Gen-z protest Nepal: नेपाल में गृह मंत्री रमेश लेखक का इस्तीफा, ‘जेन-जी आंदोलन’ के बाद ओली सरकार पर संकट गहराया

Gen-z protest Nepal: नेपाल में जेन-जी आंदोलन के बाद देश की राजनीतिक स्थिति और अशांत हो गई है। आंदोलन के दौरान हुई हिंसा और पुलिस कार्रवाई को लेकर विरोध लगातार बढ़ता जा रहा था। इसी दबाव के बीच नेपाल के गृह मंत्री रमेश लेखक ने प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। अब यह मुद्दा ओली सरकार के लिए राजनीतिक संकट में बदलता नजर आ रहा है।

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क्या है जेन-जी आंदोलन?

सोशल मीडिया पर लगाए गए बैन के खिलाफ युवाओं के नेतृत्व में सोमवार से शुरू हुआ जेन-जी आंदोलन देखते ही देखते पूरे देश में फैल गया। सोशल मीडिया की स्वतंत्रता के लिए उठी यह आवाज, अब जन आंदोलन का रूप ले चुकी है।

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प्रदर्शनकारियों ने राजधानी काठमांडू में संसद भवन की ओर मार्च निकाला, जिस पर पुलिस ने गोलीबारी और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। इस कार्रवाई में 20 प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई, जबकि 200 से अधिक लोग घायल हुए हैं। इसके बाद से ही पूरे देश में सरकार के खिलाफ माहौल बन गया।

गृह मंत्री का इस्तीफा और राजनीतिक प्रतिक्रिया

प्रदर्शन के बाद नेपाल कांग्रेस अध्यक्ष शेर बहादुर देउबा ने हाईलेवल बैठक बुलाई, जिसमें गृह मंत्री के इस्तीफे और ओली सरकार से समर्थन वापसी पर चर्चा हुई। शाम 6 बजे प्रधानमंत्री ओली की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में गृह मंत्री रमेश लेखक ने इस्तीफा दे दिया।

कई सिविल सोसाइटी एक्टिविस्ट और मानवाधिकार संगठनों ने भी लेखक के इस्तीफे की मांग की थी। अब ओली सरकार पर नैतिक और राजनीतिक दबाव और भी बढ़ गया है।

सोशल मीडिया बैन पर घमासान

कांग्रेस नेता शेर बहादुर देउबा ने सोशल मीडिया पर लगे प्रतिबंध को तुरंत हटाने की मांग की है। उनका कहना है कि लोकतंत्र में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सबसे अहम है, और इस तरह का बैन युवाओं को उकसाने का काम कर रहा है।

ओली सरकार ने सोमवार को इंटरनेट पर ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर बैन लगा दिया था, जिसे आंदोलन की मुख्य वजह माना जा रहा है।

संयुक्त राष्ट्र की प्रतिक्रिया

नेपाल में संयुक्त राष्ट्र की रेजिडेंट कोऑर्डिनेटर हाना सिंगर-हम्दी ने प्रदर्शन में मारे गए लोगों पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने कहा,“यह जरूरी है कि सभी पक्ष संयम बरतें और ऐसा वातावरण बनाएं जिसमें नागरिक शांतिपूर्ण ढंग से अपने अधिकारों का प्रयोग कर सकें।”

क्या ओली सरकार खतरे में है?

नेपाल की कम्युनिस्ट पार्टी (CPN-UML) और कांग्रेस के गठबंधन से चल रही सरकार अब टूटने के कगार पर दिख रही है। अगर कांग्रेस ने समर्थन वापस लिया, तो ओली सरकार अल्पमत में आ सकती है। आने वाले दिनों में नेपाल की राजनीति में बड़ा उलटफेर संभव है।

गृह मंत्री का इस्तीफा जेन-जी आंदोलन की पहली राजनीतिक जीत के रूप में देखा जा रहा है, लेकिन इससे असल संकट की शुरुआत हुई है। सोशल मीडिया की स्वतंत्रता, पुलिस की कार्रवाई और लोकतांत्रिक अधिकारों पर बहस ने नेपाल की राजनीति में नया मोड़ ला दिया है। ओली सरकार के लिए यह समय अग्निपरीक्षा से कम नहीं।

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