा जा रहा है। घटना के प्रत्यक्षदर्शियों यानी चश्मदीदों का साफ कहना है कि सुरक्षा बलों ने बिना किसी पूर्व चेतावनी या बातचीत के सीधे तौर पर नागरिकों को निशाना बनाकर उन पर गोलियां चलाईं, जिसका मकसद केवल डर का माहौल पैदा करना था। अब इस अत्याचार के खिलाफ पूरे क्षेत्र में बड़े आंदोलन की सुगबुगाहट तेज हो गई है।
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